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दोकलम के बाद अरुणाचल सीमा के पास घुसी चीनी सेना, बनाए कैंप, घर और टॉवर
एजेंसी, किबितू (अरुणाचल प्रदेश)
Updated Sat, 31 Mar 2018 03:31 PM IST
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दोकलम क्षेत्र में 73 दिनों तक चले गतिरोध के बाद चीन ने इस बार अरुणाचल प्रदेश के एक हिस्से में निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। अरुणाचल प्रदेश के किबितू इलाके के दूसरी तरफ टाटू क्षेत्र में चीन ने बुनियादी ढांचे तैयार कर लिए हैं जिनमें चीनी सेना (पीएलए) के कैंप और घर भी शामिल हैं। टाटू क्षेत्र में सैन्य सर्विलांस उपकरणों के साथ चीन ने निगरानी चौकी और चीनी दूरसंचार टॉवर भी बना लिए हैं।
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हाल ही में चीन जाकर भारतीय राजदूत गौतम बंबावले द्वारा दोकलम में चीनी सैनिकों के दोबारा निर्माण कार्य करने संबंधी रिपोर्ट को खारिज करने के कुछ दिन बाद ही यहां दूरसंचार टॉवरों, सेना के कैंपों और घरों के निर्माण की बात सामने आई है।
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बंबावले ने दावा किया था कि दोकलम की यथास्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। एएनआई द्वारा जारी तस्वीरों में चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश की सीमा से सटे इलाके में निर्माण कार्य साफ तौर पर देखा जा सकता है। एक अन्य तस्वीर में दिखाया गया है कि चीन ने किस प्रकार से टाटू में दूरसंचार के टॉवर खड़े कर लिए हैं।
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यहां चीन ने ऐसी चौकियां भी बना ली हैं जिनमें हर तरह की निगरानी व्यवस्था मौजूद है। भारत-चीन के बीच लंबी सीमा तीन इलाकों में बंटी हुई है। इनमें एक इलाका पश्चिमी लद्दाख और अक्साई-चिन की बीच है, दूसरा मध्य क्षेत्र उत्तराखंड और तिब्बत के बीच और तीसरा पूर्वी क्षेत्र तिब्बत को सिक्किम और अरुणाचल से अलग करता है। चीन ने अपने इसी इलाके में यह निर्माण कार्य किया है। इसे लेकर एक बार फिर दोनों देशों के बीच दोकलम जैसा विवाद पैदा हो सकता है।
यथास्थिति पर भारत-चीन में हुई बयानबाजी
भारत के राजदूत गौतम बंबावले ने हाल ही में साउथ चायना मार्निंग पोस्ट को दिए साक्षात्कार में कहा था कि भारत-चीन सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए कुछ बेहद संवेदनशील इलाके हैं जहां यथास्थिति नहीं बदली जानी चाहिए। यदि कोई उसे बदलने की कोशिश करता है तो इससे दोकलम में जो कुछ हुआ वैसी स्थिति पैदा हो जाएगी। इसकी प्रतिक्रिया में चीन ने कहा था कि दोकलम चीनी इलाका है और इसकी यथास्थिति में बदलाव का सवाल ही खड़ा नहीं होता।