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CRPF: सीआरपीएफ की इस बटालियन में मचा हड़कंप, भ्रष्टाचार केस में रडार पर चार एसी समेत कई कार्मिक; होगी रिक्वरी

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Wed, 10 Sep 2025 05:17 PM IST
सार

'सीआरपीएफ' की दूसरी बटालियन में राशन खरीद, फायर वुड और एलपीजी सिलेंडर खरीद में कथित भ्रष्टाचार को लेकर संबंधित कार्मिकों व अफसरों से जवाब मांगा गया है। इससे बटालियन में हड़कंप मचा है।

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chaos in this battalion of CRPF, 4 dozen personnel and 4 ACs on the radar in corruption case
सीआरपीएफ - फोटो : ANI

विस्तार

देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल 'सीआरपीएफ' की दूसरी बटालियन में राशन खरीद, फायर वुड और एलपीजी सिलेंडर खरीद में कथित भ्रष्टाचार को लेकर संबंधित कार्मिकों व अफसरों से जवाब मांगा गया है। इससे बटालियन में हड़कंप मचा है। संबंधित कार्मिकों और अधिकारियों पर रिक्वरी भी डाली गई है। रिक्वरी की राशि आठ सौ रुपये से लेकर 59 हजार रुपये तक है। बल मुख्यालय के सूत्रों ने इस मामले की पुष्टि की है। इन सभी कार्मिकों को दस सितंबर तक अपना रिप्रेजेन्टेशन देने के लिए कहा गया है। इस सूची में शामिल सहायक कमांडेंट जीपी सिंह, जेएस सहेब्राओ, राजीव कुमार, प्रज्वल एनपी और सूबेदार मेजर राजेश कुमार को भी दस दिन के अंदर अपना रिप्रेजेन्टेशन देना है।  

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सूत्रों के मुताबिक, दूसरी बटालियन के इस केस की 'कोर्ट ऑफ इंक्वायरी' भी हुई है। कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के दायरे में कमांडेंट रति कांत बेहरा भी रहे हैं। इन पर गंभीर आरोप लगे थे। जैसे केंद्रीकृत राशन की अत्यधिक दरों पर खरीद, लकड़ी (फायरवुड) और एलपीजी सिलेंडर खरीद प्रक्रिया पर सवाल उठे थे। एक अधिकारी के मुताबिक, इस मामले में सीओ के खिलाफ भी जांच हुई है। उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन चार पांच अधिकारियों सहित चालीस से अधिक कार्मिकों पर रिक्वरी डाल दी गई। आरोप है कि कंपनी कमांडरों को अधिकृत ईंधन के स्थान पर लकड़ी (फायरवुड) का प्रयोग करने के लिए मजबूर किया गया। इस मामले में गलत खरीद को छिपाने के मकसद से फर्जी बिल बनाने के लिए अधीनस्थ इकाइयों पर दबाव डालने जैसे आरोप भी लगे हैं। 
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सूत्रों ने बताया कि बोर्ड ऑफ ऑफिसर्स की जांच में कमांडेंट को क्लीन चिट मिल गई है। आरोप है कि सारा दोष चालीस से अधिक अधीनस्थ कार्मिकों पर मढ़ दिया गया। इनमें चार नवनियुक्त सहायक कमांडेंट भी शामिल हैं। इनके पास किसी भी तरह के खरीद निर्णयों पर वास्तविक नियंत्रण नहीं था। यह निष्कर्ष न केवल परस्पर विरोधाभासी और अन्यायपूर्ण है, बल्कि यह सीआरपीएफ के भीतर फैली उस सच्चाई को दर्शाता है कि सभी खरीद संबंधी निर्णयों और स्वीकृतियों पर कमांडेंट का पूर्ण नियंत्रण होता है। 
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अधीनस्थ अधिकारी केवल आदेश का पालन करने के लिए मजबूर रहते हैं, क्योंकि विरोध करने पर उन्हें विभागीय कार्रवाई और उत्पीड़न का खतरा रहता है। जब भी ऐसे मामले में जांच होती है तो निचले स्तर के अधिकारियों और जवानों पर ही कार्रवाई होती है। फायर वुड खरीद के मामले में हवलदार नीनामा कांतिलाल पर 6666 रुपये की रिक्वरी डाली गई है। हवलदार धनेश कुमार पर फायर वुड खरीद में 3333 रुपये की रिक्वरी, इंस्पेक्टर संजीव कुमार पर 6668 रुपये और एएसआई वाईवीआर रेड्डी पर फायर वुड खरीद के मामले में दस हजार रुपये और एलपीजी सिलेंडर खरीद में 4163 रुपये की रिक्वरी डाली गई है। 

एएसआई शरद चंद्र बैश्या पर फायर वुड खरीद में 6666 रुपये की रिक्वरी, एएसआई किशन लाल यादव पर एलपीजी सिलेंडर खरीद के लिए 892 रुपये, एएसआई बिजेंद्र बहादुर सिंह पर फायर वुड खरीद में 10000, एलपीजी सिलेंडर खरीद के लिए 3567 रुपये और एएसआई एन जाबा सलीम राजा पर एलपीजी सिलेंडर की खरीद के लिए 4163 रुपये की रिक्वरी डाली गई है। ए/सी जंगहारे सारंग सहेब्राओ पर फायर वुड खरीद के लिए 56672 रुपये की रिक्वरी और एलपीजी सिलेंडर खरीद के लिए 30135 रुपये की रिक्वरी, हवलदार परमानंद यादव पर फायर वुड की खरीद के लिए 5833 रुपये की रिक्वरी, हवलदार राजावेल पर फायर वुड की खरीद के लिए 5833 रुपये की रिक्वरी, हवलदार संतोष यादव पर फायर वुड खरीद में 3333 रुपये और एलपीजी सिलेंडर खरीद के लिए 3306 रुपये की रिक्वरी डाली गई है। 

हवलदार रिंकू सिंह पर फायर वुड खरीद के लिए 6666 रुपये की रिक्वरी, एसआई अनुज कुमार पर एलपीजी सिलेंडर खरीद के लिए 1189 रुपये की रिक्वरी, हवलदार डी प्रकाश एम पर फायर वुड खरीद के लिए 16666 रुपये की रिक्वरी, ए/सी राजीव कुमार पर एलपीजी सिलेंडर खरीद के लिए 12236 रुपये की रिक्वरी, एसआई सुनील कुमार पर 6666 रुपये और 4756 रुपये की रिक्वरी डाली गई है। 

इंस्पेक्टर प्रभुगौड बिरादर पर एलपीजी सिलेंडर खरीद के लिए 7935 रुपये की रिक्वरी, हवलदार अभिषेक पर 10000 रुपये, एएसआई सुभाष चंदराम पर 10000 रुपये, हवलदार कमल सिंह कुशवाह पर 10000, एसएम राजेश कुमार पर अन्य सामान खरीद में 59099 रुपये की रिक्वरी, ए/सी प्रज्वल एनपी पर फायर वुड खरीद के लिए 36003 रुपये की रिक्वरी डाली गई है। इस सूची में कई दूसरे कार्मिकों का नाम भी शामिल है। उन पर भी फायर वुड खरीद और एलपीजी सिलेंडर खरीद के मामले में रिक्वरी डाली गई है। इस मामले में बल मुख्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि अभी इस केस की जांच हो रही है। कार्मिकों से जवाब मांगा गया है। किसी के साथ कोई ज्यादती नहीं होगी। विभाग के नियमानुसार ही कार्रवाई की जाएगी। 

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