पत्रकार विनोद वर्मा को ट्रांजिट रिमांड पर छत्तीसगढ़ ले गई पुलिस, मंत्री ने दर्ज कराई एक और FIR
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छत्तीसगढ़ पुलिस ने बृहस्पतिवार देर रात को वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा को उनके इंदिरापुरम स्थित घर से गिरफ्तार कर लिया। उन पर छत्तीसगढ़ के एक मंत्री को ब्लैकमेल और उगाही करने का आरोप है।
पुलिस ने उनके घर से 500 सीडी और दो लाख कैश बरामद करने का दावा किया है। गाजियाबाद कोर्ट के आदेश से छत्तीसगढ़ पुलिस विनोद वर्मा को ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लेकर गई है।
रात करीब पौने तीन बजे छत्तीसगढ़ पुलिस थाना इंदिरापुरम पुलिस के साथ वैभवखंड स्थित महागुन मेंशन सोसायटी स्थित विनोद वर्मा के घर पहुंची। पुलिस ने करीब एक घंटे तक उनके घर की तलाशी ली। पुलिस ने उनके घर से 500 सीडी, लैपटॉप, डायरी और दो लाख रुपये कैश बरामद करने का दावा किया है।
करीब चार बजे पुलिस वर्मा को लेकर थाना इंदिरापुरम पहुंची। जहां पर पुलिस ने उनसे काफी देर पूछताछ की। पुलिस की मानें तो उनको पूछताछ के दौरान कई अहम सुराग लगे हैं।
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पुलिस ने उन्हें करीब आठ घंटे थाना इंदिरापुरम थाने में रखा। दोपहर करीब 12 बजे पुलिस उन्हें गाजियाबाद कोर्ट लेकर पहुंची और छत्तीसगढ़ पुलिस ने विनोद वर्मा को ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर ले जाने के लिए गाजियाबाद कोर्ट में पेश किया। गाजियाबाद कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड मिलने पर उन्हें छत्तीसगढ़ पुलिस रायपुर ले गई।
छत्तीसगढ़ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मूणत ने वर्मा के खिलाफ एक और एफआईआर रायपुर सिविल लाइन थाने में दर्ज कराई है।
यह हैं आरोप
छत्तीसगढ़ पुलिस ने बताया कि वर्मा के खिलाफ रायपुर के पंडरी थाने में आईपीसी की धारा 384, 506 और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है, जिसके आधार पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया गया है। उन पर छत्तीसगढ़ के पीडब्ल्यूडी मंत्री राजेश मूणत को ब्लैकमेल कर उगाही करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है।
छत्तीसगढ़ में पुलिस ने विनोद वर्मा के पास से जो सीडी बरामद की हैं, उनमें बीजेपी के एक नेता की आपत्तिजनक वीडियो है। रायपुर पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि प्राथमिकी 26 अक्तूबर को दर्ज की गई। इसके बाद दिल्ली में सीडी बनाने वाले एक व्यक्ति से पता चला कि विनोद वर्मा ने 500 सीडी बनवाई हैं। उधर, इंदिरापुरम थाने के एसएचओ सुशील कुमार ने बताया कि देर रात रायपुर पुलिस ने उनसे संपर्क किया था। इस गिरफ्तारी में इंदिरापुरम पुलिस ने रायपुर पुलिस को सिर्फ सहयोग देने का काम किया।
वर्मा को दोपहर सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। सीजेएम कोर्ट ने पत्रकार के अधिक्ताओं की ओर से दी गई जमानत अर्जी को खारिज कर रायपुर पुलिस को उनका तीन दिन के ट्रांजिट रिमांड की मंजूरी को स्वीकार कर लिया।
कोर्ट में पुलिस डायरी लानी ही भूली क्राइम ब्रांच
रायपुर क्राइम ब्रांच व इंदिरापुम पुलिस पत्रकार को गिरफ्तार कर दोपहर 12 बजे सीजेएम कोर्ट पहुंची, जहां उन्होंने उनका ट्रांजिट रिमांड मांगा।
अभियोजन अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि विनोद वर्मा के अधिवक्ता राकेश त्यागी कैली, नीरज शर्मा और नसीम पठान ने उनकी जमानत अर्जी कोर्ट में दी। साथ ही उन पर लगे आरोपों को भी बेबुनियाद बताया। वहीं, पुलिस ने दावा किया कि विनोद वर्मा के घर से उन्हें 500 सीडी, एक लैपटॉप, दो मोबाइल, तीन सिम और एक पैन ड्राइव बरामद हुई हैं।
सीजेएम अर्चना की अदालत ने पुलिस व अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। वहीं, रायपुर पुलिस को उनका तीन दिनों का ट्रांजिट रिमांड को स्वीकार किया। विनोद के वकील नीरज शर्मा ने बताया कि आदेश के बाद रायपुर पुलिस को विनोद वर्मा को 30 अक्तूबर को रायपुर कोर्ट में पेश करना होगा।
अभियोजन अधिकारी ने बताया कि रायपुर व इंदिरापुरम पुलिस कोर्ट में विनोद वर्मा को लेकर जरूर पहुंची, लेकिन वह उनके खिलाफ बनी पुलिस डायरी व सबूत कोर्ट में लाने ही भूल गई। अदालत ने पुलिस को समय देकर डायरी मंगवाई।
करीब आधा घंटा बाद पुलिस सबूत व डायरी लेकर कोर्ट में पहुंची, जिसके बाद सुनवाई हुई। वहीं, अदालत ने इस केस के मामले में फैसला रिजर्व रख लिया था, जिसे शाम करीब चार बजे सुनाया।