मामलों के जल्द निपटारे को चीफ जस्टिस ने मांगे सभी हाईकोर्ट से सुझाव
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अदालतों में लंबित पड़े हजारों मामलों के जल्द निपटारे को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस (सीजेआई) दीपक मिश्रा ने देश के सभी हाईकोर्ट से सुझाव देने के लिए कहा है। सभी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को भेजे एक पत्र में सीजेआई ने उनसे सुझाव मांगने के साथ ही उन्हें इसके लिए अपनी तरफ से राय भी दी है। सीजेआई ने अदालतों में लंबित मामलों की बड़ी संख्या को देखते हुए एक डिस्पोजल रिव्यू मैकेनिज्म (डीआरएम) बनाने की राय दी है। उन्होंने लिखा है, सभी हाईकोर्ट से पहले ही 10 साल और 5 साल पुराने मामलों के निस्तारण के लिए कट-ऑफ तारीख तय करने के साथ एक एक्शन प्लान बनाने का आग्रह किया जा चुका है। ऐसे प्लान की हाईकोर्ट और अधीनस्थ अदालतों के स्तर पर अनुभव व नए सुझावों वाली समितियों द्वारा लगातार निगरानी की जाए।
चीफ जस्टिस मिश्रा ने पत्र में कहा है कि हाई कोर्ट में ये डिस्पोजल रिव्यू मैकेनिज्म मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने पर ध्यान दे। साथ ही खुद सुप्रीम कोर्ट की तरफ से गठित बकाया समिति को भी ये पत्र भेजा है। इस बकाया समिति ने देश के सभी हाईकोर्ट में लंबित पड़ी आपराधिक व दीवानी अपीलों की बड़ी संख्या की रिपोर्ट पेश की थी। इस समिति को भी बेहद पुराने मामलों के निस्तारण के पर नजर रखने और इनके लिए एक एक्शन प्लान तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है।
15 फीसदी से ज्यादा खाली पद तत्काल भरें हाईकोर्ट
सीजेआई ने एक अन्य पत्र में सभी हाईकोर्ट को अधीनस्थ न्यायालयों में खाली पड़े पदों को भरने के भी निर्देश दिए हैं। सीजेआई ने कहा है कि जहां भी 15 फीसदी या उससे ज्यादा पद अधीनस्थ अदालतों में खाली पड़े हुए हैं, उन्हें तत्काल भर लिया जाए।