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हार्दिक पटेल पर बनी फिल्म को सेंसर बोर्ड ने मंजूरी देने से किया इनकार

Wed, 27 Jul 2016 02:47 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 27 Jul 2016 02:47 PM IST
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Censor Board refuses to clear film on Hardik Patel
हार्दिक पटेल
सेंसर बोर्ड ने हार्दिक पटेल और उनके द्वारा चलाए गए पाटीदार आंदोलन के मुद्दे पर बनाई गई फिल्म को मंजूरी देने से इनकार कर दिया है। बोर्ड ने इस गुजराती फिल्म में असली नाम का उपयोग करने समेत कई बातों को देखते हुए इसे अपनी मंजूरी देने से इनकार किया है। 
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'पॉवर ऑफ पाटीदार' के निर्माताओं को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के निर्णय से अवगत करा दिया गया। सीबीएफसी की एक समिति ने मुंबई में शुक्रवार को यह फिल्म देखी थी।
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पटेल ने कहा, 'मुंबई में शुक्रवार को सीबीएफसी की एक समिति को फिल्म दिखाई गई थी। फिल्म देखने के बाद, समिति ने सोमवार को निर्माता दीपक सोनी को कहा था कि फिल्म को बोर्ड की मंजूरी नहीं मिलेगी। उन्होने किसी दृश्य को हटाने का भी सुझाव नहीं दिया था।'
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 बोर्ड ने पाटीदार अनामत आंदोलन समिति के सभी प्रमुख नेताओं के असली नामों गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल के रोल और नरेंद्र मोदी के भाषण जै का उपयोग फिल्म में करने को लेकर आपत्ति जताई है। फिल्म के को प्रोड्यूसर जयप्रताप सिंह चौहान के मुताबिक उन्होंने बोर्ड की रिव्यू कमिटी के सामने अपील कर दी है जिसकी सुनवाई होनी बाकी है। 
 

9 महीने बाद जेल से रिहा हुए हैं हाार्दिक

Censor Board refuses to clear film on Hardik Patel
बताते चलें कि पाटीदार आंदोलन के वक्त हार्दिक ने पिछले साल तीन अक्टूबर 2015 को एक बयान दिया था। इसमें पटेल ने विपुल देसाई नाम के एक लड़के द्वारा सुसाइड की धमकी पर कहा था कि दो-चार पुलिसवालों को मार देना, लेकिन खुदकुशी मत करना।  इस बयान का वीडियो वायरल हो गया था। इसके बाद पुलिस हरकत में आई थी और उसके भाषणों की रिकॉर्डिंग्स निकाली गई थीं। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था और वह 9 महीने तक जेल में रहे थे।

गुजारात में पटेल-पाटीदार कम्युनिटी सरकारी नौकरियों और कॉलेजों में 10% आरक्षण की मांग कर रही थी। इसे लेकर चलाए जा रहे आंदोलन की अगुआई हार्दिक पटेल कर रहे हैं। 31 साल के बाद राज्य में इस पैमाने पर कोई आंदोलन हुए थे।  आंदोलन के बाद गुजरात सरकार ने अगड़ी जातियों को आर्थिक आधार पर 10% आरक्षण देने का एलान किया।  6 लाख से कम सलाना तनख्वाह वाले परिवार इस कैटेगिरी में रखे गए। 
 
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