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चिराग का दर्द: खामोशी से 'हनुमान' का वध देखना 'राम' को शोभा नहीं देता, अब पीएम मोदी से मांगी मदद
Thu, 24 Jun 2021 03:16 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 24 Jun 2021 03:16 AM IST
सार
चिराग पासवान ने कहा कि मुझे प्रधानमंत्री मोदी से मध्यस्थता की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि हमें विश्वास है कि प्रधानमंत्री जल्द ही इस मामले में हस्तक्षेप कर सब कुछ सही करेंगे।
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प्रधानमंत्री मोदी और चिराग पासवान
- फोटो : social media
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विस्तार
लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) में टूट के बाद चिराग पासवान ने पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद की गुहार लगाई है। चिराग पासवान ने कहा कि अगर ‘हनुमान’ का वध हो तो राम को चुप रहना सही नहीं है।
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उन्होंने कहा कि लोजपा के भीतर टूट पर नरेंद्र मोदी से मुझे मध्यस्थता की उम्मीद है। हाल ही में बिहार में विधानसभा चुनाव के दौरान चिराग ने खुद को प्रधानमंत्री मोदी का ‘हनुमान’ बताया था।
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चिराग पासवान ने कहा खामोशी से हनुमान का वध राम को देखना शोभा नहीं देता है। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी ने हमेशा से भाजपा का साथ दिया है, लेकिन आज जब हम मुश्किल में है, तो भाजपा के नेताओं ने चुप्पी साध ली है।
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चिराग पासवान ने कहा कि मुझे प्रधानमंत्री मोदी से मध्यस्थता की उम्मीद है। उन्होंने आगे कहा कि हमें विश्वास है कि प्रधानमंत्री जल्द ही इस मामले में हस्तक्षेप कर सब कुछ सही करेंगे। इससे पहले, चिराग पासवान ने एक और साक्षात्कार में कहा था कि बीजेपी से एकतरफा प्यार नहीं किया जा सकता है।
उन्होंने इस दौरान कहा कि चाचा पशुपति पारस पर भरोसा करना सबसे बड़ी गलती है। चिराग ने कहा कि मैंने पिता की तरह अपने परिजनों पर भरोसा किया, जिसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। बता दें, लोजपा में पशुपति कुमार पारस और चिराग के बीच पार्टी पर कब्जे की लड़ाई में पार्टी के सांसदों ने भी पशुपति का साथ दिया।