{"_id":"5886f9094f1c1bbb7ecf4a88","slug":"china-will-invest-rs-50-000-crore-in-up","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यूपी में 50,000 हजार करोड़ रुपये का निवेश करेगा चीन","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
यूपी में 50,000 हजार करोड़ रुपये का निवेश करेगा चीन
प्रदीप अवस्थी / कानपुर, ब्यूरो
Updated Tue, 24 Jan 2017 12:20 PM IST
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दीपावली पर चीन में बने पटाखों के बहिष्कार के बाद चीन ने भारत में व्यापार और व्यवसाय की रणनीति में बदलाव किया है। चीन अब ‘मेक इन इंडिया’ प्रोग्राम के तहत भारत में ही उत्पादन और निर्माण शुरू करेगा। यहां विभिन्न तरह के प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए उत्तर प्रदेश को प्रमुखता दी गई है।
चीन आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश में करीब 50,000 करोड़ रुपये निवेश करने की तैयारी में है। इसके लिए दुबई की बैंकिंग कंपनी इलीसियम कैपिटल पार्टनर को जिम्मेदारी सौंपी गई है। आने वाले समय में कानपुर और बनारस के लिए कुछ प्रोजेक्टों की घोषणा हो सकती है।
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चीन आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश में करीब 50,000 करोड़ रुपये निवेश करने की तैयारी में है। इसके लिए दुबई की बैंकिंग कंपनी इलीसियम कैपिटल पार्टनर को जिम्मेदारी सौंपी गई है। आने वाले समय में कानपुर और बनारस के लिए कुछ प्रोजेक्टों की घोषणा हो सकती है।
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भारत में स्मार्ट सिटी, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया जैसी योजनाएं व्यापक पैमाने पर शुरू होने वाली हैं। इनमें निवेश की भारी गुंजाइश है। चीन यहां टेक्नोलॉजी, मीडिया, इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थ केयर और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में निवेश करना चाहता है।
इलीसियम के फाउंडिंग पार्टनर एवं हेड ऑफ कारपोरेट एडवाइज उपमन्यु मिश्रा, इलीसियम के चेयरमैन रिक पुडनर व चीन सरकार के अधिकारी बीते चार माह में केंद्र और राज्य सरकार के एक दर्जन से अधिक विभागों के मंत्रियों से मुलाकात कर चुके हैं।
हर स्तर की मीटिंग सकारात्मक रही है। सोमवार को भी लखनऊ में राज्य सरकार के एक मंत्री के साथ कंपनी के अधिकारियों की मीटिंग हुई। माना जा रहा है अप्रैल तक प्रदेश में किसी बड़े प्रोजेक्ट की घोषणा हो सकती है। चीन सरकार की ओर से भारत में निवेश का यह पहला आधिकारिक मौका है।
इलीसियम के फाउंडिंग पार्टनर एवं हेड ऑफ कारपोरेट एडवाइज उपमन्यु मिश्रा, इलीसियम के चेयरमैन रिक पुडनर व चीन सरकार के अधिकारी बीते चार माह में केंद्र और राज्य सरकार के एक दर्जन से अधिक विभागों के मंत्रियों से मुलाकात कर चुके हैं।
हर स्तर की मीटिंग सकारात्मक रही है। सोमवार को भी लखनऊ में राज्य सरकार के एक मंत्री के साथ कंपनी के अधिकारियों की मीटिंग हुई। माना जा रहा है अप्रैल तक प्रदेश में किसी बड़े प्रोजेक्ट की घोषणा हो सकती है। चीन सरकार की ओर से भारत में निवेश का यह पहला आधिकारिक मौका है।
यूपी में ही निवेश क्यों
चीन भारतीय उपभोक्ताओं की जरूरतों और उनके मिजाज को ध्यान में रखकर उत्पादन व निर्माण करना चाहता है। चीन की नई रणनीति भारत में निवेश करके व्यवसायिक लाभ कमाने की है। इसके लिए जरूरी है कि भारतीयों के मन में उतरा जाए और उनका दिल जीता जाए।
यह तभी संभव है जब उत्पादन भारत के लिए, भारत में ही और भारतीय लोग ही करें ताकि उनके उत्पादों का चीनी कहकर बहिष्कार न किया जा सके। यूपी इसके लिए बड़ा बाजार है। यहां निवेश की संभावनाएं अन्य राज्यों से अधिक हैं।
यह तभी संभव है जब उत्पादन भारत के लिए, भारत में ही और भारतीय लोग ही करें ताकि उनके उत्पादों का चीनी कहकर बहिष्कार न किया जा सके। यूपी इसके लिए बड़ा बाजार है। यहां निवेश की संभावनाएं अन्य राज्यों से अधिक हैं।
प्रोजेक्ट हेड बोले
कानपुर आए इलीसियम के फाउंडिंग पार्टनर एवं हेड ऑफ कारपोरेट एडवाइज उपमन्यु मिश्रा बताते हैं कि भारत में निवेश के लिए चाइना ओशन स्ट्रेटिजी इस्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड की स्थापना 24 अक्टूबर 2016 में की गई थी। चीन सरकार की ओर से भारत में निवेश का यह पहला आधिकारिक मौका है।
इसमें कई गवर्निंग काउंसिल, वित्तीय संस्थाओं के सदस्य शामिल हैं जो फंड का प्रबंधन करेंगे। इसी तरह के बड़े फंड के लिए इलीसियम कैपिटल पार्टनर का चुनाव किया गया है। चीन के स्वामित्व वाली कई कंपनियां भी इसमें शामिल होंगी। इलीसियम ने पांच साल में करीब 50,000 करोड़ रुपये के निवेश की मंजूरी दी है।
इसमें कई गवर्निंग काउंसिल, वित्तीय संस्थाओं के सदस्य शामिल हैं जो फंड का प्रबंधन करेंगे। इसी तरह के बड़े फंड के लिए इलीसियम कैपिटल पार्टनर का चुनाव किया गया है। चीन के स्वामित्व वाली कई कंपनियां भी इसमें शामिल होंगी। इलीसियम ने पांच साल में करीब 50,000 करोड़ रुपये के निवेश की मंजूरी दी है।