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E-Pharmacy: ई-फार्मेसी को जल्द प्रतिबंधित कर सकती है केंद्र सरकार, मरीजों के डेटा गोपनीयता को खतरा

Tue, 14 Mar 2023 04:08 AM IST
वीरेंद्र शर्मा पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: वीरेंद्र शर्मा Updated Tue, 14 Mar 2023 04:08 AM IST
सार

नई औषधि, चिकित्सा उपकरण और प्रसाधन सामग्री विधेयक 2023 का संशोधित मसौदा, जिसे अंतर-मंत्रालयी परामर्श के लिए भेजा गया है। जिसमें कहा गया, केंद्र सरकार ऑनलाइन माध्यम से किसी भी दवा की बिक्री या वितरण को विनियमित प्रतिबंधित कर सकती है।

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Centre mulls regulations stringent action against e-pharmacies amid concerns over data privacy malpractices
प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

दवाओं के ऑनलाइन व्यापार यानी ई-फार्मेसी पर प्रतिबंध लग सकता है। ई फार्मेसी पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार के मंत्रियों के समूह ने भी इसका समर्थन किया है। गत माह दवाओं की ऑनलाइन बिक्री में नियमों का उल्लंघन करने पर स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से 20 कंपनियों को नोटिस दिया गया था।
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों ने सोमवार को बताया कि ई-फार्मेसी को नियंत्रण में लाने की कवायद चल रही है। इसके लिए नए विधेयक पर चर्चा भी की जा रही है, वहीं मंत्री समूह ने ई फार्मेसी पर प्रतिबंध लगाने का पक्ष रखा है। समूह का मानना है कि इससे डाटा गोपनीयता, बिना डॉक्टर के पर्चे के दवाओं की बिक्री और मनमानी कीमत को बढ़ावा मिल रहा है। यह बहुत जोखिम भरा है और इसकी वजह से खुदरा बाजार कमजोर पड़ रहा है। ई-फार्मेसी दवाओं से संबंधित डाटा एकत्र कर सकती है जो रोगी सुरक्षा से जुड़े जोखिम को बढ़ाएगी।
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सूत्रों के अनुसार, अभी इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन पिछले माह बजट सत्र के दौरान सरकार ने बताया था कि वह दवाओं की ऑनलाइन बिक्री को व्यापक रूप से विनियमित करने के लिए कानून में संशोधन कर रही है। इसके ठीक एक सप्ताह बाद मंत्रालय के अधीन भारत के औषधि नियंत्रक (डीसीजीआई) ने अमेजन, फ्लिपकार्ट, टाटा, 1एमजी सहित 20 कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसमें कहा था कि कंपनियां दवाओं की ऑनलाइन बिक्री में सरकारी नियमों का उल्लंघन कर रही हैं। नोटिस में आरोप लगाया कि ये कंपनियां बिना वैध लाइसेंस के शेड्यूल एच, एच 1 और एक्स श्रेणी की दवाओं को गैरकानूनी तरीके से बेच रहीं है।
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केंद्र सरकार दवा को कर सकती है प्रतिबंधित
नई औषधि, चिकित्सा उपकरण और प्रसाधन सामग्री विधेयक 2023 का संशोधित मसौदा, जिसे अंतर-मंत्रालयी परामर्श के लिए भेजा गया है। जिसमें कहा गया, केंद्र सरकार ऑनलाइन माध्यम से किसी भी दवा की बिक्री या वितरण को विनियमित, प्रतिबंधित कर सकती है। द न्यू ड्रग्स मेडिकल डिवाइसेज एंड कॉस्मेटिक्स बिल 2023 और मौजूदा ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 को बदला जा सकता है। 


रोगियों की सुरक्षा से जुड़े जोखिम को बढ़ाती है ई-फार्मेसी
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, इस तरह की ई-फार्मेसी के कामकाज को रेगुलेट करना, प्रिस्क्रिप्शन दवाओं का अनर्गल और अतार्किक इस्तेमाल और मरीज के डेटा की गोपनीयता बनाए रखना प्रमुख फोकस क्षेत्र हैं। ऑनलाइन फ़ार्मेसी दवाओं की खपत से संबंधित क्षेत्र-वार डेटा एकत्र करती हैं, जो रोगी की सुरक्षा से जुड़े जोखिमों को बढ़ाता है। मंत्रियों के एक समूह ने पहले कहा था कि वे ऑनलाइन फार्मेसी पर प्रतिबंध लगाने के पक्ष में हैं।

 
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