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चांद अब दूर नहीं: चंद्रयान-3 की सफलता को लेकर वैज्ञानिक आश्वस्त, बोले- गलतियों से ली सीख; किए ये बदलाव

Tue, 22 Aug 2023 01:53 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलुरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलुरू Published by: नितिन गौतम Updated Tue, 22 Aug 2023 01:53 PM IST
सार

अंतरिक्ष विज्ञानी ने बताया कि लैंडिंग से 15-20 मिनट पहले लैंडर स्वायत मोड पर होगा और उस दौरान इसे नियंत्रित नहीं किया जा सकेगा। यह समय अहम होगा। 

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chandrayaan-3 moon mission fully equipped space scientist claim know where can see live action soft landing
इसरो द्वारा जारी प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : ट्विटर/इसरो

विस्तार

भारत के चंद्रमा मिशन चंद्रयान-3 पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। रूस के मिशन लूना-25 के असफल होने के बाद चंद्रयान-3 को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं लेकिन भारत के वैज्ञानिक मिशन की सफलता को लेकर आश्वस्त दिख रहे हैं। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स के पूर्व प्रोफेसर आरसी कपूर ने बताया है कि चंद्रयान-2 की गलतियों से सीख लेकर चंद्रयान-3 मिशन तैयार किया गया है और उन्हें पूरा भरोसा है कि चंद्रयान-3 मिशन का लैंडर चांद की सतह पर सफलतापूर्वक उतरेगा। 
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गलतियों से इसरो ने ली सीख
अंतरिक्ष विज्ञानी आरसी कपूर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इसरो ने चंद्रयान-2 की गलतियों से सीख ली है। उन्होंने कहा कि इस बार एल्गोरिदम को कार्यमुक्त रखा गया है और लैंडर के लैग मेकनिज्म को पहले के मुकाबले ज्यादा मजबूत बनाया गया है। आरसी कपूर ने बताया कि 'चंद्रयान-3 के लैंडर का डिजाइन इस तरह बनाया गया है कि यह लैंडिंग के समय 3 मीटर प्रति सेकेंड की स्पीड के साथ भी खड़ा हो सकता है। साथ ही पहले के मुकाबले इसके वजन में ढाई सौ ग्राम की बढ़ोतरी  भी की गई है। इसमें अतिरिक्त ईंधन है, जिसके चलते लैंडर की चांद पर लैंडिंग में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।'
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बताया कैसे होगी लैंडिग की प्रक्रिया
अंतरिक्ष विज्ञानी ने बताया कि लैंडिंग से 15-20 मिनट पहले लैंडर स्वायत मोड पर होगा और उस दौरान इसे नियंत्रित नहीं किया जा सकेगा। यह समय अहम होगा। उन्होंने फिर जोर देकर कहा कि लैंडर को हर उस तकनीक से लैस किया गया है, जिससे लैंडर चांद की सतह पर सफलतापूर्वक लैंड कर सकेगा। बता दें कि चंद्रयान-3 मिशन का लैंडर विक्रम प्री लैंडिंग ऑर्बिट में चक्कर लगा रहा है और यह 23 अगस्त 2023 को शाम करीब 6.04 बजे चांद की सतह पर लैंड कर सकता है। 
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यहां देख सकते हैं लाइव एक्शन
बता दें कि चंद्रयान-3 मिशन की लैंडिंग के लाइव एक्शन को इसरो की आधिकारिक वेबसाइट, इसरो को यूट्यूब चैनल, फेसबुक और डीडी नेशनल टीवी पर 23 अगस्त को शाम 5.27 बजे से देखा जा सकेगा। भारत अगर चंद्रयान-3 मिशन की चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग कराने में सफल हो जाता है तो ऐसा करने वाला भारत दुनिया का चौथा देश बन जाएगा। भारत पहले अमेरिका, रूस और चीन यह कारनामा कर चुके हैं। 

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