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सीबीआई के हाथ लगे अहम कागज, मिशेल और दूसरे बिचौलिए को मिले थे 431 करोड़ रुपये
Mon, 31 Dec 2018 12:29 PM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Mon, 31 Dec 2018 12:29 PM IST
सार
- बिचौलिए मिशेल और हास्चके के बीच भुगतान को लेकर हुई थी दो बार बहस।
- हास्चके इस बात से खुश नहीं था कि मिशेल को 42 मिलियन जबकि उसे केवल 30 मिलियन की राशि मिल रहे थी।
- सीबीआई के हाथ लगे कागजों में 'परिवार' को 22 मिलियन और 'टीम' को 32 मिलियन यूरो से संबंधित भुगतान की जानकारी दी गई है।
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क्रिश्चियन मिशेल
- फोटो : social media
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विस्तार
अगस्ता वेस्टलैंड मामले में सीबीआई के हाथ कुछ अहम कागज लगे हैं जिसके जरिए वह उन भारतीयों के करीब पहुंच गई है जिन्हें 3,700 करोड़ रुपये की घूस मिली थी। इन कागजों में अगस्ता वेस्टलैंड द्वारा दो बिचौलियों क्रिश्चियन मिशेल और गुइडो हास्चके को दिए गए 54 मिलियन में से 431 करोड़ रुपये की जानकारी है। यह पैसे भारत में भुगतान के लिए दिए गए थे।
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सूत्रों का कहना है कि मिशेल और हास्चके ने 8 मई, 2011 को एक समझौता बनाया था जिसमें 58 मिलियन के आंकड़े का उल्लेख किया गया है। दुबई की यह बैठक दो बिचौलियों के बीच चल रहे विवाद को खत्म करने के लिए बुलाई गई थी। जिसमें मिशेल 'टीम' एक तरफ थे और दूसरी तरफ हास्चके, कार्लो गेरोसा और त्यागी भाई थे, जिन्हें 'परिवार' बताया गया है।
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टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले दोनों पक्षों में इस बात को लेकर बहस हुई थी कि मिशेल को 42 मिलियन मिल रहे हैं। इटली के दस्तावेजों के अनुसार जो सीबीआई के पास मौजूद हैं, हास्चके इस बात से खुश नहीं था कि मिशेल को 42 मिलियन जबकि उसे केवल 30 मिलियन मिल रहे हैं। दोनों पक्ष फाइनली इस बात पर राजी हुए कि मिशेल को 30 मिलियन और हास्चके और अन्य को 30 मिलियन मिलेंगे।
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मिशेल और हास्चके ने इससे पहले लुगानो मे 21 अप्रैल, 2011 को अपना विवाद सुलझाने की कोशिश की थी लेकिन यह अनिर्णायक रहा। मिशेल की सेवाएं लेने की वजह से भारतीय रक्षा बाजार में अगस्ता वेस्टलैंड का नाम प्रभावित होने लगा था और ऐसा होते ही इसकी नियंत्रक कंपनी फिनमैकेनिका ने अपने पैर पीछे खींच लिए थे।
एक अधिकारी ने कहा, 'दुबई का समझौता काफी महत्वपूर्ण दस्तावेज है क्योंकि इसमें दो बिचौलियों द्वारा स्वीकार किए गए धन का विवरण है। हमने उन दस्तावेजों को बरामद कर लिया है जिसमें 'परिवार' को 22 मिलियन और 'टीम' को 32 मिलियन यूरो से संबंधित भुगतान की जानकारी दी गई है।'
सीबीआई पहले ही कुछ भुगतानों को भारतीयों से जोड़ चुकी है। जिसमें 24 मिलियन का भुगतान दिल्ली बेस्ड वकील गौतम खेतान और उसकी कंपनियों को किया गया था। पिछले साल दायर की गई अपनी चार्जशीट में सीबीआई ने पूर्व वायुसेना अधिकारी एसपी त्यागी के नाम का उल्लेख किया था।