फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Clash in Samajwadi Party over qaumi Ekta dal issue

'एक पार्टी' की वजह से बढ़ीं अखिलेश और मुलायम में दूरियां?

Tue, 16 Aug 2016 04:07 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 16 Aug 2016 04:07 PM IST
विज्ञापन
Clash in Samajwadi Party over qaumi Ekta dal issue
अखिलेश और मुलायम
साल 2017 में होने वाले उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी में अंतर्कलह सामने आ रही है। इसकी वजह पूर्वांचल के बाहुबली मुख्तार अंसारी की पार्टी कौमी एकता दल (कौएद) है। कौएद के सपा में विलय की एक बार फिर चर्चा है। सूत्रों के अनुसार इस बार मुलायम सिंह यादव खुद इसमें दिलचस्पी दिखा रहे हैं। हालांकि, अखिलेश यादव इसके खिलाफ हैं। उन्होंने पहले ही कह दिया है कि बाहुबलियों के लिए पार्टी में कोई जगह नहीं है। ऐसे में समाजवादी पार्टी में आंतरिक लड़ाई अब खुलकर सामने आ रही है।
विज्ञापन


बताते चलें कि बीते जून महीने में कौमी एकता दल का सपा में विलय हो गया था। बताया जा रहा था कि इसमें कैबिनेट मंत्री बलराम यादव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इससे नाराज मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उन्हें मंत्रीमंडल से हटा दिया था। हालांकि, विलय रद्द होने के बाद उन्हें दोबारा कैबिनेट में शामिल कर लिया गया।
विज्ञापन


अखिलेश यादव इस पूरे विलय से काफी नाराज दिखे थे। उन्होंने पहले आजमगढ़ में एक प्रोग्राम में कहा कि सपा के कार्यकर्ता पूरे दमखम के साथ काम करेंगे तो किसी और पार्टी के विलय की जरूरत नहीं पड़ेगी। सभी का मानना है कि यह विलय अखिलेश की नाराजगी के बाद ही रद्द करना पड़ा था। पार्टी द्वारा बाहुबलियों को संरक्षण देने का आरोप लगने और लॉ एंड ऑर्डर के मुद्दे पर वह सरकार को बैकफुट पर नहीं आने देना चाहते थे। इसी को देखते हुए उन्होंने विलय रद्द करने की घोषणा की थी। यह ठीक उसी तरह है जैसे साल 2012 के चुनाव से ठीक पहले डीपी यादव को पार्टी से निकालकर वह चर्चा में आए थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


माना जाता है कि समाजवादी पार्टी में काम बंटा हुआ है। एक तरफ अखिलेश यादव सरकार चला रहे हैं, तो शिवपाल यादव संगठन की रूप रेखा तैयार करते हैं। हालांकि, कौमी एकता दल के विलय के सूत्रधार बलराम यादव थे, लेकिन उसके पीछे शिवपाल यादव की सहमति थी। वहीं, शिवपाल का कहना था कि उन्होंने मुलायम सिंह यादव की अनुमति के बाद ही इस ओर कदम आगे बढ़ाया था। इस विलय के रद्द होने के बाद से शिवपाल नाराज चल रहे हैं।

शिवपाल की नाराजगी के बाद मुलायम ने दिया बयान

Clash in Samajwadi Party over qaumi Ekta dal issue
शिवपाल और मुलायम
इधर बीते कुछ दिनों से शिवपाल यादव के नाराजगी की बात सामने आ रही है। मैनपुरी के एक प्रोग्राम में उन्होंने यहां तक कह दिया था कि पार्टी के कुछ जिम्मेदार लोग जमीनों पर कब्जा और गरीबों का दमन कर रहे हैं। अगर यह नहीं रुका तो वह इस्तीफा देकर विपक्ष में बैठ जाएंगे। उन्होंने कहा था कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो पार्टी के लिए कई मुश्किलें खड़ी हो जाएंगी।

इसके कुछ दिन बाद मुलायम सिंह यादव ने कहा कि पार्टी के कुछ जिम्मेदार लोग शिवपाल का अपमान कर रहे हैं। इससे नाराज शिवपाल ने तीन बार इस्तीफे की पेशकश की थी। समझ में नहीं आता कि पार्टी के कई जिम्मेदार लोग शिवपाल के पीछे क्यों पड़े हैं। 

'अखिलेश के मंत्री करते हैं गड़बड़ी'

Clash in Samajwadi Party over qaumi Ekta dal issue
अखिलेश और मुलायम
मुलायम सिंह ने अखिलेश यादव के मंत्रियों के प्रति भी गहरी नाराजगी जताई और कहा कि हमारे मंत्री सुविधाखोर हो गए हैं और गड़बड़ी करते हैं। इससे पार्टी की बदनामी हो रही है और व्यवस्थाएं खराब हो रही हैं।

इससे साफ जाहिर होता है कि जून के महीने में कौमी एकता दल के विलय के बाद के घटनाक्रम से पार्टी और सरकार में सब कुछ सही नहीं चल रहा है। अखिलेश यादव  और मुलायम सिंह भी एक मत नहीं दिख रहे हैं और दोनों के बीच दूरियां दिख रही हैं।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed