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तीन सांसदों, नौकरशाहों व बैंक अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का मुकदमा चलाने को मंजूरी का इंतजार
Thu, 30 Jan 2020 02:15 AM IST
योगेश साहू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: योगेश साहू
Updated Thu, 30 Jan 2020 02:15 AM IST
सार
- चार महीने बाद भी सीबीआई को नहीं मिली मंजूरी
- सबसे ज्यादा नौ मामले कर्मिक मंत्रालय, आठ कारपोरेशन बैंक में
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सांकेतिक चित्र
- फोटो : Social Media
विस्तार
सीबीआई को तीन मौजूदा लोकसभा सांसदों, नौकरशाहों और बैंक अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा चलाने को लेकर चार महीने से मंजूरी का इंतजार है। केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, कथित तौर पर 130 भ्रष्ट विधायकों, सेवारत व सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारियों पर मुकदमा चलाने को लेकर उनसे संबंधित संगठनों से मंजूरी नहीं मिल पाई है।
नियमों के मुताबिक, चार महीने के भीतर मुकदमा चलाने पर निर्णय लिया जाना चाहिए। सीवीसी के 30 नवंबर, 2019 के आंकड़ों के मुताबिक, सबसे ज्यादा नौ मामले कर्मिक मंत्रालय, आठ कारपोरेशन बैंक और छह उत्तर प्रदेश सरकार में लंबित हैं। इनमें से चार मामले पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा, तीन रक्षा मंत्रालय व दो-दो रेलवे मंत्रालय, बिहार सरकार और जम्मू-कश्मीर सरकार से जुड़े हैं।
सीबीआई को तीन मौजूदा सांसद सौगत राय, काकोली घोष दस्तीदार और प्रसून बनर्जी, पूर्व सांसद सुवेणु अधिकारी, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पूर्व वाइस चांसलर नसीम अहमद के खिलाफ भी मुकदमा चलाने की मंजूरी नहीं मिल पाई है।
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नियमों के मुताबिक, चार महीने के भीतर मुकदमा चलाने पर निर्णय लिया जाना चाहिए। सीवीसी के 30 नवंबर, 2019 के आंकड़ों के मुताबिक, सबसे ज्यादा नौ मामले कर्मिक मंत्रालय, आठ कारपोरेशन बैंक और छह उत्तर प्रदेश सरकार में लंबित हैं। इनमें से चार मामले पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा, तीन रक्षा मंत्रालय व दो-दो रेलवे मंत्रालय, बिहार सरकार और जम्मू-कश्मीर सरकार से जुड़े हैं।
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सीबीआई को तीन मौजूदा सांसद सौगत राय, काकोली घोष दस्तीदार और प्रसून बनर्जी, पूर्व सांसद सुवेणु अधिकारी, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पूर्व वाइस चांसलर नसीम अहमद के खिलाफ भी मुकदमा चलाने की मंजूरी नहीं मिल पाई है।
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