पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र को संवारने के लिए केंद्र ने खोला खजाना
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सांसद के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो साल में अपने क्षेत्र के विकास के लिए काफी कुछ किया है। सड़क, बिजली, पेयजल, यातायात प्रबंधन जैसी बुनियादी दिक्कतों को दूर करने के लिए उन्होंने जमीनी स्तर पर काम किया है। फिलहाल उनके पास बताने के लिए तो बहुत कुछ है मगर दिखाने के लिए चंद काम ही हैं। बनारस के विकास की मजबूत बुनियाद पड़ चुकी है। नि:संदेह शहर के लोगों के अच्छे दिन आएंगे मगर इसके लिए उन्हें थोड़ा इंतजार और करना होगा।
आगामी तीन साल बाद बनारस की तस्वीर अलहदा होगी। शहर जाम से मुक्त होगा और लोगों को भरपूर बिजली मिलेगी। शहर साफ-सुथरा भी दिखेगा। धार्मिक स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं का टोटा नहीं होगा और सैलानियों के लिए यहां देखने की ढेरों चीजें होंगी। काशी के विकास को लेकर केंद्र और प्रदेश दोनों ही सरकारों में होड़ मची हुई है। फिलवक्त बनारस में विकास की दर्जन भर से अधिक योजनाएं संचालित हैं। इन्हें मूर्त रूप देने में आठ हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे। पीएम के संसदीय क्षेत्र को संवारने के लिए केंद्र सरकार ने अपना खजाना खोल दिया है।
रिंग रोड और फोरलेन से बनारस के विकास को मिलेगी गति
‘रिंग रोड’ और ‘वरुणा पुल से बाबतपुर फोरलेन’ परियोजना घनी बसावट वाली संकरी काशी के विकास और विस्तार की नई राह खोलेगी। दोनों बहुउद्देश्यीय सड़क परियोजनाएं केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय की मदद से दो साल में मूर्त रूप ले लेंगी। रिंग रोड और वरुणा पुल से बाबतपुर फोरलेन के सहारे नए उद्योग-धंधों और व्यावसायिक केंद्रों के विकसित होने का भरपूर अवसर मिलेगा।
रिंग रोड वाराणसी-इलाहाबाद मार्ग (एनएच टू) पर मोहनसराय से शुरू होकर, वाराणसी-भदोही मार्ग पर आरामपुर, वाराणसी-जौनपुर मार्ग पर हरहुआ, वाराणसी-आजमगढ़ मार्ग पर बनवारीपुर, वाराणसी-गाजीपुर मार्ग पर संदहा होते हुए वाराणसी-चंदौली मार्ग पर जीवनपुर होते हुए झांसी गांव के पास वापस एनएच टू पर मिल जाएगी। फिलहाल, पहले चरण में संदहा से हरहुआ तक 16.55 किलोमीटर सड़क का काम 261 करोड़ रुपये की लागत से नेशनल हाइवे अथारिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) द्वारा शुरू करा दिया गया है। रिंग रोड परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य मई 2017 रखा गया है। उधर, वरुणा पुल से बाबतपुर तक की 17 किलोमीटर सड़क को फोरलेन बनाने का काम सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय 450 करोड़ रुपये से सीधे अपनी देखरेख में करा रहा है।
इन योजनाओं के बूते काशी के कायाकल्प की तैयारी...
- 48.68 करोड़ रुपये की सालिड वेस्ट मैनेजमेंट योजना (दो लाख घरों के कूड़े का निस्तारण)
-268.36 करोड़ की ट्रांस वरुणा पेयजल पाइप लाइन योजना (5.27 लाख लोगों को पानी )
-407.31 करोड़ की ट्रांस वरुणा सीवर पाइप लाइन योजना (1.27 घरों के सीवर को शोधित करने)
-181.24 करोड़ की अमृत योजना (पानी, सीवर, हरित पटटी और पार्क विकास )
- 89.31 करोड़ की ह्दय योजना (हेरिटेज को ध्यान में रखकर शहर का विकास )
-16 करोड़ की प्रसाद योजना (दुर्गाकुंड, लक्ष्मीकुंड, सोनिया तालाब, सारंगनाथ तालाब कुंड का संरक्षण)
- 432 करोड़ रुपये की एकीकृत ऊर्जा विकास योजना (भूमिगत होंगे पक्का महाल में बिजली के तार)
-200 करोड़ रुपये की बुनकरों के लिए ट्रेड फैसिलिटी सेंटर का निर्माण
-4200 करोड़ रुपये कीइलाहाबाद से हल्दिया तक गंगा में जल परिवहन परियोजना (रामनगर में बनेगा मल्टीहब टर्मिनल)
- 7.34 करोड़ रुपये की स्वदेश योजना (सारनाथ के धमेख स्तूप में लाइट एंड साउंड शो का आयोजन)
- 17277 करोड़ रुपये की मेट्रो रेल परियोजना (दो कारीडोर बनेंगे, 28 किलोमीटर होगी रेल लाइन)
मोदी सरकार की इन योजनाओं का भी मिल रहा लाभ...