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West Bengal: केंद्रीय बलों के प्रमुखों ने संभाला बंगाल चुनाव में मोर्चा, वन इलेक्शन फोर्स बन करेंगे ड्यूटी

Sun, 19 Apr 2026 10:58 PM IST
Rahul Kumar डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Rahul Kumar Updated Sun, 19 Apr 2026 10:58 PM IST
सार

23 अप्रैल को 152 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान के पहले चरण को देखते हुए, सीएपीएफ चीफ की संयुक्त बैठक और संबोधन, जमीनी स्तर पर तैनात हजारों कर्मियों के लिए अंतिम परिचालन समन्वय के रूप में कार्य करता है। 

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Chiefs of Central Paramilitary Forces Take Charge of West Bengal Elections Serve as a Unified Election Force
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के प्रमुख। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति प्रतिबद्धता का एक सशक्त प्रदर्शन करते हुए, भारत के केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के शीर्ष नेतृत्व यानी प्रमुखों ने शनिवार को कोलकाता में बैठक की। स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त चुनाव सुनिश्चित कराने के लिए सीएपीएफ प्रमुखों ने बंगाल में मोर्चा संभाल लिया है। जवानों और अधिकारियों को 'वन इलेक्शन फोर्स' बन ड्यूटी करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उच्च स्तरीय बैठक में सीआरपीएफ,बीएसएफ, सीआईएसएफ और आईटीबीपी के महानिदेशक मौजूद रहे। उच्च-स्तरीय संयुक्त बैठक का उद्देश्य आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों 2026 के लिए एक सुदृढ़ और प्रौद्योगिकी-आधारित सुरक्षा ढांचा तैयार करना था।

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इन सभी बलों का प्राथमिक उद्देश्य एक स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव संपन्न कराना है, जिसमें प्रत्येक नागरिक बिना किसी भय या दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके। 23 अप्रैल को 152 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान के पहले चरण को देखते हुए, सीएपीएफ चीफ की संयुक्त बैठक और संबोधन, जमीनी स्तर पर तैनात हजारों कर्मियों के लिए अंतिम परिचालन समन्वय के रूप में कार्य करता है। 
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आंतरिक समीक्षा के बाद, सॉल्ट लेक स्थित सीआरपीएफ के तीसरे सिग्नल सेंटर में यह ऐतिहासिक संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में शलभ माथुर, आईजी सीआरपीएफ (राज्य बल समन्वयक) के अलावा चुनाव आयोग के पुलिस सलाहकार भी शामिल हुए।
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सीएपीएफ प्रमुखों ने त्वरित प्रतिक्रिया टीमों की तैनाती और तोड़फोड़-रोधी जांचों की समीक्षा की। यह सुनिश्चित किया गया है कि कि "एकीकृत सुरक्षा ग्रिड" स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के समन्वय से संभावित व्यवधान उत्पन्न करने वालों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। सीआईएसएफ डीजी प्रवीर रंजन ने कहा, पश्चिम बंगाल में हमारा मिशन सिर्फ़ रोज़मर्रा की सुरक्षा से कहीं बढ़कर है। यह मतपत्र की पवित्रता की रक्षा करने के बारे में है। ज़मीन पर तैनात हमारे जवानों के लिए मेरा संदेश साफ़ है: आप लोकतंत्र के रक्षक हैं। हमें अलग-अलग इकाइयों के तौर पर नहीं, बल्कि एक *'एक चुनाव बल' के तौर पर काम करना होगा। इसके लिए सभी बलों के जवान एकजुट, अनुशासित और तकनीकी रूप से सक्षम हैं। 


सीएपीएफ के नेतृत्व ने पर्यवेक्षक अधिकारियों को अनुशासन और मतदान के उच्च मानकों को बनाए रखने के लिए आगे बढ़कर नेतृत्व करने का काम सौंपा है। तैनाती में संवेदनशील इलाकों की व्यापक निगरानी और सभी जवानों द्वारा 'चुनाव ड्यूटी हैंडबुक' का अनिवार्य उपयोग शामिल है, ताकि भारतीय चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों का 100% पालन सुनिश्चित किया जा सके। बैठक का समापन जवानों के बीच बढ़े हुए मनोबल के साथ हुआ, जिससे मतदाताओं को यह संकेत मिला कि सुरक्षा तंत्र, पश्चिम बंगाल के पूरे क्षेत्र में सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण मतदान का माहौल प्रदान करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

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