Devi Sharan: IC814 विमान के हीरो देवी शरण सेवानिवृत्त, एअर इंडिया ने 40 साल की शानदार सेवा के बाद ऐसे दी विदाई
कंधार हाईजैक की घटना को याद करते हुए देवी शरण ने कहा- 'आईसी 814 अपहरण ने मुझे सिखाया कि जीवन बहुत अप्रत्याशित है और हमेशा लड़ने के लिए तैयार रहना चाहिए। वे मेरे जीवन के सबसे कठिन दिन थे और मेरा एकमात्र उद्देश्य उस विमान में सवार सभी लोगों की जान बचाना था। मैं उम्मीद करता हूं और प्रार्थना करता हूं कि कोई भी क्रू मेंबर, यात्री या कोई भी अन्य व्यक्ति उन पलों को दोबारा न जी पाए।'
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साल 1985 में इंडियन एयरलाइंस के साथ अपने करियर की शुरुआत करने वाले इस अनुभवी पायलट ने कॉकपिट में 40 साल बिताने के बाद अपने पीछे यादगार और चुनौतीपूर्ण दोनों तरह के अनुभव छोड़े। एयर इंडिया ने भी उनके विदाई को यादगार बनाते हुए सोशल मीडिया इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया है। इंस्टाग्राम पर एयर इंडिया के पोस्ट में लिखा गया, 'आसमान झुकता है, रनवे सलाम करता है - इतिहास में अंकित नाम, साहस से लिखी गई विरासत।'
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देवी शरण ने एक समाचार पत्र से खास बातचीत में कहा, 'आईसी 814 अपहरण ने मुझे सिखाया कि जीवन बहुत अप्रत्याशित है और हमेशा लड़ने के लिए तैयार रहना चाहिए। वे मेरे जीवन के सबसे कठिन दिन थे और मेरा एकमात्र उद्देश्य उस विमान में सवार सभी लोगों की जान बचाना था। मैं उम्मीद करता हूं और प्रार्थना करता हूं कि कोई भी क्रू मेंबर, यात्री या कोई भी अन्य व्यक्ति उन पलों को दोबारा न जी पाए।' उन्होंने कहा कि एक यात्री के रूप में भी, वह हमेशा अपने आस-पास के लोगों पर नजर रखते थे, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सब कुछ ठीक है, लेकिन उनके मन में संदेह की भावना बनी रहती थी, जो उनके पिछले अनुभवों के आघात की याद दिलाती थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, कंधार हाईजैक कैप्टन देवी शरण के सेवाकाल की एकमात्र घटना नहीं थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2000 में, वह कैप्टन एसपी सूरी और केबिन क्रू के साथ लीबिया में गृहयुद्ध के बीच फंस गए थे, जहां सड़कों पर एके-47 लेकर घूम रहे हथियारबंद युवकों ने उन्हें रोका था।
कैप्टन देवी शरण की विमानन यात्रा 1984 में करनाल में उड़ान प्रशिक्षण के साथ शुरू हुई, उसके बाद अगले साल इंडियन एयरलाइंस (जिसका बाद में 2007 में एयर इंडिया में विलय हो गया) द्वारा उनका चयन हुआ। उन्होंने शुरुआत में बोइंग 737-200 उड़ाया, उसके बाद एयरबस A320 और A330 उड़ाए, जिनमें से बाद वाला कंधार अपहरण में शामिल था। विलय के बाद, उन्होंने A330 और बाद में बोइंग 787 ड्रीमलाइनर का संचालन जारी रखा।