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Andhra Pradesh: वाईएसआर कांग्रेस के सांसद बालाशौरी वल्लभनेनी के खिलाफ कोई सबूत नहीं, सीबीआई ने दी जानकारी
Tue, 03 Jan 2023 07:56 PM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Tue, 03 Jan 2023 07:56 PM IST
सार
सीबीआई ने 2016 में पालम वायु सेना स्टेशन पर तैनात भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के पूर्व स्क्वाड्रन लीडर पोलू श्रीधर के खिलाफ मामला दर्ज किया था। सीबीआई ने उसको वल्लभनेनी की संपत्ति को कवर करने को लेकर नामित किया गया था।
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बालाशौरी वल्लभनेनी
- फोटो : Twitter
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विस्तार
सीबीआई को आंध्र प्रदेश के वरिष्ठ राजनेता बालाशौरी वल्लभनेनी के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए कोई सबूत नहीं मिला है। एफआईआर दर्ज करने के समय वल्लभनेनी एक पूर्व सांसद थे। वर्तमान में, वह वाईएसआर कांग्रेस के लोकसभा सदस्य हैं।
एजेंसी ने आरोप लगाया था कि 1 जनवरी, 2007 से 31 दिसंबर, 2010 के बीच, एयरफोर्स स्टेशन, पालम में कार्यालय प्रभारी के रूप में काम करते हुए श्रीधर ने अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से 423 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की। अधिकारियों ने कहा कि श्रीधर के तीन बैंक खातों में कुल 11.96 करोड़ रुपये जमा किए गए थे, जबकि उनकी कुल आय लगभग 23 लाख रुपये थी।
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सीबीआईने कहा कि जांच के दौरान श्रीधर ने सीबीआई के सामने स्वीकार किया कि उनके बैंक खाते का इस्तेमाल कर पूर्व सांसद ने लेन-देन किया था। सीआरपीसी की धारा 91 के तहत जारी नोटिस के जवाब में, पूर्व सांसद ने भी माना कि पैसा उनका है, हाल ही में दायर चार्जशीट में आरोप लगाया गया है। सीबीआई के अनुसार, श्रीधर ने वल्लभनेनी के पैसे लौटा दिए, लेकिन आरोपी आईएएफ अधिकारी की आय और संपत्ति से 40 लाख रुपये अधिक पाए गए।
सीबीआई ने कहा कि पूर्व सांसद और शाखा प्रबंधक पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता है क्योंकि रिकॉर्ड में किसी भी साजिश के अपर्याप्त सबूत थे जो दर्शाता है कि उन्होंने श्रीधर द्वारा किए गए अपराध को अंजाम देने के लिए उकसाया था क्योंकि जमीन वल्लभनेनी के नाम पर खरीदी गई थी। सक्सेना ने केवल अभियुक्तों के बैंक खाते खोले थे।
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सीबीआई ने 2016 में पालम वायु सेना स्टेशन पर तैनात भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के पूर्व स्क्वाड्रन लीडर पोलू श्रीधर के खिलाफ मामला दर्ज किया था। सीबीआई ने उसको वल्लभनेनी की संपत्ति को कवर करने को लेकर अभियुक्त के रूप में भी नामित किया गया था।
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एजेंसी ने आरोप लगाया था कि 1 जनवरी, 2007 से 31 दिसंबर, 2010 के बीच, एयरफोर्स स्टेशन, पालम में कार्यालय प्रभारी के रूप में काम करते हुए श्रीधर ने अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से 423 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की। अधिकारियों ने कहा कि श्रीधर के तीन बैंक खातों में कुल 11.96 करोड़ रुपये जमा किए गए थे, जबकि उनकी कुल आय लगभग 23 लाख रुपये थी।
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सीबीआईने कहा कि जांच के दौरान श्रीधर ने सीबीआई के सामने स्वीकार किया कि उनके बैंक खाते का इस्तेमाल कर पूर्व सांसद ने लेन-देन किया था। सीआरपीसी की धारा 91 के तहत जारी नोटिस के जवाब में, पूर्व सांसद ने भी माना कि पैसा उनका है, हाल ही में दायर चार्जशीट में आरोप लगाया गया है। सीबीआई के अनुसार, श्रीधर ने वल्लभनेनी के पैसे लौटा दिए, लेकिन आरोपी आईएएफ अधिकारी की आय और संपत्ति से 40 लाख रुपये अधिक पाए गए।
सीबीआई ने कहा कि पूर्व सांसद और शाखा प्रबंधक पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता है क्योंकि रिकॉर्ड में किसी भी साजिश के अपर्याप्त सबूत थे जो दर्शाता है कि उन्होंने श्रीधर द्वारा किए गए अपराध को अंजाम देने के लिए उकसाया था क्योंकि जमीन वल्लभनेनी के नाम पर खरीदी गई थी। सक्सेना ने केवल अभियुक्तों के बैंक खाते खोले थे।