फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Chandrayaan-3 ISRO update vikram lander module spectacular ejecta halo

Chandrayaan-3: चांद की सतह पर उतरते विक्रम लैंडर से बना शानदार 'इजेक्टा हेलो', ISRO ने शेयर किया बड़ा अपडेट

Fri, 27 Oct 2023 07:01 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू Published by: ज्योति भास्कर Updated Fri, 27 Oct 2023 07:01 PM IST
सार

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने देश के मून मिशन- चंद्रयान-तीन की कामयाबी को लेकर एक और अपडेट शेयर किया है। खगोल विज्ञानियों ने बताया है कि विक्रम लैंडर जब चांद की सतह पर उतर रहा था उस समय शानदार 'इजेक्टा हेलो' बना।

विज्ञापन
Chandrayaan-3 ISRO update vikram lander module spectacular ejecta halo
इसरो ने चंद्रयान तीन पर शेयर किया अपडेट - फोटो : social media

विस्तार

चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग कर ऐतिहासिक कामयाबी पाने वाले भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के वैज्ञानिकों ने भारत के मून मिशन- चंद्रयान-तीन पर बड़ा अपडेट शेयर किया है। इसरो ने बताया है कि चंद्रयान के साथ भेजा गया विक्रम लैंडर जब चांद की सतह पर उतर रहा था, उस समय शानदार 'इजेक्टा हेलो' बना। अंतरिक्ष विज्ञान के इस जटिल घटनाक्रम के बारे में इसरो ने बताया कि आसान भाषा में विक्रम लैंडर के उतरते समय हुई घटना को चांद की सतह पर उड़ने वाली धूल के तौर पर समझा जा सकता है।
विज्ञापन


विक्रम लैंडर के उतरने के बाद उड़ी दो टन धूल, 108 वर्गमीटर दायरे में फैलाव
चंद्रयान-3 मिशन की कामयाबी के बाद एक और बड़े अपडेट में इसरो के खगोल विज्ञानियों ने बताया है कि विक्रम लैंडर जब चांद की सतह पर उतर रहा था उस समय लगभग दो टन धूल उड़ी। धूल उड़ने के बाद चांद की सतह पर आभामंडल बना। विक्रम लैंडर ने जब चांद की सतह को चूमा उस समय उड़ी धूल 108 वर्गमीटर दायरे में फैली। इस अभूतपूर्व खगोलीय और वैज्ञानिक घटना को इसरो ने इजेक्टा हेलो बताया है।
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

चंद्रयान-3 परिणाम पर इसरो का आधिकारिक बयान
इसरो ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म-एक्स पर चंद्रयान-तीन परिणाम टाइटल के साथ बयान जारी किया। अंतरिक्ष संगठन ने कहा, 23 अगस्त, 2023 को जब चांद की सतह पर उतरते समय चंद्रयान-3 के लैंडर मॉड्यूल ने चांद की सतह पर मौजूद सामग्री से एक शानदार 'इजेक्टा हेलो' बनाया। इसरो के नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (एनआरएससी) और चंद्रयान-तीन मिशन से जुड़े इसरो के वैज्ञानिकों का अनुमान है कि लैंडर के सतह पर पहुंचते ही लगभग 2.06 टन चंद्र एपिरेगोलिथ (lunar epiregolith) यानी धूल लैंडिंग स्थल के आसपास से उड़ी। धूल 108.4 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैली जिससे सतह की मिट्टी विस्थापित हुई।

किन वैज्ञानिकों ने चंद्रयान के डेटा का विश्लेषण किया
भारत के अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने कहा, एस सिंह, पी चौहान, पी रॉय के साथ अन्य वैज्ञानिकों ने ऑर्बिटर हाई रिजॉल्यूशन कैमरा (ओएचआरसी) से ली गई तस्वीरों का विश्लेषण ओएचआरसी इमेजरी तकनीक से किया गया। विश्लेषण के अनुसार, चंद्रयान-3 विक्रम लैंडर के आसपास चंद्रमा की सतह पर इजेक्टा हेलो बना। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लैंडिंग के पहले और बाद की तस्वीरों की तुलना की गई। इसरो के अनुसार, चंद्रयान-तीन मिशन का अहम हिस्सा- विक्रम लैंडर जब सुरक्षित तरीके से उतर गया, उसके बाद प्रज्ञान रोवर की मदद से वैज्ञानिकों ने कई अहम जानकारियां जुटाने में कामयाबी पाई।


चंद्रयान-तीन के साथ गए प्रज्ञान रोवर ने कौन सी सूचनाएं भेजीं?
बता दें कि चांद की सतह पर जिस स्थान पर विक्रम लैंडर उतरा इसे शिव-शक्ति बिंदु नाम दिया गया है। प्रज्ञान रोवर की मदद से इसरो वैज्ञानिक 14 दिनों में चांद की सतह पर मौजूद खनिज, वहां के तापमान जैसी जरूरी सूचनाएं जमा करने में सफल हुए हैं। इसके अलावा चंद्रमा की सतह पर सल्फर और प्लाज्मा जैसे तत्वों की मौजूदगी के संकेत भी मिले हैं। प्रज्ञान ने चांद की सतह पर भूकंप का आंकड़ा भी इसरो के साथ शेयर किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed