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Cash Crunch : 2000 के नोट नहीं छपने से बिगड़ा खेल, बिहार में मारपीट के बाद बैंक मैनेजर का इस्तीफा

Wed, 18 Apr 2018 12:30 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 18 Apr 2018 12:30 PM IST
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Cash Crunch: printing of 2000 notes are stopped due to which people are facing problem

देश के कई हिस्सों में एक बार फिर नकदी के कमी की समस्या गहरा गई है। मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और बिहार में यह संकट गंभीर हो गया है। लोगों की शिकायत है कि ज्यादातर एटीएम में कैश नहीं है, जिनमें है भी उनमें पांच सौ और दो हजार के नोट गायब हैं। कुछ राज्यों में नकदी की किल्लत के मामले में सरकार का कहना है कि बैंकों में पहले की तुलना 2000 रुपये के नोट कम आ रहे हैं। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने यह भी कहा है कि पिछले तीन महीने से देश के कुछ राज्यों में असामान्य रूप से नकदी की मांग बढ़ गई है।

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उल्लेखनीय है कि अमर उजाला ने बीते 11 अप्रैल को ही बता दिया था कि देश के कई हिस्सों में लोग नकदी के लिए परेशान हैं। मंगलवार को वित्त मंत्रालय में आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चन्द्र गर्ग ने बताया कि इन दिनों बैंकों में 2000 रुपये के नोट कुछ कम ही वापस आ रहे हैं। सरकार के मुताबिक इस समय अर्थव्यवस्था में 6.70 लाख करोड़ रुपये के बराबर 2000 रुपये के नोट चलन में हैं, जो कि पर्याप्त है। लेकिन अभी तक इस बारे में जांच नहीं हुई है कि ये नोट बैंकों में कम क्यों जमा हो रहे हैं। 
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उन्होंने कहा कि असामान्य रूप से करेंसी नोटों की मांग बढ़ने की वजह से ऐसी स्थिति पैदा हुई है। गर्ग का कहना है कि इस समय बाजार में करीब 18 लाख करोड़ रुपये के करेंसी नोट चलन में हैं। ये नोटबंदी के पहले के स्तर से भी ज्यादा है। इसलिए बाजार में नकदी की कोई कमी नहीं है। गर्ग ने कहा कि सरकार इस तरह की मांग से निबटने के लिए ढाई से तीन लाख करोड़ रुपये का स्टॉक रखती है।
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2000 रुपये के नोटों की छपाई रोकी

आरबीआई की तरफ से 2000 रुपये के नोटों की छपाई पिछले कई दिनों से रोक दी गई है। गर्ग का कहना है कि चलन में पहले से ही 2000 रुपये के नोट अधिक है। इसलिए 2000 रुपयों के अतिरिक्त नोटों की आपूर्ति की जरूरत नहीं हैं।

एटीएम तक 200 रुपये के पहुंचने में देरी

Cash Crunch: printing of 2000 notes are stopped due to which people are facing problem

आरबीआई की तरफ से 200 रुपये के नोट जारी होने के बाद ही एटीएम तक इन नोटों को पहुंचने में देरी हुई। सूत्रों का कहना है एटीएम का 200 रुपये के नोट के अनुसार कैलिबरेशन नहीं होना भी कैश किल्लत का एक कारण है। सरकार की तरफ से नोटों को एटीएम तक पहुंचाने में लॉजिस्टिक कारणों की भी बात सामने आ रही है। पटना के अधिकांश एटीएम के आगे नो कैश का बोर्ड लगा है। ग्रामीण इलाकों में तो स्थिति काफी विस्फोटक है। कई जगहों पर झगड़े की नौबत आ जा रही है। छपरा में एक बैंक में मारपीट के बाद मैनेजर ने इस्तीफा दे दिया और शाखा अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी गई।

मधुबनी में एक महिला ने बैंक मैनेजर पर मुकदमा कर दिया कि बैंक द्वारा कैश नहीं उपलब्ध कराए जाने के कारण उसके बीमार पति की मौत हो गई। छपरा में ही एक ग्रामीण बैंक में महिलाओं ने बैंक कर्मियों को चप्पलों से पीट दिया। गया में लोगों ने बैंक शाखा के सामने जमकर हंगामा किया। मध्य प्रदेश में तमाम बैंकों के एटीएम भी कैश की कमी का सामना कर रहे हैं। एटीएम से दो हजार रुपये के नोट निकलने बंद हो गए हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नकदी संकट पर सोमवार को कहा था कि बाजार से दो हजार रुपये के नोट गायब होने के पीछे कोई साजिश है। सरकार इस मामले में कड़ा रुख अपनाएगी।

दो लाख रुपये में पूरे दिन बैंक चलाने का दबाव

बिहार के कई इलाकों के बैंक कर्मियों का कहना है कि आरबीआई पैसा जारी नहीं कर रहा है। हमें दो लाख रुपये में पूरे दिन बैंक चलाने का दबाव है। बैंक कर्मी ग्राहकों को कह रहे हैं कि दो हजार से काम चला लीजिए।

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