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Advertisements Guidelines: सट्टेबाजी से जुडे़ विज्ञापनों पर सरकार सख्त, वेबसाइट्स-टीवी चैनलों को दी यह हिदायत
Mon, 03 Oct 2022 09:00 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Mon, 03 Oct 2022 09:00 PM IST
सार
मंत्रालय ने कहा, हाल में कुछ ऑनलाइन ऑफशोर सट्टेबाजी प्लेटफार्मों ने डिजिटल मीडिया पर सट्टेबाजी प्लेटफार्मों का विज्ञापन करने के लिए एक सरोगेट प्रोडक्ट के रूप में समाचार वेबसाइटों व अन्य साधनों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
केंद्र सरकार ने सट्टेबाजी से जुड़े एप या वेबसाइट के विज्ञापनों को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। केंद्र सरकार ने नई न्यूज वेबसाइट्स, ओटीटी प्लेटफॉर्मों और निजी सैटेलाइट टीवी चैनलों से कहा है कि वे सट्टेबाजी से जुड़े विज्ञापन ना दिखाएं।
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मंत्रालय ने कहा, हाल में कुछ ऑनलाइन ऑफशोर सट्टेबाजी प्लेटफार्मों ने डिजिटल मीडिया पर सट्टेबाजी प्लेटफार्मों का विज्ञापन करने के लिए एक सरोगेट प्रोडक्ट के रूप में समाचार वेबसाइटों व अन्य साधनों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। ऐसे में नेटफिलक्स, अमेजॉन प्राइम वीडियो जैसे ओटीटी प्लेटफार्म, नई समाचार वेबसाइटों के प्रकाशकों व टीवी चैनलों को इस तरह के विज्ञापन से परहेज करने की सलाह दी जाती है। मंत्रालय ने कहा, अगर सरकार की सलाह का पालन नहीं किया गया तो लागू कानूनों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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इससे पहले इसी साल जून में केंद्र सरकार ने बच्चों को निशाना बनाने वाले भ्रामक विज्ञापनों को नियंत्रित करने के लिए भी विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए थे। इसके तहत अब चर्चित सितारों को भी विज्ञापन के प्रति जवाबदेही तय करने की बात कही थी। इसके साथ ही सरोगेट विज्ञापनों पर पाबंदी लगा दी गई थी। बिना सत्यता साबित किए विज्ञापनों पर भी रोक लगा दी गई थी। इसका मकसद भ्रामक विज्ञापनों पर रोक लगाना है।
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सूचना और प्रसारण मंत्रालय की एडवाइजरी में कहा गया है कि निजी सैटेलाइट टेलीविजन चैनलों को ऑनलाइन ऑफशोर बेटिंग प्लेटफॉर्म या उनकी सरोगेट न्यूज वेबसाइटों या ऐसे किसी उत्पाद/सेवा के विज्ञापनों से परहेज करने की सख्त सलाह दी जाती है, जो इन प्लेटफॉर्म्स को सरोगेट तरीके से चलाते हैं।
एडवाइजरी में निजी उपग्रह टेलीविजन चैनलों को भी सलाह के उल्लंघन के लिए लागू कानूनों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। डिजिटल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर समाचार और करंट अफेयर्स सामग्री के प्रकाशकों को एक अलग सलाह में मंत्रालय ने एक समान निर्देश जारी किया है और उनसे भारतीय दर्शकों के लिए ऐसे विज्ञापनों को नहीं दिखाने के लिए कहा गया है।