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'बचपन से थे शांत और सुलझे': अब विमान हादसा टालकर हीरो बने कैप्टन मच्छार, बचपन के दोस्त ने बताई पायलट की कहानी
Thu, 01 Oct 2026 01:50 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी
पीटीआई, मुंबई।
पीटीआई, मुंबई।
Published by: अस्मिता त्रिपाठी
Updated Thu, 01 Oct 2026 01:50 PM IST
सार
विमान हादसा टालकर हीरो बने कैप्टन स्मित मच्छार के बचपन के दोस्त ने पायलट की कहानी बताई। उन्होंने कहा कि मुश्किल हालात में भी वह कभी घबराते नहीं थे। दोस्त के मुताबिक, स्मित बचपन से ही समझदार और संयमित थे। आज उनकी बहादुरी की हर ओर चर्चा हो रही है। आइए जानते हैं उन्होंने और क्या कहा?
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कैप्टन स्मित मच्छार के दोस्त
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट को क्रैश करने की कोशिश कर रहे को-पायलट को रोककर कैप्टन स्मित मच्छार ने कई लोगों की जान बचाई। इस बहादुरी के बाद उनकी खूब चर्चा हो रही है। उनके बचपन के दोस्त प्रतीक गांधी के मुताबिक, स्मित बचपन से ही बेहद शांत और समझदार थे। मुश्किल हालात में भी वह सूझ-बूझ से काम लेते थे।
पायलट के दोस्त ने क्या बताया?
गांधी ने कहा, 'वह शुरू से ही बहुत शांत और संयमित स्वभाव के थे। हमारी हाउसिंग सोसाइटी में वह सबसे सुलझे हुए बच्चे थे।' गांधी मुंबई में उसी बिल्डिंग में रहते हैं जहां पायलट का परिवार रहता है।पायलट के दोस्त ने कहा, 'जब हमने पहली बार यह खबर सुनी, तो हम सब हैरान रह गए। सबसे पहले तो हमें पता ही नहीं चला कि वह हमारा स्मित है। अब हमें पता चला है कि उसका ऑपरेशन हुआ है और वह ठीक है।'
गांधी ने कहा, 'हमें उसके परिवार से कोई और खबर नहीं मिली है। वे यहां नहीं हैं। सब दुबई में हैं।' गांधी बचपन में स्मित के पड़ोसी थे और उनके साथ क्रिकेट खेलते थे।
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इस्राइल के पीएम ने क्या कहा?
पायलट को हीरो बताते हुए इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि घायल होने के बावजूद मच्छार ने मुकाबला किया और 9/11 जैसी तबाही को रोकने में कामयाबी हासिल की।
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया हीरो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा, 'कैप्टन स्मित मच्छार एक हीरो हैं।' उन्होंने कहा, 'सबसे बड़े खतरे का सामना करते हुए और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए बहुत हिम्मत और अटूट संकल्प दिखाया।' उन्होंने आगे कहा, 'भारत को कैप्टन मच्छार पर गर्व है।'
पड़ोसियों ने भी की तारीफ
मच्छार के पड़ोसियों और जान-पहचान वालों ने भी उनकी हिम्मत की तारीफ की। उन्होंने कहा कि वे उनके ठीक होने की दुआ कर रहे हैं। घटना की खबर मिलने के बाद के तनावपूर्ण पलों को याद किया।
उनके एक पड़ोसी ने कहा कि पायलट के काम से प्लेन में सवार 180 से ज्यादा लोगों की जान बचाने में मदद मिली। घटना के दौरान उनके रिएक्शन को बहुत हिम्मत वाला काम बताया।
पड़ोसी ने कहा, उन्होंने उन्हें बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाली।' पड़ोसी ने बताया कि मच्छार का परिवार उनकी हालत को लेकर बहुत परेशान था, लेकिन उन्हें उनके काम पर गर्व भी था। उन्होंने कहा, 'वे वहां गए हैं। जब हमें उनकी हालत के बारे में खबर मिलेगी, तो हम भी उनके साथ खुश होंगे।'
पड़ोसियों ने क्या कहा?
पड़ोसियों ने यह भी याद किया कि घटना के बारे में पता चलने के बाद उन्होंने मच्छार के परिवार को एयरपोर्ट जाने में कैसे मदद की। एक और पड़ोसी ने कहा, 'हम तुरंत उनके घर गए। हमने उनके बैग नीचे लाने में मदद की। हमने उन्हें कार में रखा और उन्हें रवाना किया।'
उन्होंने बताया कि इलाके के रहने वाले अक्षय दोषी परिवार को एयरपोर्ट ले गए, क्योंकि तनावपूर्ण हालात में उन्हें खुद गाड़ी चलाने की इजाजत नहीं थी। पड़ोसी ने कहा, 'उन्होंने जो किया है। उसके लिए हर किसी को उन पर बहुत गर्व है। लेकिन जब तक हमें वहां से उनके हाल-चाल के बारे में कोई मैसेज नहीं मिलता, हम उनकी हालत को लेकर परेशान हैं।'
पूरी सोसाइटी ठीक होने की दुआ कर रहा
एक और पड़ोसी, जिन्होंने मच्छार को अपनी हाउसिंग सोसाइटी का करीबी निवासी बताया। उन्होंने कहा कि पूरी सोसाइटी उनके ठीक होने की दुआ कर रही है और उनके परिवार को हिम्मत दे रही है।पड़ोसी ने कहा, 'उन्हें बहुत हिम्मत मिले। मैं सच में उनके और उनके परिवार, खासकर उनकी मां, पिता और भाई के लिए दुआ कर रहा हूं। यह सच में बहुत तनावपूर्ण है। हम दुआ कर रहे हैं कि उनकी रिपोर्ट नॉर्मल आए।'
मच्छार, जिन्होंने 2007-08 में यहां वेलिंगकर इंस्टीट्यूट से ऑनलाइन मैनेजमेंट डिग्री ली थी। उनको बी-स्कूल से भी बहुत तारीफ मिली। वेलिंगकर इंस्टीट्यूट के वी-स्कूल के डायरेक्टर डॉ. पंकज नटू ने उन्हें 'आसमान का असली हीरो' बताया। नाटू ने एक संदेश में कहा, 'आपका साहस, अनुशासन और समर्पण हम सभी को प्रेरित करता है। वेलिंगकर के पूर्व छात्र को इतनी ऊंचाइयों पर पहुंचते देखकर गर्व महसूस हो रहा है।'
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पायलट के दोस्त ने क्या बताया?
गांधी ने कहा, 'वह शुरू से ही बहुत शांत और संयमित स्वभाव के थे। हमारी हाउसिंग सोसाइटी में वह सबसे सुलझे हुए बच्चे थे।' गांधी मुंबई में उसी बिल्डिंग में रहते हैं जहां पायलट का परिवार रहता है।पायलट के दोस्त ने कहा, 'जब हमने पहली बार यह खबर सुनी, तो हम सब हैरान रह गए। सबसे पहले तो हमें पता ही नहीं चला कि वह हमारा स्मित है। अब हमें पता चला है कि उसका ऑपरेशन हुआ है और वह ठीक है।'
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गांधी ने कहा, 'हमें उसके परिवार से कोई और खबर नहीं मिली है। वे यहां नहीं हैं। सब दुबई में हैं।' गांधी बचपन में स्मित के पड़ोसी थे और उनके साथ क्रिकेट खेलते थे।
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इस्राइल के पीएम ने क्या कहा?
पायलट को हीरो बताते हुए इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि घायल होने के बावजूद मच्छार ने मुकाबला किया और 9/11 जैसी तबाही को रोकने में कामयाबी हासिल की।
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया हीरो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा, 'कैप्टन स्मित मच्छार एक हीरो हैं।' उन्होंने कहा, 'सबसे बड़े खतरे का सामना करते हुए और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए बहुत हिम्मत और अटूट संकल्प दिखाया।' उन्होंने आगे कहा, 'भारत को कैप्टन मच्छार पर गर्व है।'
पड़ोसियों ने भी की तारीफ
मच्छार के पड़ोसियों और जान-पहचान वालों ने भी उनकी हिम्मत की तारीफ की। उन्होंने कहा कि वे उनके ठीक होने की दुआ कर रहे हैं। घटना की खबर मिलने के बाद के तनावपूर्ण पलों को याद किया।
उनके एक पड़ोसी ने कहा कि पायलट के काम से प्लेन में सवार 180 से ज्यादा लोगों की जान बचाने में मदद मिली। घटना के दौरान उनके रिएक्शन को बहुत हिम्मत वाला काम बताया।
पड़ोसी ने कहा, उन्होंने उन्हें बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाली।' पड़ोसी ने बताया कि मच्छार का परिवार उनकी हालत को लेकर बहुत परेशान था, लेकिन उन्हें उनके काम पर गर्व भी था। उन्होंने कहा, 'वे वहां गए हैं। जब हमें उनकी हालत के बारे में खबर मिलेगी, तो हम भी उनके साथ खुश होंगे।'
पड़ोसियों ने क्या कहा?
पड़ोसियों ने यह भी याद किया कि घटना के बारे में पता चलने के बाद उन्होंने मच्छार के परिवार को एयरपोर्ट जाने में कैसे मदद की। एक और पड़ोसी ने कहा, 'हम तुरंत उनके घर गए। हमने उनके बैग नीचे लाने में मदद की। हमने उन्हें कार में रखा और उन्हें रवाना किया।'
उन्होंने बताया कि इलाके के रहने वाले अक्षय दोषी परिवार को एयरपोर्ट ले गए, क्योंकि तनावपूर्ण हालात में उन्हें खुद गाड़ी चलाने की इजाजत नहीं थी। पड़ोसी ने कहा, 'उन्होंने जो किया है। उसके लिए हर किसी को उन पर बहुत गर्व है। लेकिन जब तक हमें वहां से उनके हाल-चाल के बारे में कोई मैसेज नहीं मिलता, हम उनकी हालत को लेकर परेशान हैं।'
पूरी सोसाइटी ठीक होने की दुआ कर रहा
एक और पड़ोसी, जिन्होंने मच्छार को अपनी हाउसिंग सोसाइटी का करीबी निवासी बताया। उन्होंने कहा कि पूरी सोसाइटी उनके ठीक होने की दुआ कर रही है और उनके परिवार को हिम्मत दे रही है।पड़ोसी ने कहा, 'उन्हें बहुत हिम्मत मिले। मैं सच में उनके और उनके परिवार, खासकर उनकी मां, पिता और भाई के लिए दुआ कर रहा हूं। यह सच में बहुत तनावपूर्ण है। हम दुआ कर रहे हैं कि उनकी रिपोर्ट नॉर्मल आए।'
मच्छार, जिन्होंने 2007-08 में यहां वेलिंगकर इंस्टीट्यूट से ऑनलाइन मैनेजमेंट डिग्री ली थी। उनको बी-स्कूल से भी बहुत तारीफ मिली। वेलिंगकर इंस्टीट्यूट के वी-स्कूल के डायरेक्टर डॉ. पंकज नटू ने उन्हें 'आसमान का असली हीरो' बताया। नाटू ने एक संदेश में कहा, 'आपका साहस, अनुशासन और समर्पण हम सभी को प्रेरित करता है। वेलिंगकर के पूर्व छात्र को इतनी ऊंचाइयों पर पहुंचते देखकर गर्व महसूस हो रहा है।'