कृषि संकट, प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए मुख्यमंत्रियों ने केंद्र से मांगा ज्यादा फंड
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नीति आयोग की शनिवार को हुई बैठक में कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने केंद्र सरकार से कृषि संकट, प्राकृतिक आपदाओं और पांच साल की अवधि में अधिक जीएसटी कार्यान्वयन के कारण हुई राजस्व हानि से निपटने के लिए सहायता मांगी है। बैठक में बोलते हुए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी ने अपने कर्ज में डूबे राज्य को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संसद और भाजपा के 2014 के चुनावी घोषणापत्र में किए वादे को पूरा करने का आग्रह किया।
दूसरी तरफ केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने अफसोस जताया कि नीति आयोग ने पिछले चार वर्षों में 'एक सूत्रधार की बहुप्रतीक्षित भूमिका' नहीं निभाई है और वह शायद पूर्ववर्ती योजना आयोग का विकल्प नहीं है। अपने उद्घाटन भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोर देकर कहा कि 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' के मंत्र को पूरा करने में नीति अयोग की अहम भूमिका रही है। उन्होंने राज्यों से देश की जीडीपी को बढ़ाने के लिए काम करने और 2024 तक 5 हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करने के लिए कहा।
इस बैठक में वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री और लगभग हर राज्य के मुख्यमंत्री शामिल थे। हालांकि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह बैठक में शामिल नहीं हुए।अमरिंदर सिंह स्वास्थ्य कारणों से आयोग की बैठक में नहीं आ पाए और उन्होंने अपनी जगह वित्त मंत्री मनप्रीत बादल को भेजा। ममता की बात करें तो उन्होंने कहा था कि नीति आयोग के पास कोई वित्तीय शक्तियां नहीं हैं। इसलिए वह नहीं आएंगी। वहीं राव जल संकट को खत्म करने वाली महत्वाकांक्षी 80,000 करोड़ रुपये की कलेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना के शुभारंभ की तैयारियों में व्यस्त थे।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर जर्मनी में होने की वजह से बैठक में शामिल नहीं हुए। बैठक में बोलते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आयोग से अनुरोध किया कि फसल क्षति सीमा को 33 प्रतिशत से घटाकर 20 प्रतिशत किया जाए और सूखा प्रभावित क्षेत्रों में मुआवजे की पात्रता के लिए तय मानदंडों पर फिर से विचार हो। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि नक्सल प्रभावित जिलों चंदौली और सोनभद्र में तैनात सीआरपीएफ की कंपनी को न हटाया जाए और केंद्रीय गृह मंत्रालय अपना आदेश वापस ले।
ओडिशा की पांचवी बार कमान संभालने वाले मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने एक साथ चुनाव कराने की वकालत की और कहा कि नियमित चुनाव विकास में खलल डालते हैं। उन्होंने कहा कि भारत जैसे विशाल देश को कृषि पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने बताया कि कैसे चक्रवाती तूफान वायु ने सार्वजनिक ढांचे, संपत्ति और ओडिशा की जीवनशैली को प्रभावित किया है। असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने हर साल राज्य को प्रभावित करने वाली बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित होने वाले लोगों के लिए सहायता मांगी। कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने केंद्र से जीएसटी मुआवजे को पांच साल और बढ़ाने के लिए कहा।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.