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जलवायु परिवर्तन: इन्सानी गतिविधियों के कारण कार्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जन बढ़ा, नहीं चेते तो बढ़ेगा संकट

Sun, 19 May 2024 03:21 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Sun, 19 May 2024 03:21 AM IST
सार

नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज में प्रकाशित अध्ययन पृथ्वी के अतीत में अचानक हुए जलवायु परिवर्तन की अवधि के बारे में अहम खुलासा करता है। वैज्ञानिकों ने 3.2 किमी गहराई तक ड्रिलिंग की। पता चला कि सैकड़ों हजारों वर्षों में अंटार्कटिका में बनी बर्फ में हवा के बुलबुलों में फंसी प्राचीन वायुमंडलीय गैसें भी हैं।

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Climate Change Carbon Emission Surge at peak Human Activities more dangerous
जलवायु परिवर्तन के प्रभाव (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

जलवायु इतिहास में अब तक की सबसे तेज मानवजनित कार्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जन (सीओ 2) की दर रिकॉर्ड की गई है। यह दर पिछले 50 हजार वर्षों की तुलना में 10 गुना तेज है। शोधकर्ताओं की अंतरराष्ट्रीय टीम ने प्राचीन अंटार्कटिका की बर्फ का गहन रासायनिक विश्लेषण करके यह पता लगाया है। 

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नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज में प्रकाशित अध्ययन पृथ्वी के अतीत में अचानक हुए जलवायु परिवर्तन की अवधि के बारे में अहम खुलासा करता है। वैज्ञानिकों ने पिछला रिकॉर्ड पता लगाने के लिए 3.2 किमी गहराई तक ड्रिलिंग कर वहां से एकत्र किए गए बर्फ के नमूनों का उपयोग किया। पता चला कि सैकड़ों हजारों वर्षों में अंटार्कटिका में बनी बर्फ में हवा के बुलबुलों में फंसी प्राचीन वायुमंडलीय गैसें भी हैं। सीओ 2 ग्रीनहाउस गैस है जो वायुमंडल में प्राकृतिक रूप से पाई जाती है। जब यह वायुमंडल में प्रवेश करती है तो ग्रीनहाउस प्रभाव के कारण जलवायु को गर्म कर देती है। अतीत में हिमयुग चक्रों और अन्य प्राकृतिक कारणों से सीओ 2 के स्तर में उतार-चढ़ाव होता रहा है, लेकिन आज मानवजनित उत्सर्जन के कारण यह तूफानी रफ्तार से बढ़ रहा है।  

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ये इन्सानी गतिविधियां वजह 
बिजली की खपत : जीवाश्म ईंधन से सीओ 2 उत्सर्जित होती है, कोयले से पेट्रोलियम की तुलना में दोगुनी गैस निकलती है। दुनियाभर में जीवाश्म ईंधन से 85 फीसदी बिजली पैदा होती है।

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परिवहन : यह सीओ 2 उत्सर्जन का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत है।
भवन : औद्योगिक विनिर्माण बहुत अधिक सीओ 2 उत्सर्जित करता है। 
वनों की कटाई : पेड़ हवा से सीओ 2 उत्सर्जन को अवशोषित करने और हटाने के लिए सबसे शक्तिशाली माध्यम हैं। इनकी कटाई भी उत्सर्जन बढ़ा रही है। 

77 फीसदी हिस्सा सीओ 2 का 
कुछ वैज्ञानिक नाइट्रोजन ट्राइफ्लोराइड, मीथेन और कालिख के बढ़ते वायुमंडलीय स्तर पर ध्यान केंद्रित करना शुरू कर रहे हैं, इसके बावजजूद सीओ 2 का तेज उत्सर्जन चिंता का विषय है। सीओ 2 मानव निर्मित ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन का 77 फीसदी हिस्सा है। इतनी तीव्र गति से हो रहा है उत्सर्जन भविष्य के लिए खतरे की घंटी है। ऐसे में प्रकृति कब अपना रौद्र रूप दिखा दे कहना कठिन है। 

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