{"_id":"5e1362678ebc3e87f11804b4","slug":"cbi-lodged-fir-against-51-people-for-1038-black-money","type":"story","status":"publish","title_hn":"1038 करोड़ कालाधन हांगकांग भेजने के मामले में 51 के खिलाफ एफआईआर","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
1038 करोड़ कालाधन हांगकांग भेजने के मामले में 51 के खिलाफ एफआईआर
Tue, 07 Jan 2020 02:05 AM IST
अमित मंडल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमित मंडल
Updated Tue, 07 Jan 2020 02:05 AM IST
सार
- सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, बैंक ऑफ इंडिया, एसबीआई व पीएनबी के अफसर भी शामिल
- साल 2014 से 2015 के बीच तीन सरकारी बैंकों के खातों से भेजा गया यह पैसा : सीबीआई
- सीबीआई ने हांगकांग से इस मामले की विस्तार रिपोर्ट उपलब्ध कराने की गुजारिश की है
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पेक्सेल्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कालेधन के खिलाफ चल रहे अभियान में केंद्र सरकार बड़ी सफलता मिली है। सीबीआई ने लंबी जांच के बाद हांगकांग में 1038 करोड़ रुपये का कालाधन जमा कराने के मामले में 51 के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनमें 48 कंपनियां और तीन व्यक्ति शामिल हैं। सीबीआई अधिकारियों ने सोमवार को बताया, यह पैसा तीन सरकारी बैंकों के खातों से 2014 से 2015 के बीच भेजा गया। इसमें बैंक अधिकारियों की मिलीभगत भी सामने आई है।
विज्ञापन
सीबीआई के मुताबिक इन लोगों के खिलाफ तीन जनवरी को एफआईआर दर्ज की गई। जिन 48 कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है उनमें से ज्यादातर के मालिक चेन्नई के रहने वाले हैं। वहीं, एफआईआर में मोहम्मद इब्रामसा जॉनी, जिंता मिधार और निजामुद्दीन को नामजद किया गया है। आरोप है कि इन लोगों ने बैंक ऑफ इंडिया, एसबीआई और पीएनबी के कुछ अधिकारियों से सांठगांठ कर 2014-15 के बीच 1038.34 करोड़ रुपये का कालाधन विदेश भेजा।
विज्ञापन
आयात और विदेश यात्रा के नाम पर खेल
सीबीआई को सूचना मिली थी कि इन कंपनियों के नाम पर तीन सरकारी बैंकों की चार स्थानीय शाखाओं में 51 चालू खाते खोल गए। इनमें से 24 खातों से 488.39 करोड़ रुपये की राशि डॉलर में भेजी गई। यह रकम सामान के आयात के बदले एडवांस के तौर पर भेजी गई थी। जांच एजेंसी के मुताबिक आयातित सामान की कीमत और भेजी गई रकम में काफी अंतर था। वहीं, 27 खातों के जरिये भारतीय पर्यटकों की विदेश यात्रा के नाम पर 549.95 करोड़ रुपये भेजे गए। सीबीआई के मुताबिक रकम भेजने का सारा आधार फर्जी था।
विज्ञापन
लाखों का कारोबार करने वालों ने करोड़ों भेजे
सीबीआई ने इन कंपनियों की ऑडिट जांच में पाया कि इनका कुल कारोबार लाखों रुपये में है, जबकि रकम करोड़ों में भेजी गई। यही नहीं, जब-जब रकम भेजी गई इस मामले में शामिल बैंक अधिकारियों सहित अन्य लोगों को घूस के तौर पर नकद कमीशन दिया गया। सीबीआई इस मामले में संदेह के घेरे में आए बैंक अधिकारियों की भी जांच कर रही है। सीबीआई ने हांगकांग से इस मामले की विस्तार रिपोर्ट देने की गुजारिश की है।