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चीन अंतरराष्ट्रीय दवा खोज हैकाथॉन से बाहर, विश्वभर के शोधार्थी कोरोना की दवा खोजने पर करेंगे काम
Thu, 02 Jul 2020 07:01 AM IST
अवधेश कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: अवधेश कुमार
Updated Thu, 02 Jul 2020 07:01 AM IST
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चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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आत्मनिर्भर भारत के तहत भारत कोविड-19 पर पहली इंटरनेशनल ड्रग डिस्कवरी हैकाथॉन का आयोजन करने जा रहा है। इसमें प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. के विजय राघवन की अध्यक्षता में दुनियाभर के वैज्ञानिक और शोधकर्ता दवा व वैक्सीन बनाने, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस व मशीन लर्निंग टूल बनाने पर काम करेंगे। हालांकि इस हैकॉथॉन में चीन को शामिल नहीं किया गया है।
दुनिया की पहली और सबसे बड़ी दवा खोज हैकाथॉन 2 जुलाई, 2020 को शुरू होगी और मई 2021 तक चलेगी। इस दौरान दस हजार से ज्यादा वैज्ञानिक और रिसर्च टीम काम करेंगी। हैकाथॉन में एचआरडी, स्वास्थ्य मंत्रालय, सीएसआईआर, डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी संयुक्त रूप से काम करेंगे।
दवा व वैक्सीन पर तीन ट्रैक पर शोध
चीफ इनोवेशन आफिसर डॉ. अभय जेरे के मुताबिक, हैकाथॉन में दवा और वैक्सीन में तीन ट्रैक पर शोध होगा। पहला ट्रैक दवा और वैक्सीन, दूसरे आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस व ड्रग टूल और तीसरे इस दौरान हुई खोज का परीक्षण होगा।
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दुनिया की पहली और सबसे बड़ी दवा खोज हैकाथॉन 2 जुलाई, 2020 को शुरू होगी और मई 2021 तक चलेगी। इस दौरान दस हजार से ज्यादा वैज्ञानिक और रिसर्च टीम काम करेंगी। हैकाथॉन में एचआरडी, स्वास्थ्य मंत्रालय, सीएसआईआर, डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी संयुक्त रूप से काम करेंगे।
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दवा व वैक्सीन पर तीन ट्रैक पर शोध
चीफ इनोवेशन आफिसर डॉ. अभय जेरे के मुताबिक, हैकाथॉन में दवा और वैक्सीन में तीन ट्रैक पर शोध होगा। पहला ट्रैक दवा और वैक्सीन, दूसरे आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस व ड्रग टूल और तीसरे इस दौरान हुई खोज का परीक्षण होगा।
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