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देश में कार्यस्थलों पर यौन उत्पीड़न मामले बढे़, 70% महिलाओं ने परिणाम भुगतने के डर से नहीं की शिकायत
Fri, 18 Jan 2019 02:34 AM IST
गौरव द्विवेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Fri, 18 Jan 2019 02:34 AM IST
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देश में कार्यस्थलों पर यौन उत्पीड़न के मामले बढ़ गए हैं। राज्यसभा के महासचिव देश दीपक वर्मा ने बृहस्पतिवार को यहां शुरू हुई एक कार्यशाला में राष्ट्रीय महिला आयोग को मिली शिकायतों के आंकड़ों की जानकारी दी, जिसमें यह बात सामने आई। दो दिवसीय कार्यशाला कार्य स्थल पर यौन उत्पीड़न रोकने से संबंधित कानून के विभिन्न पहलुओं की जानकारी देने के लिए राज्यसभा सचिवालय की ओर से ही किया जा रहा है।
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वर्मा ने महिला आयोग के आंकड़ों के हवाले से बताया कि वर्ष 2014 में इस तरह के 371 मामले सामने आए थे जो 2017 में बढ़ कर 570 तक पहुंच गए। वहीं वर्ष 2018 के पहले सात महीनों में ही इनकी संख्या 533 थी। वर्मा ने बताया कि वर्ष 2017 में इंडियन नेशनल बार एसोसिएशन के एक सर्वे में करीब 70 फीसदी महिलाओं ने यह कहा कि उन्होंने परिणाम भुगतने के डर से अपने वरिष्ठ अफसरों द्वारा किए गए यौन उत्पीड़न की शिकायत ही नहीं की।
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वर्मा ने कहा कि राज्यसभा सचिवालय महिला कर्मियों को स्वस्थ और अनुकूल वातावरण उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में राज्यसभा सचिवालय में 252 और राज्यसभा टीवी में 44 महिलाएं कार्यरत हैं। वर्ष 2013 में यौन उत्पीड़न से संबंधित कानून लागू होने के बाद से दोनों ही जगह ऐसी दो-दो शिकायतें मिली हैं। इनमें से दो का निस्तारण कर दिया गया जबकि दो में जांच चल रही है।
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