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चंद्रयान-2: भारत ने चुना सबसे मुश्किल मिशन, 38 प्रयासों में से 52 फीसदी रहे सफल

Sat, 07 Sep 2019 04:11 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Sat, 07 Sep 2019 04:11 PM IST
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Chandrayaan 2 not only India but developed countries were also unsuccessful in soft landing
भारत से पहले कई विकसित देश चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग कराने में असफल रहे हैं - फोटो : PTI

भारत के चंद्रयान-2 मिशन को उस समय झटका लगा जब 2.1 किलोमीटर पहले रात के लगभग 1:55 बजे इसरो का लैंडर विक्रम से संपर्क टूट गया। 13 मिनट 48 सेकंड तक सब कुछ बिल्कुल इसरो की योजनानुसार चल रहा था लेकिन आखिर के डेढ़ मिनट ने भारत के इस मिशन को इतिहास बनने से रोक दिया। करोड़ों भारतवासी चांद पर भारत के पहुंचने का इंतजार कर रहे थे लेकिन दुर्भाग्यवश उनके हाथ मायूसी लगी। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बंगलूरू स्थित इसरो सेंटर में मौजूद थे। उन्होंने वैज्ञानिकों को हौसला न खोने की सलाह दी और उनकी पीठ थपथपाई।

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यह मिशन बेशक सफलता के इतने करीब पहुंचकर चूक गया हो लेकिन पूरा देश इसरो के जज्बे को सलाम कर रहा है। वैसे ऐसा नहीं है कि मिशन में केवल भारत को असफलता मिली है। हमसे पहले कई विकसित देश भी निराशा का स्वाद चख चुके हैं। आज हम आपको ऐसे ही देशों के बारे में बताते हैं जो चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग नहीं कर पाए थे।

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चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग के अब तक 38 प्रयास हुए, 52 फीसदी ही सफल रहे

चांद को छूने की पहली कोशिश 1958 में अमेरिका और सोवियत संघ रूस ने की थी। अगस्त से दिसंबर 1968 के बीच दोनों देशों ने 4 पायनियर ऑर्बिटर (अमेरिका) और 3 लूना इंपैक्ट (सोवियन यूनियन) भेजे, लेकिन सभी असफल रहे। अब तक चंद्रमा पर दुनिया के सिर्फ 6 देशों या एजेंसियों ने सैटेलाइट यान भेजे हैं। कामयाबी सिर्फ 5 को मिली है। अभी तक ऐसे 38 प्रयास किए गए, जिनमें से 52 प्रतिशत सफल रहे हैं।

1969 में मिली थी अमेरिका को सफलता

अपोलो कार्यक्रम के तहत अमेरिका ने पहली बार इंसाम को चांद की सतह पर उतारा था। इस कार्यक्रम के तहत छह यान भेजे गए थे। हालांकि अमेरिका के हाथ जुलाई 1969 में सफलता लगी और नील आर्मस्ट्रांग चांद पर पहला कदम रखने वाले पहले शख्स बने। अपोलो के अलावा अमेरिका ने चांद की सतह पर उतरने के कई दूसरे कार्यक्रमों का भी संचालन किया। 1964 में अमेरिका ने रेंजर कार्यक्रम के तहत तीन लॉन्चिंग की।

जानिए अमेरिका, रूस और चीन के चंद्रमिशन के बारे में

इसी साल इजरायल कर चुका है कोशिश

इसी साल इजरायल ने 22 फरवरी को अपना मून मिशन लॉन्च किया था मगर उसके हाथ निराशा लगी। इजरायल की तरफ से यह कोशिश एक निजी कंपनी स्पेसएल ने की थी। इजराइल का यान बेरेशीट चंद्रमा की सतह पर उतरने की कोशिश में क्रैश हो गया था। बताया जाता है कि इंजन में तकनीकी खामी के चलते उसका ब्रेकिंग सिस्टम फेल गो गया। बेरेशीट जब चंद्रमा की सतह से 10 किलोमीटर दूर था उसी समय उसका संपर्क टूट गया।
 
मिशन देश  तारीख
लूना 2  सोवियत रूस 12 सितंबर 1959
लूना 9 सोवियत रूस 31 जनवरी 1966
सर्वेयर 1 संयुक्त राज्य अमेरिका 30 मई 1966
लूना 13 सोवियत रूस 21 दिसंबर 1966
सर्वेयर 3 संयुक्त राज्य अमेरिका 17 अप्रैल 1967
सर्वेयर 5  संयुक्त राज्य अमेरिका 8 सितंबर 1967
सर्वेयर 6 संयुक्त राज्य अमेरिका 9 नवंबर 1967
सर्वेयर 7 संयुक्त राज्य अमेरिका 7 जनवरी 1968
अपोलो 11 संयुक्त राज्य अमेरिका 16 जुलाई 1969
अपोलो 12 संयुक्त राज्य अमेरिका 14 नवंबर 1969
लूना 16 सोवियत रूस 12 सितंबर 1970
लूना 17 सोवियत रूस 10 नवंबर 1970
अपोलो 14 संयुक्त राज्य अमेरिका 31 जनवरी 1971
अपोलो 15 संयुक्त राज्य अमेरिका 26 जुलाई 1971
लूना 10 सोवियत रूस 14 फरवरी 1972
अपोलो 16 संयुक्त राज्य अमेरिका 16 अप्रैल 1972
अपोलो 17 संयुक्त राज्य अमेरिका 7 दिसंबर 1972
लूना 21 सोवियत रूस 8 जनवरी 1973
चैंगे 3 चीन 1 दिसंबर 2013
चैंगे 4 चीन 7 दिसंबर 2018

 
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