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रद्द हो सकता है सीबीएसई की 12वीं कक्षा के गणित का पेपर
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Wed, 16 Mar 2016 08:43 PM IST
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रद्द हो सकता है सीबीएसई की 12वीं कक्षा का पेपर
- फोटो : PTI
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सीबीएसई की 12वीं कक्षा के गणित का पेपर रद्द हो सकता है। बुधवार को लोकसभा में सरकार ने न केवल पेपर लीक होने, सिलेबस से बाहर का सवाल पूछे जाने और जवाब बेहद लंबा होने के कारण अधिकांश छात्रों के निराश होने की शिकायत मिलने की बात स्वीकारी, बल्कि खुद ही इसकी जांच की जरूरत भी जताई।
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संसदीय कार्य मंत्री वैंकेया नायडू ने कहा कि लाखों छात्रों के भविष्य का सवाल होने के कारण यह मामला बेहद गंभीर है। फिर सरकार को भी इस पेपर के संबंध में कई स्तरों से शिकायत मिली है। ऐसे में वह खुद मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी से बात करेंगे। इससे पहले भाजपा, कांग्रेस, अन्नाद्रमुक, आरपीआई सहित कई दलों ने पेपर रद्द करने के साथ ही पूरे मामले की जांच की मांग की। हालांकि इस पर अंतिम फैसला अब मानव संसाधन मंत्री को करना है।
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प्रश्नकाल के तत्काल बाद कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल ने कहा कि गणित के बेहद कठिन पत्र ने लाखों छात्रों के भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा देने के बाद लाखों छात्र निराश हैं। इनकी शिकायत है कि जवाब बेहद लंबा होने केकारण अधिकांश छात्र पेपर ठीक से हल नहीं कर पाए। इसके अलावा छात्रों ने सिलेबस से बाहर का सवाल डाले जाने और परीक्षा से पहले ही पेपर लीक हो जाने तक की शिकायत की। भाजपा के रमेश विधूड़ी ने कहा कि प्रश्न पत्र सेट करने वालों ने देश के लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है।
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सरकार को इस बात की जांच करानी चाहिए कि आखिर पेपर में सिलेबस से बाहर के सवाल क्यों शामिल किए गए। इसके आद अन्नाद्रमुक, आरपीआई, जदयू के सदस्यों ने भी छात्रों के भविष्य के मद्देनजर पर्चा रद्द करने की मांग की।
इसके जवाब में संसदीय कार्य मंत्री नायडू ने इस आशय की कई शिकायतें सरकार को भी मिली हैं। उन्होंने कहा कि मामले के दो पहलू हैं। पेपर का स्तर बेहद कठिन था। यहां तक कि बेहद प्रतिभाशाली छात्र भी कुशलता से जवाब नहीं दे पाए। सरकार को मीडिया के जरिए पेपर लीक होने और इसके बाजार में बिकने की जानकारी भी मिली। उन्होंने कहा कि यह छात्र और उसके भविष्य का सवाल है। ऐसे में इसकी जांच की जरूरत है। मैं इस बारे में खुद मानव संसाधन मंत्री से बात करुंगा। इस दौरान उन्हें सदन की भावनाओं से अगवत भी करा दूंगा।