पाकिस्तानी घुसपैठियों पर शिकंजा कसने को गंभीर है केंद्र सरकार
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चीन के बार-बार बॉर्डर क्रॉसिंग की घटनाओं व पाकिस्तान की ओर से हो रही घुसपैठ से केंद्र सरकार पूरी तरह से चिंतित और गंभीर है। विदेश राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह ने कहा कि सरकार इन मसलों पर गंभीरता से विचार कर रही है और फिलहाल सबसे ज्यादा फोकस पाकिस्तान की ओर से होने वाली आतंकियों की घुसपैठ को रोकने पर है।
ये आतंकी ताकतें लगातार सीमा पार से देश में हालात खराब करने में जुटी हुई हैं। अंबाला के बराड़ा पहुंचे पूर्व सेनाध्यक्ष व विदेश राज्यमंत्री ने कहा कि चीन के साथ लगी देश की जो सीमा है, वो अधिकतर हिस्सा पर्वतीय है, लिहाजा बहुत सी जगह पर बार्डर क्लीयर नहीं होता।
इसी का फायदा उठाकर चीन की सेना कई बार देश की सीमा में घुस जाती है। लेकिन बाद में विभिन्न सैन्य तरीकों से उन्हें पीछे भेज दिया जाता है। मालूम हो कि इससे पहले केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरेन रिजजू ने भी पासीघाट में इस बात का खुलासा किया है पिछले महीने ही चीन की सेना ने दो बार अरुणाचल बार्डर को क्रास किया है।
कबूतरबाजों पर शिकंजा कसे राज्य सरकार
चीन की सेना वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) को क्रास कर गई थी, जो गंभीर बात है। वीके सिंह के मुताबिक सरकार इसका जवाब भी अपने तरीके से ही देती है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जो अलगाववादी ताकतें घाटी में अमन-चैन का माहौल बिगाड़ना चाहती हैं, सरकार उन्हें कभी अपने मंसूबों में कामयाब नहीं होने देगी।
वीके ने विदेशों खासकर अरब देशों में फंसे भारतीयों के मसले पर कहा कि कबूतरबाजी में लिप्त एजेंटों का जाल बहुत ज्यादा फैल चुका है। इसी का नतीजा है कि बहुत से युवा विदेश में नौकरी का झांसा लेकर वहां बंधुआ बन जाते हैं।
राज्य सरकारों को चाहिए कि ऐसे कबूतरबाजी करने वालों के खिलाफ एक सख्त कानून बनाए और ऐसे लोगों पर शिकंजा कसे।