फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Class 12 Madurai girl keeps Jallikattu bull as her friend trains him for sport

Tamil Nadu: तीन साल से बैल के साथ समय बिता रही 12वीं क्लास की दिव्यदर्शिनी, जल्लीकट्टू के लिए दे रही ट्रेनिंग

Tue, 27 Dec 2022 07:19 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मदुरै
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मदुरै Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 27 Dec 2022 07:19 PM IST
सार

दिव्यदर्शिनी कहती हैं, जल्लीकट्टू अगले महीने होगा। अब हम जल्लीकट्टू के लिए बैल को तैयार करने में लगे हैं। फिलहाल हम बैल को चारा दे रहे हैं और भविष्य में चलने, तैरने और मिट्टी खोदने का प्रशिक्षण देंगे।

विज्ञापन
Class 12 Madurai girl keeps Jallikattu bull as her friend trains him for sport
जल्लीकट्टू बैल के साथ दिव्यदर्शिनी - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

तमिलनाडु के मदुरै में 12वीं क्लास में पढ़ने वाली दिव्यदर्शिनी बीते तीन वर्षों से एक बैल के साथ समय बिता रही हैं। जानवरों के प्रति प्रेम भाव रखने वाली दिव्यदर्शिनी इस बैल को जल्लीकट्टू के लिए प्रशिक्षित कर रही हैं। जल्लीकट्टूट, राज्य में जानवरों को वश में करने वाला प्रसिद खेल है।

विज्ञापन


एक ओर जहां बैल को देखकर जल्लीकट्टू के खिलाड़ी भी डर जाते हैं और साइड हो जाते हैं, वहीं दिव्यदर्शिनी इसके साथ दोस्ताना व्यवहार करने का फैसला किया। वह पिछले तीन साल से बैल के साथ समय बिता रही हैं और उसे प्रशिक्षण दे रही हैं। दिव्यदर्शिनी बताती हैं, मैं 12वीं क्लास में पढ़ती हूं और हमारे परिवार जल्लीकट्टू बैलों की चार पीढ़ियां हैं। 
विज्ञापन


इस बैल को अपने परिवार का सदस्य बताते हुए वह कहती हैं, जल्लीकट्टू अगले महीने होगा। अब हम जल्लीकट्टू के लिए बैल को तैयार करने में लगे हैं। फिलहाल हम बैल को चारा दे रहे हैं और भविष्य में चलने, तैरने और मिट्टी खोदने का प्रशिक्षण देंगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


दिव्यदर्शिनी बताती हैं, मेरा बैल जब घर पर होता है तो शांत रहता है, लेकिन जब वह जल्लीकट्टू के मैदान में जाता है तो आक्रामक होता है। बैल घर के लिए लोगों से कुछ नहीं करता है। 


तमिलनाडु के मदुरै में पोंगल के त्योहार से पहले 'बुल ट्रेनर' जल्लीकट्टू के लिए कमर कस रहे हैं। मदुरै जिले के पोडुम्बू गांव में बीस से ज्यादा युवाओं ने इस प्रतियोगिता के लिए बैलों को प्रशिक्षित करना शुरू कर दिया है। बैलों को चलने और तैरने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जल्लीकट्टू को एरू थजुवुथुल या मनकुविरत्तु के नाम से भी जाना जाता है। इसका आयोजन अगले कुछ हफ्तों में किया जाएगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed