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केंद्र उठाएगा एससी छात्रों की छात्रवृत्ति का 60 फीसदी वित्तीय भार
Mon, 08 Jul 2019 12:36 AM IST
Avdhesh Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Mon, 08 Jul 2019 12:36 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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अनुसूचित जाति (एससी) के छात्रों को छात्रवृत्ति के लिए धन बंटवारे की नई व्यवस्था का सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय का प्रस्ताव आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति को भेजा गया है। नई व्यवस्था के तहत एससी छात्रों से संबंधित छात्रवृत्ति योजना का ज्यादा वित्तीय भार केंद्र वहन करेगा।
प्रस्ताव के मुताबिक, एससी छात्रों से संबंधित ‘मैट्रिक-बाद छात्रवृत्ति योजना’ का 60 प्रतिशत वित्तीय भार केंद्र और 40 प्रतिशत भार राज्य वहन करेंगे। एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि मंत्रालय ने प्रस्ताव आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति को भेजा है। योजना में सुधार मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले 100 दिन के एजेंडे में मंत्रालय की प्राथमिकताओं में से एक है।
वित्तीय वर्ष 2017-18 और 2018-19 में योजना के तहत अधिकतम वित्तीय भार राज्य सरकारों को और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन को वहन करना पड़ता था। इस संबंध में एक अधिकारी ने कहा कि नई व्यवस्था धन के प्रवाह में निश्चितता सुनिश्चित करेगी और राज्यों पर वित्तीय भार में कमी आएगी।
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प्रस्ताव के मुताबिक, एससी छात्रों से संबंधित ‘मैट्रिक-बाद छात्रवृत्ति योजना’ का 60 प्रतिशत वित्तीय भार केंद्र और 40 प्रतिशत भार राज्य वहन करेंगे। एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि मंत्रालय ने प्रस्ताव आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति को भेजा है। योजना में सुधार मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले 100 दिन के एजेंडे में मंत्रालय की प्राथमिकताओं में से एक है।
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वित्तीय वर्ष 2017-18 और 2018-19 में योजना के तहत अधिकतम वित्तीय भार राज्य सरकारों को और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन को वहन करना पड़ता था। इस संबंध में एक अधिकारी ने कहा कि नई व्यवस्था धन के प्रवाह में निश्चितता सुनिश्चित करेगी और राज्यों पर वित्तीय भार में कमी आएगी।
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