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SHAKTI Scheme: नई नीति से बिजली संयंत्रों में आएगा दम; शक्ति योजना को मंजूरी, दो नए विकल्प हैं प्रस्तावित

Wed, 07 May 2025 02:54 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Wed, 07 May 2025 02:54 PM IST
सार

आर्थिक मामलों की केंद्रीय समिति ने बुधवार को संशोधित शक्ति योजना का मंजूरी दे दी। इस योजना के तहत देश के बिजली संयंत्रों को पारदर्शी तरीके से कोयला आवंटित हो सकेगा। आर्थिक मामलों की केंद्रीय समिति की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। इससे बिजली संयंत्रों को अपनी दीर्घकालिक और अल्पकालिक कोयला जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।

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CCEA approves revised SHAKTI scheme for allocation of coal to power plants
पीएम मोदी ने की बैठक की अध्यक्षता - फोटो : पीटीआई

विस्तार

आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने विद्युत क्षेत्र को कोयला आवंटन के लिए भारत में पारदर्शी तरीके से कोयला दोहन व आवंटन की संशोधित योजना (शक्ति) को मंजूरी दे दी, ताकि उन्हें दीर्घकालिक तथा अल्पकालिक कोयला आवश्यकता को पूरा करने में मदद मिल सके। प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने ‘लिंकेज’ प्रक्रिया को सरल बनाने के उद्देश्य से यह मंजूरी दी। इसमें केंद्रीय राज्य क्षेत्र और स्वतंत्र बिजली उत्पादकों के ताप विद्युत संयंत्रों को नए कोयला लिंकेज दिया जाएगा।

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संशोधित नीति के तहत दो विकल्प प्रस्तावित किए गए हैं। एक बयान में कहा गया है कि दो विकल्पों में केंद्रीय विद्युत उत्पादन करने वाले राज्य और कंपनियों को अधिसूचित मूल्य पर कोयला लिंकेज-विंडो एक तहत मिलेगा। इसके अलावा अन्य सभी विद्युत उत्पादन कंपनियों को अधिसूचित मूल्य से अधिक प्रीमियम पर कोयला लिंकेज-विंडो दो के तहत मिलेगा।
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इन्हें होगा फायदा
इसमें थर्मल पावर प्लांट रेलवे, कोल इंडिया लिमिटेड, सिंगरेनी, कोलियरीज कंपनी लिमिटेड, अंतिम उपभोक्ता और राज्य सरकारों को इसका फायदा होगा।  

25 साल के लिए कोयला कर सकते हैं हासिल
राज्यों के लिए निर्धारित कोयला लिंकेज का उपयोग राज्य अपनी विद्युत उत्पादन कंपनियों में कर सकते हैं। जबकि विंडो दो में कोई घरेलू कोयला आधारित बिजली उत्पादक जिसके पास बिजली खरीद समझौता है या संयुक्त आयातित कोयला आधारित बिजली संयंत्र हैं।अधिसूचित मूल्य से अधिक प्रीमियम को चुका कर 12 माह या 25 साल तक के लिए नीलामी के आधार पर कोयला हासिल  कर सकते हैं। उन्हें बिजली संयंत्रों को अपनी पसंद के अनुसार बिजली बेचने का लचीलापन प्रदान किया जा सकता है।
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आईटीआई:  पांच राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र होंगे स्थापित
देश में व्यावसायिक शिक्षा में को लेकर अहम कदम उठाते हुए कैबिनेट ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) के उन्नयन और कौशल विकास के लिए पांच राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना को मंजूरी दी है। इसके लिए 60 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें केंद्र सरकार 30 हजार करोड़ रुपये, राज्य 20 हजार करोड़ और उद्योग 10 हजार करोड़ रुपये खर्च करेंगे। एशियाई विकास बैंक और विश्व बैंक की ओर से समान रूप से केंद्रीय हिस्से के 50 प्रतिशत की सीमा तक का सह-वित्तपोषण किया जाएगा। इस योजना का मकसद उद्योग से जुड़े नए ट्रेड  के साथ हब और स्पोक व्यवस्था में एक हजार सरकारी आईटीआई को उन्नत करना और पांच राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों की क्षमता बढ़ाना है।

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