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बाल शोषण करने में सबसे बदनाम है दक्षिण अफ्रीका
amarujala.com- Presented By: पूजा मेहरोत्रा
Updated Sat, 09 Sep 2017 03:31 PM IST
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बच्चों के साथ शारीरिक शोषण देश ही नहीं विदेशों में भी बड़ा मुद्दा रहा है। अगर विश्वभर में बच्चों के साथ शारीरिक शोषण की बात करें तो सबसे ज्यादा बाल शोषण भारत में होता है, लेकिन विदेशों में भी बच्चे महफूज नहीं है। अगर बाल शारीरिक शोषण पर दुनिया के दूसरे देशों पर नजर डालें तो जर्मनी से लेकर अमेरिका तक बच्चे शारीरिक उत्पीड़न का शिकार हो रहे हैं और ये आंकड़े चौंकाने वाले हैं।
जर्मनी से एक खबर आई कि वहां के सबसे प्रसिद्ध रोमन कैथलिक कायर स्कूल में पिछले 70 वर्षों में 547 से अधिक बच्चों के साथ शारीरिक उत्पीड़न का मामला सामने आया था। ये बात अलग है कि मामले का खुलासा कुछ दिनों पहले हुआ है। बच्चों पर शोषण का आरोप भी स्कूल प्रशासन पर लगा है। इस स्कूल में पढ़ चुके बच्चों ने स्कूल में बिताए अपने डर, हिंसा, असहाय समय बताया है।
पढ़ें: टीचर ने मासूम बच्चों के साथ किया गंदा काम, थाने में हंसकर कुबूल किया जुर्म
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जबकि इसी साल गर्मियों में अफगानी बच्चों को सेना ने तालिबानियों के चंगुल से छुड़ाया है। इन बच्चों को न केवल आतंकी बनाने की ट्रेनिंग दी जा रही थी बल्कि उनके साथ शारीरिक उत्पीड़न के मामले भी सामने आए हैं। वहीं नाइजीरिया के बोकोहरम आतंकी संगठन ने चिबोक की सैकड़ों स्कूली लड़कियों का अपहरण किया था। इस बच्चियों के साथ कई दिनों तक शारीरिक शोषण किया गया।
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जर्मनी से एक खबर आई कि वहां के सबसे प्रसिद्ध रोमन कैथलिक कायर स्कूल में पिछले 70 वर्षों में 547 से अधिक बच्चों के साथ शारीरिक उत्पीड़न का मामला सामने आया था। ये बात अलग है कि मामले का खुलासा कुछ दिनों पहले हुआ है। बच्चों पर शोषण का आरोप भी स्कूल प्रशासन पर लगा है। इस स्कूल में पढ़ चुके बच्चों ने स्कूल में बिताए अपने डर, हिंसा, असहाय समय बताया है।
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जबकि इसी साल गर्मियों में अफगानी बच्चों को सेना ने तालिबानियों के चंगुल से छुड़ाया है। इन बच्चों को न केवल आतंकी बनाने की ट्रेनिंग दी जा रही थी बल्कि उनके साथ शारीरिक उत्पीड़न के मामले भी सामने आए हैं। वहीं नाइजीरिया के बोकोहरम आतंकी संगठन ने चिबोक की सैकड़ों स्कूली लड़कियों का अपहरण किया था। इस बच्चियों के साथ कई दिनों तक शारीरिक शोषण किया गया।
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- फोटो : getty images
यूनिसेफ की रिपोर्ट की बात करें तो बच्चों के साथ होने वाले शारीरिक शोषण में दक्षिण अफ्रीका नंबर एक है। 2009 में ट्रेड यूनियन सोलिडेरिटी हेल्पिंग हैंड की रिपोर्ट के अनुसार दक्षिण अफ्रीका में महज तीन मिनट में एक बच्चे के साथ कुकर्म की घटना होती है।
वहीं भारत की 2013 में चाइल्ड सेक्सुअल एसौल्ट इन जुवेनाइल जस्टिस होम्स की रिपोर्ट के अनुसार 2001 से 2011 तक 48000 बच्चों के साथ शारीरिक शोषण के मामले रजिस्टर हुए थे।
जिम्बाब्वे, यूनाइटेड किंगडम और यूनाइटेड स्टेट में भी बच्चों के शोषण के मामले बहुत तेजी से बढ़े हैं।
अमेरिका के चिल्ड्रेन असेसमेंट सेंटर से जारी की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका में 4 में से 1 लड़की और 6 लड़कों में से एक लड़का शारीरिक उत्पीड़न का शिकार है। इसका मतलब है कि यूनाइटेड स्टेट में करीब 42 मिलियन लोग चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज के शिकार हैं।
वहीं भारत की 2013 में चाइल्ड सेक्सुअल एसौल्ट इन जुवेनाइल जस्टिस होम्स की रिपोर्ट के अनुसार 2001 से 2011 तक 48000 बच्चों के साथ शारीरिक शोषण के मामले रजिस्टर हुए थे।
जिम्बाब्वे, यूनाइटेड किंगडम और यूनाइटेड स्टेट में भी बच्चों के शोषण के मामले बहुत तेजी से बढ़े हैं।
अमेरिका के चिल्ड्रेन असेसमेंट सेंटर से जारी की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका में 4 में से 1 लड़की और 6 लड़कों में से एक लड़का शारीरिक उत्पीड़न का शिकार है। इसका मतलब है कि यूनाइटेड स्टेट में करीब 42 मिलियन लोग चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज के शिकार हैं।