{"_id":"57f19fc14f1c1bb167573e7c","slug":"changed-attitude-of-the-world-towards-indians-says-modi","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारतीयों के प्रति बदला दुनिया का नजरिया: मोदी ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
भारतीयों के प्रति बदला दुनिया का नजरिया: मोदी
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 03 Oct 2016 11:49 PM IST
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प्रतिभा पलायन को लेकर उठ रहे सवालों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहा कि यदि प्रवासी भारतीयों की क्षमता का सदुपयोग किया जाए तो हम इस ‘ब्रेन ड्रेन’ को ‘ब्रेन गेन’ में तब्दील कर सकते हैं। जिस तरह बांधों से पानी की ऊर्जा को बिजली पैदा करने में इस्तेमाल किया जाता है उसी तरह 2.45 करोड़ प्रवासी भारतीयों की ऊर्जा को भारत की तरक्की के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
प्रवासी भारतीय केंद्र के उद्घाटन मौके पर उन्होंने कहा कि अब भारत को महज संख्या के आधार पर नहीं बल्कि शक्ति के तौर पर भी देखा जाने लगा है। पूरी दुनिया में भारत की साख बढ़ी है। दुनिया के किसी देश में कोई फंसता है तो वह हमें याद करता है। उन्होंने नेपाल में भूकंप के बाद वहां के लोगों की मदद तथा यमन जैसे देशों के अशांत स्थानों से भारतीयों और विदेशों को सुरक्षित निकालने के लिए विदेश मंत्रालय की भूमिका की सराहना की।
उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय ने खुद पहल की और अब विश्व भी स्वीकार करने लगा है कि मानवता की सहायता में भारत का अहम योगदान रहा है। अब दूसरे देश भी संकटग्रस्त स्थिति से अपने नागरिकों की रक्षा के लिए भारत से मदद मांगने लगे हैं। उन्होंने दूसरे देशों से अपील की कि चूंकि भारत उनके नागरिकों को निश्चित रूप से संकट से बचाता रहा है इसलिए हमारे नागरिकों को भी वे ऐसी ही मदद करें। अब भारत को महज संख्या के आधार पर नहीं बल्कि शक्ति के तौर पर भी देखा जाना चाहिए।
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प्रवासी भारतीय केंद्र के उद्घाटन मौके पर उन्होंने कहा कि अब भारत को महज संख्या के आधार पर नहीं बल्कि शक्ति के तौर पर भी देखा जाने लगा है। पूरी दुनिया में भारत की साख बढ़ी है। दुनिया के किसी देश में कोई फंसता है तो वह हमें याद करता है। उन्होंने नेपाल में भूकंप के बाद वहां के लोगों की मदद तथा यमन जैसे देशों के अशांत स्थानों से भारतीयों और विदेशों को सुरक्षित निकालने के लिए विदेश मंत्रालय की भूमिका की सराहना की।
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उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय ने खुद पहल की और अब विश्व भी स्वीकार करने लगा है कि मानवता की सहायता में भारत का अहम योगदान रहा है। अब दूसरे देश भी संकटग्रस्त स्थिति से अपने नागरिकों की रक्षा के लिए भारत से मदद मांगने लगे हैं। उन्होंने दूसरे देशों से अपील की कि चूंकि भारत उनके नागरिकों को निश्चित रूप से संकट से बचाता रहा है इसलिए हमारे नागरिकों को भी वे ऐसी ही मदद करें। अब भारत को महज संख्या के आधार पर नहीं बल्कि शक्ति के तौर पर भी देखा जाना चाहिए।
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