सुप्रीम कोर्ट: कोरोना से जान गंवाने वाले वकीलों के लिए दो मिनट का मौन, सीजेआई ने व्यक्त की संवेदना
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एनवी रमण ने कोरोना से जान गंवाने वाले 77 वकीलों और उनके परिवार के लिए दो मिनट का मौन रखा।
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देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर भले ही थमने लगी हो लेकिन जब ये चरम पर थी, तब इसने देश में तबाही मचा दी थी कोरोना की दूसरी लहर के दौरान लाखों की संख्या में लोग मरे थे। वहींं सुप्रीम कोर्ट के भी 77 वकीलों ने कोविड-19 के आगे अपना दम तोड़ दिया।
इसी को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एन वी रमण ने ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद पहले दिन की शुरुआत कोविड-19 से जान गंवाने वाले बार के सदस्यों और उनके परिवार के सदस्यों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दो मिनट का मौन रखा।
Chief Justice of India NV Ramana observes two minutes of silence before starting his court & paid condolences to the family members of 77 lawyers of the top court who lost their lives to #COVID19
— ANI (@ANI) June 28, 2021
रंजना अग्निहोत्री का याचिका खारिज
इसके अलावा कोर्ट का कार्यवाही के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने रंजना अग्निहोत्री की याचिका का रद्द कर दिया। चीफ जस्टिस एन वी रमण की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि आपकी याचिका में जिस मामले पर रोशनी डाली गई है, वो ऐसा मामला नहीं है जिस पर सुप्रीम कोर्ट विचार करें।
Supreme Court dismisses a plea seeking setting up of a special investigating team (SIT) to probe alleged forceful conversion of Hindus & crimes against women of the Hindu community in Nuh district of Haryana.
A bench headed by CJI NV Ramana refuses to entertain the plea. pic.twitter.com/9YaUcHeTP1— ANI (@ANI) June 28, 2021
बता दें कि रंजना ने हरियाणा के नूंह में हिंदुओं की रक्षा को लेकर एक याचिका दायर की थी। रंजना ने अपनी याचिका में हिंदुओं की रक्षा और जबरन धर्मांतरण की जांच के लिए एसआईटी बनाने की भी मांग की थी। उन्होंने अपनी याचिका में कहा कि हरियाणा के नूंह में तब्लीगी जमात की वजह से मुसलमानों का दबदबा बढ़ा है। यहां हिंदुओं की संख्या 20 फीसदी से घटकर 10 फीसदी पर आ गई है।