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केंद्रीय विश्वविद्यालयों में रिक्तियां भरने को चुनाव आयोग पहुंची केंद्र सरकार
Thu, 04 Apr 2019 07:54 AM IST
Avdhesh Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Thu, 04 Apr 2019 07:54 AM IST
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केंद्रीय विश्वविद्यालयों में खाली पड़े पदों पर भर्ती को लेकर भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और आम आदमी पार्टी की दिल्ली राज्य सरकार आमने-सामने आ गई हैं। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय ने आदर्श आचार संहिता लागू होने के बावजूद केंद्रीय विश्वविद्यालयों में रिक्तियों को भरने की प्रक्रिया शुरू करने की इजाजत चुनाव आयोग से मांगी है, लेकिन दिल्ली सरकार ने इसका विरोध करते हुए चुनाव आयोग से इजाजत नहीं देने का आग्रह किया है।
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मानव संसाधन मंत्रालय ने निर्वाचन मंडल को 1 अप्रैल को लिखे पत्र में कहा, यूजीसी ने जून, 2019 में नया शैक्षिक सत्र शुरू होने से पहले विश्वविद्यालयों में पर्याप्त संख्या में शिक्षक और गैर शिक्षक कर्मचारी उपलब्ध कराने के आदेश दिए हुए हैं। इन आदेशों को देखते हुए आयोग से आग्रह है कि आदर्श आचार संहिता में ढील देकर सरकार को केंद्रीय विश्वविद्यालयों में खाली पड़े पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की इजाजत दी जाए।
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बता दें कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पिछले साल जुलाई में इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक आदेश को ध्यान में रखते हुए रोक दी गई थी। मंत्रालय की तरफ से चुनाव आयोग को लिखे पत्र के मुताबिक, अप्रैल, 2017 को दिए इस आदेश में हाईकोर्ट ने यूजीसी के निर्देशों के उन प्रावधानों को खारिज कर दिया था, जिनमें आरक्षण तय करने के लिए विभाग या संकाय के बजाय विश्वविद्यालय या कॉलेज को आधार मानने का आदेश दिया गया था। हाईकोर्ट के इस आदेश को जुलाई में सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा था और सरकार की तरफ से दाखिल रिव्यू याचिका को खारिज कर दिया था। इस सारी प्रक्रिया के चलते शिक्षकों के बहुत सारे पद लंबे समय से खाली चले आ रहे हैं, जिन्हें भरने की इजाजत सरकार ने आयोग से मांगी है।
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मंत्रालय ने अपने पत्र में चुनाव आयोग की तरफ से भारतीय विज्ञान शिक्षण व शोध संस्थानों (आईआईएसईआर) और राष्ट्रीय तकनीकी संस्थान (एनआईटी) में भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिए दी गई छूट का हवाला भी दिया है। साथ ही उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षण स्तर को बेहतर बनाए रखने और छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होने से बचाने के लिए भी तत्काल भर्तियों की आवश्यकता भी पत्र में जताई गई है।
खाली पड़े हैं पद
17425 शिक्षकों के पद स्वीकृत हैं 40 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में
6141 शिक्षकों के पद खाली पड़े हुए थे 1 नवंबर, 2018 तक
दिल्ली राज्य सरकार ने जताई आपत्ति, लिखा पत्र
केंद्र सरकार की तरफ से चुनावी प्रक्रिया के दौरान भर्तियां करने की अनुमति मांगने पर अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली दिल्ली राज्य सरकार ने आपत्ति जताई है। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बुधवार को मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा को पत्र लिखकर मानव संसाधन विकास मंत्रालय को दिल्ली यूनिवर्सिटी के विभिन्न कॉलेजों में शिक्षक व अन्य पदों पर भर्ती की अनुमति नहीं देने का अनुरोध किया।
सिसोदिया ने कहा, दिल्ली के कॉलेजों में अब तक गवर्निंग बॉडी गठित नहीं हो पाई है। गवर्निंग बॉडी की अनुपस्थिति में भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्ट तरीके अपनाने के लिए ही मोदी सरकार ने इसके लिए दिल्ली सरकार के अनुरोध को भी नहीं माना। उन्होंने लोकसभा चुनाव के दौरान भर्ती प्रक्रिया से भाजपा को राजनीतिक लाभ पहुंचने की आशंका जताते हुए इसकी इजाजत नहीं देने की मांग की है।