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सिविल सेवा टॉप करने के बाद भी अधूरा रह गया टीना डाबी का सपना
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 26 Jul 2016 11:37 AM IST
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2015 में सिविल सेवा टॉप करने के बाद भी पहले दो टॉपर्स टीना डाबी (प्रथम स्थान) और अतहर आमिर उल शफी खान (दूसरा स्थान) का सपना अधूरा रह गया।
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बता दें कि 2015 में लोक सेवा आयोग की परीक्षा में प्रथम तीन टॉपर्स को उनका कैडर अलॉट कर दिया गया है। बता दें कि परीक्षा टॉप करने वाली मध्य प्रदेश से टीना डाबी, दूसरा स्थान हासिल करने वाले जम्मू और कश्मीर के अतहर आमिर उल शफी खान और तीसरा स्थान हासिल करने वाले दिल्ली के जसमीत सिंह संधू को राजस्थान कैडर अलॉट किया गया है। इनके कैडर का अलॉटमेंट कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ( डीओपीटी ) द्वारा किया गया है।
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इनके साथ ही उन 180 आईएएस अधिकारियों को भी विभिन्न कैडर अलॉट किए गए हैं जिन्होंने परीक्षा पास की थी। बता दें कि सिविल सर्विस की परीक्षा हर साल तीन चरणों में आयोजित कराई जाती है जिसमें प्री, मेन और साक्षात्कार शामिल होता है। इन चरणों को जो उत्तीर्ण कर लेते है उन्हें आईएएस, आईपीएस सहित अन्य पदों के लिए चयनित किया जाता है।
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इसलिए अधूरा रह गया सपना
तहर आमिर उल शफी खान
- फोटो : अमर उजाला
वहीं अंग्रेजी अखबार हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक टीना को उनका मनचाहा कैडर नहीं मिला है। अखबार के अनुसार टीना हरियाणा कैडर चाहती थीं। टीना अपना कैडर इसलिए हरियाणा चाहती थी ताकि वो महिला सशक्तिकरण को नए आयाम दे सकें। साथ ही दूसरे टॉपर अतहर आमिर उल शफी खान को भी उनका मनचाहा कैडर नहीं मिला है। वो अपने राज्य यानी जम्मू और कश्मीर में ही अपनी सेवा प्रदान करना चाहते थे।
इन दोनों को इनका मनचाहा कैडर इसलिए नहीं मिल पाया क्योंकि दोनों ही जगह हरियाणा और जम्मू कश्मीर में सिर्फ दो-दो पद ही रिक्त थे।
इन दोनों को इनका मनचाहा कैडर इसलिए नहीं मिल पाया क्योंकि दोनों ही जगह हरियाणा और जम्मू कश्मीर में सिर्फ दो-दो पद ही रिक्त थे।