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पाक की कैद से छूटे भारतीय सैनिक चंदू ने पहली बार सुनाई बर्बरता की दास्तां

Fri, 31 Mar 2017 08:33 PM IST
amarujala.com- Presented by: मोहित
amarujala.com- Presented by: मोहित Updated Fri, 31 Mar 2017 08:33 PM IST
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Chandu reveals how he survived torture in Pakistan

पाकिस्तान में चार महीनों तक बंधक बने रहने के बाद स्वदेश लौटे भारतीय सैनिक चंदू चव्हाण ने पाकिस्तानी सेना की बर्बरता की कहानी बयां की है। उन्होंने बताया कि हिरासत में उन्हें इतना प्रताड़ित किया गया था कि वह रोज मौत की दुआ मांगता था। 

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22 वर्षीय चंदू को दुश्मनों द्वारा बुरी तरह से प्रताड़ित किया गया। जिसके बाद वह 21 जनवरी को भारत वापस लौटे। लौटने के बाद पहली बार चव्हाण ने मीडिया के सामने अपनी आपबीती सुनाई।
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इंडिया टुडे से बातचीत के दौरान उन्होंने कई चौंकाने वाले खुलासे किए।

1. चंदू ने बताया कि वह पिछले साल 29 सितंबर की रात एलओसी पर पेट्रोलिंग कर रहे थे, जिसके बाद वह गलती से सीमा पार पहुंच गए।

2. पाकिस्तानी सेना की गिरफ्त में आते ही उनसे राइफल छीनकर बुरी तरह पीटा गया। जिसके बाद तीन सिपाहियों ने उनको बंदूक से टारगेट भी किया, लेकिन एक सिपाही ने अपने साथी को ऐसा करने से रोका।
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3. पाकिस्तानी रेंजर्स के चंदू को न मारने के अंतिम फैसले के बाद उन्होंने चंदू के चेहरे को कपड़े से ढककर किसी अज्ञात स्थान पर ले गए और गहन पूछताछ की। चंदू से पूछा गया कि क्या वह सीमा पार हमले के मकसद से आए थे? क्या वह सर्जिकल स्ट्राइक टीम का हिस्सा थे? दिलचस्प बात यह है कि अधिकारियों ने जब ये सवाल चंदू से किए थे, तो उस दौरान पाकिस्तान सर्जिकल स्ट्राइक की कार्यवाही को खारिज कर रहा था।

4. इस दौरान चंदू लगातार बताते रहे कि वह सीमा पार कर गलती से पहुंचे हैं। लगातार मिल रही धमकियों के बाद भी चंदू अपने शब्दों पर अड़े हुए थे। किसी भी समय गोली मारे जाने का डर उन्हें सताए जा रहा था और वह सोच रहे थे कि अब कभी भारत वापस नहीं लौट सकेंगे। इस दौरान सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर उनसे लगातार पूछताछ की जा रही थी।

राष्ट्रगान गाने पर रोकते थे सेना के अधिकारी

Chandu reveals how he survived torture in Pakistan

5. चंदू को सड़क के रास्ते से अलग-अलग जगहों पर ले जाया जाता था। चंदू के मुताबिक, जांच अधिकारियों के चेहरे हमेशा कपड़े से ढके रहते थे।

6. चंदू को एक छोटे कमरे में रखा गया था। कमरे में न पंखा था और न ही लाइट थी। कमरे में किसी के रोने, हंसने और चिल्लाने की आवाजें आती थी।

7. चंदू भी उस दौरान बहुत रोते और चिल्लाते थे। राष्ट्रगान गाने पर सेना के अधिकारी उन्हें ऐसा करने से रोकते थे।

8. पाकिस्तानी रेंजरों द्वारा पकड़े जाने के बाद अपनी पहली पूछताछ के दौरान, चंदू ने उन्हें गुमराह करने की भी कोशिश की थी। चंदू ने अधिकारियों को बताया था कि वे अपने परिवार में अकेले हैं। लेकिन जैसे ही भारतीय टीवी चैनलों और मीडिया पर प्रसारित समाचार से अधिकारियों को पता चला कि मेरे भाई भी भारतीय सेना के लिए काम करते हैं, तो उन्होंने मुझे और ज्यादा प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।

9. परिवार के बारे में जानने के बाद चंदू को रस्सी के सहारे उल्टा लटकाया गया और चमड़े की बेल्ट से पीटा गया। ऐसा कोई दिन नहीं होता था जब उन्हें पीटा न जाता हो। चंदू ने बताया कि अर्धचेतन अवस्था में पहुंचाने के लिए उन्हें कुछ नशीली दवाएं भी दी जाती थीं।

10.  वह हर दिन एक ही तरह की कार्यवाही से इसके आदि हो चुके थे, और पाकिस्तानी अधिकारियों को चुनौती भी पेश करते थे। देशभक्ति की चाह ने उन्हें इतना सबकुछ सहने की ताकत दी।

11. चंदू ने बताया कि सेना के अधिकारियों ने उनसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में भी बात की थी। 

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