सीबीएसई की डिजिटल स्कोरिंग से चंद घंटों में तैयार होगा रिजल्ट
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सीबीएसई पहले चरण में यह व्यवस्था प्रतियोगी परीक्षाओं में लागू करेगा और उसके बाद बोर्ड परीक्षाओं में भी इसे लागू किया जाएगा। परीक्षा के तुरंत बाद केंद्र से ओएमआर शीट स्कैन करके सीबीएसई के सेंट्रल पोर्टल पर अपलोड कर दी जाएगी।
बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन करके अपलोड किया जाएगा, जिसका मूल्यांकन सॉफ्टवेयर के जरिए तुरंत ही शुरू हो जाएगा। इसके बाद छात्र सीबीएसई की वेबसाइट पर अपना परिणाम देख सकेंगे।
ज्यादातर प्रतियोगी परीक्षाओं में वैकल्पिक प्रश्न पूछे जाते हैं। सवालों का जवाब भी ऑप्टीकल मार्क रिकॉग्नाइजेशन (ओएमआर शीट) पर देना होता है, लेकिन उत्तर पुस्तिकाओं को परीक्षा केंद्रों से जमा कर पहले बोर्ड मुख्यालय भेजने और फिर वहां से मूल्यांकन केंद्र तक पहुंचाने में ही 20 से 25 दिन का वक्त लग जाता है।
स्कैन के दौरान होंगे पुख्ता इंतजाम
मूल्यांकन केंद्रों पर पर्याप्त इमेज कैप्चरिंग इक्युपमेंट लगाने और ओएमआर शीट की स्कैनिंग कर स्कोरिंग शुरू करने में भी आठ से दस दिन लगते हैं। इसके बाद सभी मूल्यांकन केंद्रों से आए रिजल्ट को कंपाइल करने और मेरिट बनाने में भी काफी वक्त लगता है। डिजिटल स्कोरिंग होने से सारी प्रक्रिया ऑनलाइन ही होगी।
सीबीएसई ने डीजी स्कोरिंग नाम से एक ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार किया है जिसके जरिए परीक्षा खत्म होने के चंद घंटों बाद ही परिणाम घोषित किया जा सकेगा। सवाल और जवाब इस साफ्टवेयर पर पहले से ही अपलोड होंगे।
स्कैन के दौरान होंगे पुख्ता इंतजाम
परीक्षा खत्म होने के बाद केंद्र अध्यक्ष, पर्यवेक्षक, बोर्ड के प्रतिनिधि और चार गवाहों की मौजूदगी में इन स्कैन के जरिए सारी ओएमआर शीट स्कैन कर सीबीएसई के सेंट्रल पोर्टल पर अपलोड कर दी जाएंगी। सीबीएसई इसका ट्रायल पहले ही कर चुका है और इसको लागू किया जाएगा।