नागरिकता बिल पर पूर्वोत्तर में उबाल, जनजीवन अस्त-व्यस्त, तिनसुकिया डिवीजन ने आठ ट्रेनों को किया रद्द
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असम में नागरिकता (संशोधन) विधेयक के खिलाफ दो छात्र संगठनों के राज्यव्यापी बंद के आह्वान के बाद ब्रह्मपुत्र घाटी में जनजीवन ठप है। ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन और नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन की ओर से बुलाए गए 11 घंटे के बंद का असर बंगाली बहुल बराक घाटी में कुछ खास नहीं रहा। शहर के मालीगांव क्षेत्र में एक सरकारी बस पर पत्थरबाजी हुई और एक स्कूटर को आग के हवाले कर दिया गया। वहीं आसामी अभिनेता उत्पल दास और अभिनेत्री वर्षा रानी बिस्वास भी इस प्रदर्शन में शामिल हो गए हैं।
लोकसभा में पारित हो चुके नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर पूर्वोत्तर के राज्य में मंगलवार को आयोजित बंद को लेकर जनजीवन खासा प्रभावित हुआ। नार्थ ईस्ट स्टूडेंट यूनियन एनईएसओ ने इस बंद का आह्वान किया है। एनईएसओ पूर्वोत्तर में सक्रिय छात्र संगठनों का शीर्ष संगठन है। बंद का सबसे अधिक असर असम, मणिपुर, मेघालय में देखने को मिला जबकि अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम में बंद सामान्य ही रहा।
प्रदर्शन को देखते हुए आठ ट्रेनें रद्द
भारतीय रेलवे ने असम के तिनसुकिया डिवीजन ने आठ ट्रेनों को रद्द कर दिया है साथ ही आठ ट्रेनों को कुछ दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया है। ऐसा कई संगठनों और संघों द्वारा अनिश्चितकालीन रेल रोको अभियान चलाने के बाद किया गया है।
असम में दुकानें, व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद
असम की ब्रह्मपुत्र घाटी इलाके में बंद का खासा असर रहा और यहां के छात्र संगठनों और वाम संगठनों ने जोरदार ढंग से विरोध प्रदर्शन किया। इन संगठनों में ऑल असम स्टूडेंट यूनियन, नार्थ ईस्ट स्टूडेंट आर्गेनाइजेशन सहित एसएफआई, एडवा, आइसा, एआईएसएफ, डीवाईएफआई शामिल थे। हालांकि बांग्ला प्रभुत्व वाले बराक घाटी में इस बंद का अधिक असर नहीं दिखा। अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि राज्य में कई जगहों पर दुकानें, व्यापारिक प्रतिष्ठन बंद रहे। गुवाहाटी में विधेयक के विरोध में कई जगह प्रदर्शन किया गया। सचिवालय के निकट आंदोलनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़प भी हुई। यहां रेलवे प्रवक्ता नं बताया कि आंदोलन की वजह से कई जगहों पर रेल यातायात प्रभावित हुआ। सड़कों पर सार्वजनिक और निजी वाहन नदारद ही रहे। ड्रिबूगढ़ में प्रदर्शनकारी सीआईएसएफ जवानों के बीच मामूली हिंसा भी हुई। इस घटना में तीन जवानों को चोटें भी आई हैं।
अरुणाचल प्रदेश में 11 घंटे का बंद
नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर अरुणाचल प्रदेश में 11 घंटे का बंद आयोजित किया गया। इस दौरान बैंक, वाणिज्यिक संस्थान और बाजार पूरी तरह से बंद रहे अैर सड़कों पर निजी वाहन नहीं उतरे। सरकारी दफ्तरों में भी उपस्थिति बेहद कम रही।
मणिपुर में शाम तीन घंटे का बंद
विधेयक के विरोध में ऑल मणिपुर स्टूडेंट यूनियन ने मंगलवार शाम तीन बजे से छह बजे तक का पूर्ण बंद का आह्वान किया। यूनियन ने यहां तक कहा है कि अगर विधेयक फौरन वापस नहीं लिया गया तो वे अपना आंदोलन और तेज कर देंगे। ऑल मणिपुर स्टूडेंट्स यूनियन के अध्यक्ष एलए मैतेई ने कहा कि केंद्र सरकार के पैर वापस खींचने तक उनका आंदोलन चलेगा।
मेघालय में सुबह पांच से शाम चार बजे तक बंद ।
मेघालय में खासी स्टूडेंट यूनियन ने बंद आयोजित कयिा और इस दौरान दुकानों, व्यापारिक संस्थानों और बाजारों का शटर गिरा ही रहा। राज्य में शैक्षिक और वित्तीय संस्थाएं भी बंद रहीं। कुछ जगहों पर टायर जलाने की घटनाएं भी सामने आई। प्रशासन ने संवेदनशील जगहों पर पुलिस और सीआरपीएफ के अतिरिक्त जवानों को बतौर एहतियातन तैनात किया गया।
बंद को देखते हुए सभी पहले से तय परीक्षाओं की समय-सारिणी बदल दी गई है। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी और टायर जलाए। कई अन्य संगठनों और राजनीतिक दलों ने इसे अपना समर्थन दिया है। इस बंद के आह्वान के मद्देनजर असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। नगालैंड में चल रहे हॉर्नबिल महोत्सव की वजह से राज्य को बंद के दायरे से बाहर रखा गया है।
Assam: Various organisations continue to protest in Guwahati against #CitizenshipAmendmentBill. Assamese actors Barsha Rani Bishaya and Utpal Das also present. pic.twitter.com/98uvMMImG1
— ANI (@ANI) December 10, 2019
शैक्षणिक और वित्तीय संस्थान भी पूरे दिन के लिए बंद रहे। गुवाहाटी के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े जुलुस निकाले गए। प्रदर्शनकारी नागरिकता (संशोधन) विधेयक, 2019 के खिलाफ नारे लगा रहे थे।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि सचिवालय और विधानसभा की इमारतों के बाहर गुवाहाटी में प्रदर्शनकारियों से सुरक्षा बलों की झड़प भी हुई क्योंकि पुलिस प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक रही थी। उन्होंने बताया कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने नॉर्थ फ्रंटियर रेलवे मुख्यालय का प्रवेश द्वार भी यहां बंद करने की कोशिश की।
नागरिकता संशोधन विधेयक पर देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन जारी हैं। असम में छात्रों का बिल के खिलाफ विरोध मंगलवार को भी जारी रहा। असम के डिब्रूगढ़ में लोगों ने इस बिल के खिलाफ प्रदर्शन किया। कई जगह आगजनी की घटनाएं भी हुईं।
Assam: Protest continues in Dibrugarh against #CitizenshipAmendmentBill. pic.twitter.com/hQAXQnY801
— ANI (@ANI) December 10, 2019