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पानी के लिए जल रहा तमिलनाडु और कर्नाटक, एक की मौत

Tue, 13 Sep 2016 07:12 AM IST
एजेंसी/चेन्नई
एजेंसी/चेन्नई Updated Tue, 13 Sep 2016 07:12 AM IST
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Cauvery row updates: Violence in Bengaluru, protesters target vehicles
- फोटो : PTI

कावेरी नदी के जल बंटवारे पर सुप्रीम कोर्ट का ताजा फैसला आते ही कर्नाटक का विरोध हिंसक प्रदर्शन में तब्दील हो गया। कर्नाटक और तमिलनाडु में प्रदर्शनकारियों ने सोमवार को कई बसों, ट्रकों और होटलों को आग के हवाले कर दिया। बंगलूरू के राजगोपाल नगर में पुलिस गश्ती दल पर हमले की कोशिश कर रही भीड़ पर काबू पाने के लिए की गईपुलिस फायरिंग में एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक व्यक्ति घायल हो गया।

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बंगलूरू में एक प्रमुख ट्रांसपोर्ट कंपनी डिपो में उपद्रवियों ने वहां खड़ी कम से कम 30 बसों को आग के हवाले कर दिया। बंगलूरू समेत कई संवेदनशील स्थानों पर धारा 144 लागू किया गया है। वहीं, चेन्नई में सलेम की एक टूर एवं ट्रैवल कंपनी ने अपनी 40 बसें फूंके जाने का दावा किया है।
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कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता को पत्र लिखकर वहां कन्नड़ भाषी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। उधर, दोनों राज्यों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए केरल सरकार ने बंगलुरू के लिए बस आवागमन सेवा स्थगित कर दी है। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने देर रात दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात की और उन्हें हालात से निपटने के लिए केंद्रीय सहायता का भरोसा दिया।
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बंगलूरू स्थित लक्ष्मी मल्टी स्पेशियल्टी हॉस्पिटल के डॉ. गिरिधर ने बताया कि दो आंदोलनकारियों को घायलावस्था में अस्पताल लाया गया था। एक के दिल के करीब गोली लगी थी और उसकी मौत हो गई। दूसरे व्यक्ति की दाईं जांघ में गोली लगी है और उसका ऑपरेशन किया जा रहा है।

पढ़ें कावेरी जल विवाद में अब तक का बड़ा घटनाक्रम

Cauvery row updates: Violence in Bengaluru, protesters target vehicles
कावेरी जल विवाद - फोटो : ani

सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले से नाराजगी
तमिलनाडु और पुडुचेरी के कुछ हिस्सों में उग्र तमिल संगठनों ने कर्नाटक से जुड़े कई सरकारी और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की। सुप्रीम कोर्ट ने 5 सितंबर के फैसले में कर्नाटक से अगले 10 दिनों तक तमिलनाडु के किसानों के लिए 15000 क्यूसेक पानी छोड़ने के लिए कहा था जबकि सोमवार को इसमें कटौती करते हुए 20 सितंबर तक पड़ोसी राज्य के लिए 12000 क्यूसेक पानी छोड़ने का आदेश जारी किया। इसके बाद ही दोनों राज्यों में उग्र प्रदर्शन तेज हो गया। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने कावेरी विवाद से उपजे हालात पर चर्चा के लिए मंगलवार को कैबिनेट की आपात बैठक बुलाई है।

ऐसे हालात की उम्मीद नहीं थी: कर्नाटक
सिद्धरमैया ने कहा कि उनकी सरकार सभी नागरिकों, खासकर तमिलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और हरसंभव ऐहतियात बरतेगी।  बंगलूरू सिटी, मांड्या, मैसूर, श्रीरंगपटना तथा कावेरी बेसिन के चार डैम के पास धारा 144 लगा दी गई है। कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने बताया कि सरकार ने विरोध प्रदर्शन के इतना उग्र होने का अनुमान नहीं लगाया था।

हालांकि हालात पर काबू पाने की कोशिश में अब तक 200 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। उन्होंने कहा, ‘हमें लगता था कि यदि फैसला हमारे विरुद्ध आता है तो कुछ विरोध प्रदर्शन होंगे लेकिन इस हद तक पहुंचने की उम्मीद नहीं की थी।’

संवेदनशील स्थानों पर केंद्र-राज्य सतर्क
उपद्रवियों ने चेन्नई स्थित एक मशहूर कन्नड़ होटल और रामेश्वर में कर्नाटक रजिस्ट्रेशन नंबर वाले सात पर्यटन वाहनों को नुकसान पहुंचाया जबकि इरोड तथा पड़ोसी केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी स्थित कर्नाटका बैंक की कई शाखाओं में जबर्दस्त तोड़फोड़ मचाई। हालात बिगड़ते देख सरकार ने 15000 पुलिस जवानों को तैनात किया है जिनमें कर्नाटक राज्य रिजर्व पुलिस, शहरी सशस्त्र औद्योगिक सुरक्षा बल और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल के जवान शामिल हैं। जवानों को संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है जहां तमिल आबादी और प्रतिष्ठान अधिक हैं। केंद्रीय बल की भी 10 कंपनियां भेजी गई हैं और सरकार ने कुछ और कंपनियों की मांग की है।

कर्नाटक में 30 वाहनों को नुकसान

Cauvery row updates: Violence in Bengaluru, protesters target vehicles
कावेरी - फोटो : PTI

सामान्य जनजीवन ठप
सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले से नाराज मांड्या, मैसूर, चित्रदुर्ग और धारवाड़ जिलों में भी कन्नड़ उपद्रवियों ने अपना गुस्सा वाहनों पर निकाला।  कर्नाटक की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन ने इतना उग्र रूप ले लिया कि दफ्तर जाने वाले लोग वापस घर लौट गए जबकि कई कंपनियों ने ऐहतियातन काम बंद कर दिया और स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी गई। लाखों यात्रियों को लाने-ले जाने वाली मेट्रो सेवा भी अस्थायी रूप से स्थगित हो गई। शीर्ष अदालत के फैसले से नाराज कर्नाटक समर्थक सड़कों पर उतर आए और बसों-ट्रकों को निशाना बनाते हुए पत्थरबाजी, आगजनी की घटनाओं को अंजाम देने लगे।

कर्नाटक में 30 वाहनों को नुकसान
उधर, बंगलूरू, मांड्या, मैसूर, चित्रदुर्ग और धारवाड़ जिलों में कन्नड़ आंदोलनकारियों ने तमिलनाडु रजिस्ट्रेशन वाली 30 गाड़ियों को तोड़ डाला या आग के हवाले कर दिया। कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओमप्रकाश ने बताया कि हालात तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में हैं। बंगलूरू में ही एक महिला टीवी पत्रकार और एक कैमरामैन पर भी हमले किए गए। चेन्नई की एक मोबाइल शॉप और दो होटलों पर भी हमले किए गए। तमिलनाडु में कर्नाटक बैंक की शाखाओं को पुलिस सुरक्षा मुहैय्या कराई गई है।

बेनतीजा रही बैठक
इस बीच, दिल्ली में कावेरी सुपरवाइजरी कमेटी और सोमवार को हुई इसकी बैठक इस नतीजे पर पहुंचने में विफल रही कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक कावेरी का कितना पानी तमिलनाडु और अन्य राज्यों को दिया जाए। अगली बैठक 19 सितंबर को तय की गई है।

केंद्र ने मदद का दिया आश्वासन
कावेरी जल विवाद को लेकर कर्नाटक में बढ़ते तनाव के बीच केंद्र ने राज्य सरकार को कानून व्यवस्था की स्थिति और शांति बनाए रखने में हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। इसके साथ ही रैपिड एक्शन फोर्स के दंगाविरोधी बल के 1000 जवानों वाली दस कंपनियां कर्नाटक के लिए भेज दी गई हैं।

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