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Chandrayaan: दक्षिण कोरिया के ऑर्बिटर ने चांद पर विक्रम लैंडर का पता लगाया, जानिए क्यों है ये खास
Wed, 13 Sep 2023 09:15 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 13 Sep 2023 09:15 PM IST
सार
ऑर्बिटर ने अपने कैमरे से लैंडर विक्रम का पता लगाया है और उसकी तस्वीर ली है। यह दक्षिण कोरिया के लिए बड़ी उपलब्धि है। इससे दक्षिण कोरिया ने चांद पर खोज की ताकत का प्रदर्शन किया है।
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दानुरी द्वारा ली गई तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
दक्षिण कोरिया के लूनर ऑर्बिटर दानुरी ने भारत के चंद्रयान मिशन के लैंडर विक्रम की चांद की सतह से तस्वीर ली है। यह तस्वीर शिव-शक्ति पॉइंट की है, जिसमें विक्रम लैंडर दिख रहा है। चांद की सतह पर विक्रम लैंडर का पता लगाना दक्षिण कोरिया के स्पेस प्रोग्राम के लिए बड़ी उपलब्धि है। बता दें कि दक्षिण कोरिया के लूनर ऑर्बिटर दानुरी को अक्तूबर 2022 में लॉन्च किया गया था।
दक्षिण कोरिया के स्पेस प्रोग्राम की बड़ी उपलब्धि
दानुरी स्पेसक्राफ्ट में कई तरह के उपकरण लगे हैं, जिनमे हाई रेजोल्यूशन कैमरा, एक स्पेक्ट्रोमीटर और एक मैग्नेटोमीटर शामिल हैं। इसमें एक छोटा रोवर भी है, जो आने वाले महीनों में चंद्रमा की सतह पर उतर सकता है। बता दें कि लूनर ऑर्बिटर चांद की कक्षा के चक्कर लगाता रहता है और आसमान से चांद की सतह पर नजर रखता है। इसी ऑर्बिटर ने अपने कैमरे से लैंडर विक्रम का पता लगाया है और उसकी तस्वीर ली है। यह दक्षिण कोरिया के लिए बड़ी उपलब्धि है। इससे दक्षिण कोरिया ने चांद पर खोज की ताकत का प्रदर्शन किया है और भविष्य के चांद मिशनों के लिए रास्ता भी खोल दिया है।
दक्षिण कोरिया साल 2024 में चांद पर रोबोटिक रोवर भेजने की योजना पर काम कर रहा है और फिर 2030 तक चांद पर दक्षिण कोरिया इंसानों को भेजने की योजना बना रहा है। बता दें कि भारत के चंद्रयान-3 मिशन ने बीती 23 अगस्त को चांद की सतह पर सफल लैंडिंग कर इतिहास रच दिया था। ऐसा करने वाला भारत अमेरिका, रूस और चीन के बाद दुनिया का चौथा देश बन गया है।
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दक्षिण कोरिया के स्पेस प्रोग्राम की बड़ी उपलब्धि
दानुरी स्पेसक्राफ्ट में कई तरह के उपकरण लगे हैं, जिनमे हाई रेजोल्यूशन कैमरा, एक स्पेक्ट्रोमीटर और एक मैग्नेटोमीटर शामिल हैं। इसमें एक छोटा रोवर भी है, जो आने वाले महीनों में चंद्रमा की सतह पर उतर सकता है। बता दें कि लूनर ऑर्बिटर चांद की कक्षा के चक्कर लगाता रहता है और आसमान से चांद की सतह पर नजर रखता है। इसी ऑर्बिटर ने अपने कैमरे से लैंडर विक्रम का पता लगाया है और उसकी तस्वीर ली है। यह दक्षिण कोरिया के लिए बड़ी उपलब्धि है। इससे दक्षिण कोरिया ने चांद पर खोज की ताकत का प्रदर्शन किया है और भविष्य के चांद मिशनों के लिए रास्ता भी खोल दिया है।
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दक्षिण कोरिया साल 2024 में चांद पर रोबोटिक रोवर भेजने की योजना पर काम कर रहा है और फिर 2030 तक चांद पर दक्षिण कोरिया इंसानों को भेजने की योजना बना रहा है। बता दें कि भारत के चंद्रयान-3 मिशन ने बीती 23 अगस्त को चांद की सतह पर सफल लैंडिंग कर इतिहास रच दिया था। ऐसा करने वाला भारत अमेरिका, रूस और चीन के बाद दुनिया का चौथा देश बन गया है।
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