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Hindi News ›   India News ›   CISF 200 New officers join force 39th batch passing-out parade of 76 Assistant Commandants and Sub-Inspectors

CISF: सीआईएसएफ में शामिल हुए 200 अधिकारी; 39वें बैच के 76 असिस्टेंट कमांडेंट और 124 एसआई की पासिंग आउट परेड

Sat, 13 Jun 2026 03:28 PM IST
Jyoti Bhaskar डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली।
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: Jyoti Bhaskar Updated Sat, 13 Jun 2026 03:28 PM IST
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CISF 200 New officers join force 39th batch passing-out parade of 76 Assistant Commandants and Sub-Inspectors
सीआईएसएफ की पासिंग आउट परेड - फोटो : अमर उजाला / एजेंसी

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के प्रमुख प्रशिक्षण संस्थान नेशनल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी एकेडमी (एनआईएसए), हैदराबाद में शनिवार को भव्य 'पासिंग आउट परेड' (दीक्षांत परेड) का आयोजन किया गया। इस समारोह के साथ ही 39वें बैच के 76 असिस्टेंट कमांडेंट और नौवें बैच के 124 एसआई (पूर्व सैनिक) समेत कुल 200 प्रशिक्षित अधिकारी औपचारिक रूप से सीआईएसएफ में शामिल हो गए हैं।तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला बतौर मुख्य अतिथि इस समारोह में शामिल हुए। 

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सीआईएसएफ के मुताबिक, इस साल पास आउट होने वाले 76 असिस्टेंट कमांडेंट का चयन संघ लोक सेवा आयोग की सीएपीएफ की परीक्षा के जरिए हुआ है। इनमें पांच महिला अधिकारी भी शामिल हैं। परेड का नेतृत्व परेड कमांडर असिस्टेंट कमांडेंट मनीष कुमार राय और परेड 2-I/C असिस्टेंट कमांडेंट रोशनी देवी ने किया। असिस्टेंट कमांडेंट सुमित लठवाल को उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए 'ऑल राउंड बेस्ट' चुना गया। उन्हें प्रतिष्ठित 'स्वॉर्ड ऑफ ऑनर' से सम्मानित किया गया।
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राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने नए अधिकारियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा, यह परेड अनुशासन, समर्पण और पेशेवर कुशलता का एक बेमिसाल उदाहरण है। सीआईएसएफ आज भारत के सुरक्षा ढांचे का एक मजबूत स्तंभ बन चुका है, जो देश की आर्थिक प्रगति और जनता के भरोसे की रक्षा कर रहा है। शुक्ला ने कहा, आपके कंधों पर लगे ये सितारे सिर्फ एक रैंक नहीं, बल्कि देश का विश्वास और आपकी जिम्मेदारी हैं। अपने चरित्र, ईमानदारी और साहस से समाज के सामने एक मिसाल पेश करें। 
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सीआईएसएफ के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने कहा, यह बल आज देश भर में 359 से अधिक संवेदनशील ठिकानों की सुरक्षा कर रहा है। हमारा लक्ष्य बल को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार और तकनीक से लैस बनाना है, ताकि हर नए सुरक्षा खतरे का सामना किया जा सके। 

ड्रोन और कमांडो ट्रेनिंग
आरटीसी बहरोड़ को गृह मंत्रालय द्वारा ‘रिमोट पायलट ट्रेनिंग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ बनाया गया है। वहीं, बंगलूरू की 10वीं रिजर्व बटालियन को ‘महिला कमांडो और क्यूआरटी ट्रेनिंग’ के लिए समर्पित केंद्र के रूप में विकसित किया गया है।

सेना के साथ ट्रेनिंग
भारतीय सेना और एनएसजी के साथ मिलकर चलाए गए ‘बैटल हार्डनिंग प्रोग्राम’ के तहत 2,643 जवानों को प्रशिक्षित किया गया है। साल 2025-26 में 4,500 से अधिक जवानों की कार्यक्षमता बढ़ाई गई है, जबकि साइबर सुरक्षा के लिए 1,600 साइबर कमांडो तैयार किए गए हैं।

प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ समझौते
साइबर और एडवांस तकनीक के क्षेत्र में क्षमता बढ़ाने के लिए एनआईटी, एनएफएसयू, आईआईटी मद्रास और आईआईडीएम कांचीपुरम के साथ समझौते किए गए हैं।

अंतरराष्ट्रीय पहचान
हैदराबाद का एनआईएसए एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का एक्सीलेंस सेंटर है, जहां श्रीलंका और नेपाल के अधिकारियों को भी बुनियादी ढांचा सुरक्षा और सीमा सुरक्षा की ट्रेनिंग दी जाती है।

सर्वश्रेष्ठ ट्रेनिंग संस्थान के रूप में पहचान
हैदराबाद का एनआईएसए अपनी बेहतरीन ट्रेनिंग के लिए पूरे देश में जाना जाता है। इसे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में दो बार (2017-18 और 2020-21) ‘केंद्रीय गृह मंत्री ट्रॉफी फॉर बेस्ट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट’ से सम्मानित किया जा चुका है। साल 2024 में कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन द्वारा इसे ‘उत्कृष्ट’ संस्थान के रूप में मान्यता भी दी गई थी।

बुनियादी ढांचे का विस्तार
बिहार सरकार ने किशनगंज में ‘7वें क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र’ के लिए 110 एकड़ जमीन आवंटित की है, जिससे सीआईएसएफ का ट्रेनिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर और मजबूत होगा।


कठिन प्रशिक्षण से निखरे अधिकारी
असिस्टेंट कमांडेंटस ने 57 हफ्तों का कड़ा प्रशिक्षण पूरा किया है, जिसमें इंडस्ट्रियल सुरक्षा, विमानन सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, वीआईपी सुरक्षा, अर्बन ऑपरेशंस और आधुनिक हथियार चलाना शामिल है। वहीं, सब-इस्पेक्टर (पूर्व सैनिक) बैच ने 21 हफ्तों का कोर्स पूरा किया है। इन सभी को कॉम्पीटेंसी-बेस्ड ट्रेनिंग पद्धति से सिखाया गया है, ताकि वे विपरीत परिस्थितियों में भी त्वरित और सटीक फैसले ले सकें। ये नए अधिकारी अब सीपोर्ट (समुद्री बंदरगाह) और जेल सुरक्षा जैसी नई और बढ़ती जिम्मेदारियों को संभालने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

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