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Guidelines: विजिलेंस की आड़ में अब पेंशन नहीं होगी लेट, सेवानिवृत्ति बकाया पर केंद्र ने जारी किए नए आदेश
Tue, 30 Sep 2025 10:23 PM IST
हिमांशु चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Tue, 30 Sep 2025 10:23 PM IST
सार
केंद्र सरकार ने केंद्रीय सिविल सेवाओं के कर्मचारियों के लिए पेंशन और सेवानिवृत्ति बकाया समय पर उपलब्ध कराने हेतु नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विजिलेंस क्लीयरेंस में स्पष्टता, सेवा रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण, ‘भविष्य’ पोर्टल की निगरानी और ‘पेंशन मित्र’ जैसी व्यवस्थाओं को लागू किया जाएगा।
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पेंशन।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
केंद्र सरकार ने केंद्रीय सिविल सेवाओं के कर्मचारियों को समय पर सेवानिवृत्ति बकाया और पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) जारी करने के लिए नए और व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन दिशा-निर्देशों का मकसद मंत्रालयों और विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना और कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद समय पर वित्तीय लाभ सुनिश्चित करना है।
कार्मिक मंत्रालय के बयान में कहा गया कि पेंशन में देरी अब विजिलेंस क्लीयरेंस के कारण नहीं होगी। केंद्रीय सिविल सेवाएं (पेंशन) नियम, 2021 के तहत यह स्पष्ट किया गया है कि सेवानिवृत्ति से तीन महीने पहले विजिलेंस क्लीयरेंस की प्रक्रिया पूरी हो जानी चाहिए। इससे कर्मचारियों को अंतिम समय पर किसी भी तरह की अड़चन का सामना नहीं करना पड़ेगा।
डिजिटलीकरण पर जोर
बयान में कहा गया है कि सेवा रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण, ‘भविष्य’ पोर्टल का सार्वभौमीकरण और पेंशन प्रक्रिया की ऑनलाइन ट्रैकिंग जैसी व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी। इसके अलावा ‘ई-पीपीओ’ को भी अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा। इससे पेंशन प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी और तेज होगी।
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उच्च स्तरीय निगरानी तंत्र बनेगा
सरकार ने एक उच्च स्तरीय निगरानी समिति (एचएलओसी) बनाने का निर्णय लिया है, जिसमें लेखा महानियंत्रक, सीजीएचएस और एनआईसी के महानिदेशक, गृह मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के प्रमुख लेखा नियंत्रक और सीपीएओ शामिल होंगे। इस समिति की अध्यक्षता पेंशन सचिव करेंगे। इसके अलावा हर मंत्रालय और विभाग में संयुक्त सचिव स्तर के नोडल अधिकारी और पेंशन वितरित करने वाले बैंकों के अधिकारी भी निगरानी की जिम्मेदारी निभाएंगे।
ऑटो-फ्लैगिंग और पेंशन मित्र की व्यवस्था
सरकार ‘भविष्य’ पोर्टल को तकनीकी रूप से अपग्रेड कर रही है ताकि तय समयसीमा से ज्यादा लंबित मामलों को ऑटो-फ्लैग और ऑटो-एस्केलेशन किया जा सके। हर सेवानिवृत्त कर्मचारी के साथ ‘पेंशन मित्र’ या कल्याण अधिकारी को जोड़ा जाएगा, जो फॉर्म भरने से लेकर कागजी कार्यवाही तक मदद करेंगे। पेंशनर की मृत्यु की स्थिति में उनके आश्रितों को परिवार पेंशन का दावा करने में भी यह अधिकारी सहयोग करेगा।
ये भी पढ़ें- पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति से जेल में मारपीट, सफाईबंदी ने मारी लोहे की पटरी; डीजी जेल ने दी जानकारी
केंद्र का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रिटायरमेंट से 60 दिन पहले पीपीओ या ई-पीपीओ जारी हो जाए, रिटायरमेंट के अगले दिन बकाया राशि मिल जाए और पहली पेंशन रिटायरमेंट के अगले महीने की आखिरी तारीख को खाते में पहुंच जाए। अखिल भारतीय एनपीएस कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष, मंजीत सिंह पटेल ने कहा कि यह नए दिशा-निर्देश कर्मचारियों के लिए बेहद लाभकारी साबित होंगे और उनकी लंबित समस्याओं का हल करेंगे।
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कार्मिक मंत्रालय के बयान में कहा गया कि पेंशन में देरी अब विजिलेंस क्लीयरेंस के कारण नहीं होगी। केंद्रीय सिविल सेवाएं (पेंशन) नियम, 2021 के तहत यह स्पष्ट किया गया है कि सेवानिवृत्ति से तीन महीने पहले विजिलेंस क्लीयरेंस की प्रक्रिया पूरी हो जानी चाहिए। इससे कर्मचारियों को अंतिम समय पर किसी भी तरह की अड़चन का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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डिजिटलीकरण पर जोर
बयान में कहा गया है कि सेवा रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण, ‘भविष्य’ पोर्टल का सार्वभौमीकरण और पेंशन प्रक्रिया की ऑनलाइन ट्रैकिंग जैसी व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी। इसके अलावा ‘ई-पीपीओ’ को भी अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा। इससे पेंशन प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी और तेज होगी।
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उच्च स्तरीय निगरानी तंत्र बनेगा
सरकार ने एक उच्च स्तरीय निगरानी समिति (एचएलओसी) बनाने का निर्णय लिया है, जिसमें लेखा महानियंत्रक, सीजीएचएस और एनआईसी के महानिदेशक, गृह मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के प्रमुख लेखा नियंत्रक और सीपीएओ शामिल होंगे। इस समिति की अध्यक्षता पेंशन सचिव करेंगे। इसके अलावा हर मंत्रालय और विभाग में संयुक्त सचिव स्तर के नोडल अधिकारी और पेंशन वितरित करने वाले बैंकों के अधिकारी भी निगरानी की जिम्मेदारी निभाएंगे।
ऑटो-फ्लैगिंग और पेंशन मित्र की व्यवस्था
सरकार ‘भविष्य’ पोर्टल को तकनीकी रूप से अपग्रेड कर रही है ताकि तय समयसीमा से ज्यादा लंबित मामलों को ऑटो-फ्लैग और ऑटो-एस्केलेशन किया जा सके। हर सेवानिवृत्त कर्मचारी के साथ ‘पेंशन मित्र’ या कल्याण अधिकारी को जोड़ा जाएगा, जो फॉर्म भरने से लेकर कागजी कार्यवाही तक मदद करेंगे। पेंशनर की मृत्यु की स्थिति में उनके आश्रितों को परिवार पेंशन का दावा करने में भी यह अधिकारी सहयोग करेगा।
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केंद्र का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रिटायरमेंट से 60 दिन पहले पीपीओ या ई-पीपीओ जारी हो जाए, रिटायरमेंट के अगले दिन बकाया राशि मिल जाए और पहली पेंशन रिटायरमेंट के अगले महीने की आखिरी तारीख को खाते में पहुंच जाए। अखिल भारतीय एनपीएस कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष, मंजीत सिंह पटेल ने कहा कि यह नए दिशा-निर्देश कर्मचारियों के लिए बेहद लाभकारी साबित होंगे और उनकी लंबित समस्याओं का हल करेंगे।
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