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सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस: CBI कोर्ट से बरी होकर बोले DG वंजारा-मुझे इंसाफ मिला
amarujala.com, Presented by: श्रवण शुक्ला
Updated Tue, 01 Aug 2017 04:10 PM IST
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डी जी वंजारा
- फोटो : Scroll
बहुचर्चित सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस में डी.जी. वंजारा को कोर्ट ने बरी कर दिया है। कोर्ट ने बंजारा के साथ ही राजस्थान के सीनियर आईपीएल एम.एन. दिनेश को भी बरी कर दिया है। इन दोनों के खिलाफ सीबीआई ने कोर्ट में जो सबूत पेश किए, वो अपर्याप्त रहे। सबूतों के अभाव में दोनों को ही कोर्ट ने बरी कर दिया है।
सीबीआई कोर्ट से बरी होने के बाद डी जी वंजारा ने कहा कि भारतीय न्यायिक व्यवस्था भले ही धीमी हो, पर वो न्याय देती है।
बता दें कि सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस में 3 राज्यों के 35 लोगों पर मामला दर्ज हुआ था, जिसमें कई बड़े राजनेताओं के नाम भी शामिल थे। पर अधिकांश लोग इस मामले से बरी हो चुके हैं।
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डी.जी. वंजारा सोहराबुद्दीन केस में अपनी जिंदगी के 8 साल भी अधिक समय जेल में बिता चुके हैं। पिछले साल ही बंजारा को जमानत मिली थी और वो 9 सालों के बाद गुजरात लौटे थे। अब उन्हें इस केस से बरी कर दिया गया है। वंजारा को सोहराबुद्दीन केस में अप्रैल 2007 में गिरफ्तार किया गया था और वो अप्रैल 2016 में मुंबई हाईकोर्ट से जमानत लेकर जेल से बाहर आए थे और मौजूदा समय में सार्वजनिक जीवन जी रहे हैं। वहीं, दिनेश एम.एन. राजस्थान एसओजी में आईजी के पद पर हैं।
कौन था सोहराबुद्दीन और कैसे पहुंचा ये एनकाउंटर अदालत तक, जानिए...
सीबीआई ने इस मामले में तीन राज्यों के 35 लोगों को आरोपी बनाया था। जिसमें वर्तमान भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह, राजस्थान के गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया सहित कई लोगों को बरी कर दिया गया है। हालांकि, एक दिन पहले ही सोमवार को पुलिस को उस समय झटका लगा था जब उदयपुर के एसआई हिमांशु सिंह और श्याम सिंह की डिस्चार्ज एप्लीकेशन को मुंबई कोर्ट ने खारिज कर दिया।
इससे करीब एक सप्ताह पहले कोर्ट ने पुलिस निरीक्षक अब्दुल रहमान की डिस्चार्ज एप्लीकेशन को भी खारिज कर दिया था। जिन तथ्यों के आधार पर कोर्ट ने 13 लोगों को बरी किया, उन्हीं तथ्यों के अधार पर राजस्थान के निरीक्षक अब्दुल रहमान, एसआई हिमांशु सिंह और श्याम सिंह ने धारा 197 में डिस्चार्ज एप्लीकेशन लगाई थी, जिसे कोर्ट ने नहीं माना था।
गौरतलब है कि वंजारा पर सोहराबुद्दीन एनकाउंटर के साथ ही इशरत जहां, तुलसी प्रजापति एनकाउंटर जैसे आरोप भी हैं।
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सीबीआई कोर्ट से बरी होने के बाद डी जी वंजारा ने कहा कि भारतीय न्यायिक व्यवस्था भले ही धीमी हो, पर वो न्याय देती है।
Had put up discharge application&both of us have been declared innocent. Indian judiciary might be slow but does provide justice:DG Vanzara pic.twitter.com/ws8jYmIO37
— ANI (@ANI_news) August 1, 2017विज्ञापन
बता दें कि सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस में 3 राज्यों के 35 लोगों पर मामला दर्ज हुआ था, जिसमें कई बड़े राजनेताओं के नाम भी शामिल थे। पर अधिकांश लोग इस मामले से बरी हो चुके हैं।
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डी.जी. वंजारा सोहराबुद्दीन केस में अपनी जिंदगी के 8 साल भी अधिक समय जेल में बिता चुके हैं। पिछले साल ही बंजारा को जमानत मिली थी और वो 9 सालों के बाद गुजरात लौटे थे। अब उन्हें इस केस से बरी कर दिया गया है। वंजारा को सोहराबुद्दीन केस में अप्रैल 2007 में गिरफ्तार किया गया था और वो अप्रैल 2016 में मुंबई हाईकोर्ट से जमानत लेकर जेल से बाहर आए थे और मौजूदा समय में सार्वजनिक जीवन जी रहे हैं। वहीं, दिनेश एम.एन. राजस्थान एसओजी में आईजी के पद पर हैं।
कौन था सोहराबुद्दीन और कैसे पहुंचा ये एनकाउंटर अदालत तक, जानिए...
सीबीआई ने इस मामले में तीन राज्यों के 35 लोगों को आरोपी बनाया था। जिसमें वर्तमान भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह, राजस्थान के गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया सहित कई लोगों को बरी कर दिया गया है। हालांकि, एक दिन पहले ही सोमवार को पुलिस को उस समय झटका लगा था जब उदयपुर के एसआई हिमांशु सिंह और श्याम सिंह की डिस्चार्ज एप्लीकेशन को मुंबई कोर्ट ने खारिज कर दिया।
इससे करीब एक सप्ताह पहले कोर्ट ने पुलिस निरीक्षक अब्दुल रहमान की डिस्चार्ज एप्लीकेशन को भी खारिज कर दिया था। जिन तथ्यों के आधार पर कोर्ट ने 13 लोगों को बरी किया, उन्हीं तथ्यों के अधार पर राजस्थान के निरीक्षक अब्दुल रहमान, एसआई हिमांशु सिंह और श्याम सिंह ने धारा 197 में डिस्चार्ज एप्लीकेशन लगाई थी, जिसे कोर्ट ने नहीं माना था।
गौरतलब है कि वंजारा पर सोहराबुद्दीन एनकाउंटर के साथ ही इशरत जहां, तुलसी प्रजापति एनकाउंटर जैसे आरोप भी हैं।