Climate Change: 'जलवायु परिवर्तन से आने वाली परेशानियों से निपटेंगे', CWC अध्यक्ष बोले- विजन 2047 पर होगा काम
‘विजन 2047’ के तहत जलवायु परिवर्तन से पैदा हो रही चुनौतियों के समाधान पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इस कार्ययोजना को अल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक लक्ष्यों में विभाजित किया गया है।
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केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) अपने ‘विजन 2047’ की दिशा में काम करना शुरू कर दिया है। सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष कुशविंदर वोहरा ने इस बारे में अहम जानकारी दी है। बताया गया है कि ‘विजन 2047’ के तहत जलवायु परिवर्तन से पैदा हो रही चुनौतियों के समाधान पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
नई रणनीतिक कार्ययोजना के पर दिया जोर
बातचीत के दौरान कुशविंदर वोहरा ने सीडब्ल्यूसी की नई रणनीतिक कार्ययोजना के पर जोर दिया। इस कार्ययोजना को अल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक लक्ष्यों में विभाजित किया गया है। योजना का उद्देश्य भारत की जल प्रबंधन की अवसंरचना को मजबूती देना है। वोहरा ने कहा, ‘हम अपने लिए ‘विजन 2047’ को तैयार कर रहे हैं, जिसमें विशेष रूप से जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखा गया है। जलवायु परिवर्तन की वजह से नई उभरती समस्याएं पनपी हैं।’ उन्होंने आगे कहा कि ‘विजन 2047’ रणनीति के तहत देश में जल प्रबंधन की अल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक आवश्यकताओं के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण तैयार किया गया है।
सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष ने इसके बाद अल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक लक्ष्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
अल्पकालिक लक्ष्य: वोहरा ने कहा कि अल्पकालिक लक्ष्य के तहत सीडब्ल्यूसी को क्षमता निर्माण पर ध्यान देना है। इसके अलावा इसके तहत, मौजूदा दिशानिर्देशों की समीक्षा और इनके संशोधन पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा, जरूरत पड़ने पर दिशानिर्देशों को संथोधित किया जाएगा और कार्ययोजना में नए विचारों को शामिल किया जाएगा।
मध्यकालिक लक्ष्य: कुशविंदर वोहरा ने कहा, मध्यकालिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए, सीडब्ल्यूसी द्वारा नए अध्ययन और शोध के क्षेत्रों में कदम आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके लिए रिमोट-सेंसिंग तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा, ‘हम अपने अधिकांश आकलनों को रिमोट सेंसिंग तकनीक के माध्यम से करेंगे। खास तौर पर फसलों और सिंचाई परियोजनाओं के मूल्यांकन में रिमोट सेंसिंग तकनीक का इस्तेमाल होगा।’ उन्होंने आगे कहा कि जल इकाईयों के आकलन के लिए सीडब्ल्यूसी द्वारा एक मोबाइल एप पर भी काम किया जा रहा है।
दीर्घकालिक लक्ष्य: कुशविंदर वोहरा ने कहा, सीडब्ल्यूसी के दीर्घकालिक लक्ष्य के तहत एक स्वदेशी सॉफ्टवेयर को तैयार किया जाएगा। यह सॉफ्टवेयर सीडब्ल्यूसी की भविष्य की योजनाओं का एक प्रमुख हिस्सा होगा। उन्होंने कहा, ‘हम जल्द ही एक उत्कृष्टता केंद्र शुरू करने जा रहे हैं, जो हमारी कई भविष्य की जरूरतों को पूरा करेगा।’ वोहरा ने कहा, यह उत्कृष्टता केंद्र बाढ़ और जोखिम प्रबंधन में अहम भूमिका निभाएगा। विशेष रूप से ऐसे हिमालयी क्षेत्र, जहां ग्लेशियर झीलों के विस्फोट से बड़ा खतरा पैदा हो जाता है।
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