Chhattisgarh: एमपी के बाद अब छत्तीसगढ़ में भी एक्शन में कांग्रेस, मतगणना से पहले एजेंट्स को मिलेगी ट्रेनिंग
जानकारी के अनुसार, 27 नवंबर को कोंडागांव, जगदलपुर, बेमेतरा, दुर्ग शहर, सारंगढ़, रायगढ़ और मनेंद्रगढ़ में ट्रेनिंग होगी। 28 नवंबर को दंतेवाड़ा, राजनांदगांव, मरवाही और कुनकुरी में यह कार्यक्रम रखा गया है। 29 नवंबर को कांकेर और अंबिकापुर जिले के अभिकर्ताओं की ट्रेनिंग होनी है...
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मध्यप्रदेश के बाद अब छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस पार्टी ने मतगणना के दिन के लिए अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। एमपी की तर्ज पर अब छत्तीसगढ़ में भी विधानसभा क्षेत्र के हिसाब से मतगणना एजेंट्स की विशेष ट्रेनिंग शुरू होने जा रही है। 27 नवंबर से 30 नवंबर तक सभी जिला मुख्यालय संगठन में विधानसभा क्षेत्रवार मतगणना एजेंट्स की ट्रेनिंग होगी। इसके लिए सभी एजेंट्स को जानकारी दे दी गई है।
सभी 90 विधानसभा के एजेंट्स को ये ट्रेनिंग दी जाएगी। इस ट्रेनिंग में मतगणना के दौरान कैसे निगरानी रखनी है, कैसे मशीनवार वोटिंग के नंबर लिखने हैं, कैसे मशीन और गिने गए मतों का मिलान करना है, यह सब सिखाया जाएगा। जानकारी के अनुसार, 27 नवंबर को कोंडागांव, जगदलपुर, बेमेतरा, दुर्ग शहर, सारंगढ़, रायगढ़ और मनेंद्रगढ़ में ट्रेनिंग होगी। 28 नवंबर को दंतेवाड़ा, राजनांदगांव, मरवाही और कुनकुरी में यह कार्यक्रम रखा गया है। 29 नवंबर को कांकेर और अंबिकापुर जिले के अभिकर्ताओं की ट्रेनिंग होनी है। 30 नवंबर को बालोद, राजिम, महासमुंद, भिलाई 3, रायपुर, जांजगीर-चांपा, सक्ती, बिलासपुर, कवर्धा, कोरबा और प्रतापपुर में ट्रेनिंग होगी। केवल धमतरी ऐसा जिला है, जहां 2 दिसंबर को ट्रेनिंग होगी।
कांग्रेस पार्टी ने राज्य में हर विधानसभा में 2 एआरओ और 14 काउंटिंग एजेंट बनाया है। इनमें एक बैलेट पेपर एजेंट रहेगा, जो बैलेट पेपर की गिनती खत्म होने के बाद एआरओ की भूमिका में आ जाएगा। राजधानी रायपुर के सभी एआरओ और मतगणना एजेंटों को 30 नवंबर को ट्रेनिंग की जाएगी। कांग्रेस भवन में होने वाली इस ट्रेनिंग में पीसीसी के पदाधिकारियों के अलावा जिला कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहेंगे।
दरअसल, दोनों पार्टियों के ओर से एजेंट्स काउंटिंग के दौरान मौजूद रहते हैं। उन्हें पहले से ही उनकी मशीनें और टेबल का नंबर बता दिया जाता है, वो मतगणना की पूरी प्रक्रिया के दौरान वहां तैनात रहते हैं। सभी दलों की तरफ से ये एजेंट्स मतगणना वाले दिन के लिए खास नियुक्त किए जाते हैं। ये सभी पार्टी की ओर से नियुक्त किए जाते हैं।