#LadengeCoronaSe: महामारी के खिलाफ लड़ाई में चीन ने की मदद की पेशकश
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भारत इस समय कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर का सामना कर रहा है। यहां हालात दिन ब दिन गंभीर होते जा रहे हैं। रिकॉर्ड संख्या में रोज सामने आ रहे मरीजों के साथ ऑक्सीजन की किल्लत ने समस्या और भयावह कर दी है और मेडिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर धराशायी होने की कगार पर पहुंच गया है। इसी बीच भारत के साथ लगभग हर मुद्दे पर विरोधी भाव रखने वाले पड़ोसी देश चीन ने कहा है कि वह इस संकट के समय में महामारी की दूसरी लहर से उबरने में भारत की मदद करने के लिए तैयार है।
बता दें कि पिछले 24 घंटों में भारत में कोरोना संक्रमण के तीन लाख 14 हजार 835 नए मामले दर्ज किए गए और 2104 मरीजों की मौत हुई है। यह महामारी की शुरुआत से अब तक किसी देश में एक दिन का सबसे ऊंचा आंकड़ा है। अभी तक एक दिन में किसी भी देश में इतनी संख्या में कोरोना मरीज नहीं मिले थे। भारत में कोरोना के कुल मामलों की संख्या अब एक करोड़ 60 लाख 3821 पर पहुंच गया है, जो केवल अमेरिका से कम है। अमरिका में अब तक तीन करोड़ 26 लाख 4757 मामले मिले हैं।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने गुरुवार को एक प्रेस वार्ता में कहा कि भारत में महामारी की स्थिति को देखते हुए बीजिंग मदद करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, 'कोविड-19 महामारी पूरी मानवता की शत्रु है। इस महामारी के खिलाफ जंग के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एकजुट होने की जरूरत है। चीन ने देखा है कि भारत में स्थिति गंभीर है और वहां मेडिकल सप्लाई की कमी हो रही है। हम हर जरूरी सहायता और सहयोग उपलब्ध कराने के लिए तैयार हैं ताकि स्थिति नियंत्रण में आ सके।'
चीन में अब तक हुआ 20 करोड़ लोगों का टीकाकरण
चीन के एक स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि देश में करीब 20 करोड़ लोगों यानी 14.29 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण अब तक हो चुका है। इस दौरान अग्रिम मोर्चे पर कार्य कर रहे कर्मियों, विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और सीमावर्ती इलाके में रहने वाले लोगों पर जोर दिया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि चीन में कोरोना के खिलाफ टीकाकरण अभियान गति पकड़ रहा है। वहीं, उसने घरेलू स्तर पर भी कोरोना संक्रमण पर लगभग काबू पा लिया है। उल्लेखनीय है कि चीन में बुधवार को स्थानीय स्तर पर कोविड-19 के केवल दो नए मामले आए।
रोग नियंत्रण केंद्र के अधिकारी कुई गांग ने बताया कि अहम इलाके और आबादी के सदस्यों को टीकाकरण में प्राथमिकता दी जा रही है। चीन ने घरेलू स्तर पर तैयार पांच टीकों को मंजूरी दी है और इनकी लाखों खुराकें निर्यात की हैं। हालांकि, कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि फाइजर, मॉडर्ना और एस्ट्राजेनेका के मुकाबले चीनी टीके कम कारगर हैं। इस समय रोजाना 10 लाख से अधिक खुराक दी जा रही हैं। शीर्ष सरकारी डॉक्टर झोंग नानशान के अनुसार जून मध्य तक 140 करोड़ की आबादी में से 56 करोड़ को टीका लगाने का लक्ष्य है।