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मान्यता प्राप्त पीएफ अब ‘ए’ या उच्च रेटिंग वाली प्रतिभूतियों में कर सकेंगे निवेश
Mon, 26 Oct 2020 03:34 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Mon, 26 Oct 2020 03:34 AM IST
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- फोटो : फाइल फोटो
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केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड की अधिसूचना के मुताबिक अब मान्यता प्राप्त भविष्य निधि कोष (पीएफ) ‘ए’ या उससे अधिक रेटिंग वाली ऋण प्रतिभूतियों में निवेश कर सकते हैं। इससे इन पीएफ को ऋण या बॉन्ड पत्रों की रेटिंग नीचे आने पर भी इनमें अपने मौजूदा निवेश को कायम रखने में मदद मिलेगी। अभी तक मान्यता प्राप्त कर्मचारी भविष्य निधि न्यासों को ‘एए’ या उससे ऊंची रेटिंग वाली प्रतिभूतियों में निवेश करने की अनुमति थी।
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केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की ओर से 22 अक्तूूबर को अधिसूचना जारी आयकर नियमों में संशोधन किया गया है। इसके तहत मान्यता प्राप्त पीएफ ट्रस्ट को वित्त वर्ष 2020-21 में ‘ए’ या उससे अधिक रेटिंग की प्रतिभूतियों में निवेश की अनुमति दी गई है। किसी मान्यता प्राप्त कर्मचारी भविष्य निधि कोष के लिए अपने कोष का 45 से 55 फीसदी सरकारी प्रतिभूतियों, 35 से 45 फीसदी ऋण (बॉन्ड या मियादी जमा), 0 से 5 फीसदी लघु अवधि के ऋण (मुद्रा बाजार, तरल कोष), 5 से 15 फीसदी शेयरों और 0 से 5 फीसदी संपत्ति आधारित प्रतिभूतियों (रीट्स, इनविट्स) में निवेश करना अनिवार्य होता है।
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सीबीडीटी ने अब आयकर नियमों में संशोधन कर पीएफ न्यासों को न्यूनतम ‘ए’ रेटिंग वाले बॉन्ड में निवेश की अनुमति दी है। पहले उन्हें कम से कम ‘एए’ रेटिंग वाले बांड में निवेश की अनुमति थी। इस पर नांगिया एंडरसन एलएलपी के भागीदार सुनील गिडवानी ने कहा, मौजूदा स्थिति और तरलता पर दबाव की वजह से रेटिंग एजेंसियों ने कई ऋण पत्रों की रेटिंग घटाई है। नियमों में बदलाव से पीएफ न्यासों को रेटिंग नीचे आने पर भी बॉन्ड में अपने मौजूदा निवेश को कायम रखने में मदद मिलेगी।
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