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AWEB: सीईसी कुमार ने उठाए सवाल, कहा- लोकतांत्रिक सूचकांकों के मूल्यांकन के लिए मापकों की समीक्षा की जरूरत

Wed, 19 Oct 2022 09:39 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Wed, 19 Oct 2022 09:39 PM IST
सार

सीईसी राजीव कुमार ने यह भी कहा कि आज लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन निकाय (ईएमबी) दुनिया भर में चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये चुनौतियां लोगों के ध्रुवीकरण, लोकलुभावने वादे और उसके परिणामों, आर्थिक असमानता, आप्रवासन और बहुजातीय लोकतंत्रों को बनाए रखने की चुनौती पर काबू पाने के कारण पैदा होती हैं। 

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CEC Rajiv Kumar says Need to revisit parameters for assessment of democratic indices
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

 देश के मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने मतदाताओं को जोड़ने के लिए सोशल मीडिया के प्रयोग और उसके दुष्प्रभावों और चुनौतियों पर चर्चा की। बुधवार को उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन में एसोसिएशन ऑफ वर्ल्ड इलेक्शन बॉडीज (AWEB) की 5वीं महासभा के उद्घाटन समारोह में संबोधन दिया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि मतदाता जुड़ाव के लिए सोशल मीडिया का लाभ उठाना एक सकारात्मक विशेषता है, लेकिन  इसका दुरुपयोग और दुष्प्रचार के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स चुनाव प्रबंधन निकायों और दुनिया भर के सामने एक वास्तविक चुनौती है। इस दौरान उन्होंने देश के लोकतांत्रिक सूचकांक की रेटिंग 'एकतरफा और अवैध मानकों' के आधार पर किए जाने पर भी सवाल खड़े किए।  

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लोकतांत्रिक सूचकांकों के मूल्यांकन के मापदंडों पर खड़े किए सवाल
AWEB की पांचवीं महासभा के उद्घाटन के मौके पर अपने संबोधन में उन्होंने कुछ अंतरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा उपयोग किए जा रहे लोकतांत्रिक सूचकांकों के मूल्यांकन के लिए मापदंडों पर फिर से विचार करने  की आवश्यकता को रेखांकित किया। इस दौरान दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा भी कार्यक्रम में मौजूद थे। सीईसी राजीव कुमार की यह टिप्पणी उन रिपोर्ट्स के खिलाफ आई है जिनमें दावा किया गया था कि हाल के वर्षों में लोकतंत्र सूचकांक में भारत के स्तर और स्कोर में गिरावट आई है। हालांकि भारत सरकार ने उन खबरों को पहले ही खारिज कर दिया था।  
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सीईसी राजीव कुमार ने यह भी कहा कि आज लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन निकाय (ईएमबी) दुनिया भर में चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये चुनौतियां लोगों के ध्रुवीकरण, लोकलुभावने वादे और उसके परिणामों, आर्थिक असमानता, आप्रवासन और बहुजातीय लोकतंत्रों को बनाए रखने की चुनौती पर काबू पाने के कारण पैदा होती हैं। उन्होंने कहा कि चुनावों को स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से कराने के लिए ये जरूरी है कि पूरी शक्ति के साथ ईएमबी का स्वतंत्रता के साथ काम करना जरूरी है।  
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क्या है एसोसिएशन ऑफ वर्ल्ड इलेक्शन बॉडीज (AWEB) 
एसोसिएशन ऑफ वर्ल्ड इलेक्शन बॉडीज (AWEB) की स्थापना 2013 में सोंग-डू, दक्षिण कोरिया में हुई थी। यह चुनाव प्रबंधन निकायों का पहला वैश्विक संगठन है, और इसमें सदस्यों के रूप में 118 ईएमबी और सहयोगी सदस्यों के रूप में 20 क्षेत्रीय संघ शामिल हैं।  

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