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Interpol: इंटरपोल महासचिव बोले, एजेंसी नहीं दे सकती वांछित आतंकियों की गिरफ्तारी या प्रत्यर्पण का निर्देश

Fri, 14 Oct 2022 09:15 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amit Mandal Updated Fri, 14 Oct 2022 09:15 PM IST
सार

भारतीय भगोड़ों को शरण देने वाले पाकिस्तान द्वारा इंटरपोल रेड नोटिस को नहीं मानने पर महासचिव ने कहा कि प्रत्येक सदस्य देश यह तय करता है कि वह रेड नोटिस को कितनी कानूनी मान्यता देता है। 

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'Cannot instruct' countries to arrest or extradite wanted criminals: Interpol Sec Gen Stock
interpol - फोटो : social media

विस्तार

इंटरपोल सदस्य देशों को वांछित आतंकवादियों के खिलाफ गिरफ्तारी या प्रत्यर्पण के लिए कार्रवाई करने का निर्देश नहीं दे सकता है, क्योंकि यह अधिकारियों के विशेष रूप से विवेक का मामला है। अंतरराष्ट्रीय पुलिस निकाय के महासचिव जुर्गन स्टॉक ने ये बात कही है। स्टॉक की टिप्पणियां इस मायने में महत्वपूर्ण हैं क्योंकि दाऊद इब्राहिम, मसूद अजहर, हाफिज सईद सहित भारत के कई मोस्ट वांटेड आतंकवादी पाकिस्तान में सुरक्षित ठिकाने में हैं, जिन्होंने इन नामित अपराधियों के खिलाफ भारत के रेड नोटिस के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की है।

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रेड नोटिस अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट नहीं
स्टॉक ने पीटीआई को दिए एक ईमेल साक्षात्कार में कहा कि कृपया ध्यान दें कि रेड नोटिस अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट नहीं है। यह दुनिया भर के कानून प्रवर्तन से अनुरोध है कि प्रत्यर्पण, आत्मसमर्पण या इसी तरह की कानूनी कार्रवाई के लिए आरोपी व्यक्ति का पता लगाया जाए और उसे अस्थायी रूप से गिरफ्तार किया जाए। कई नामित अपराधियों और भारतीय भगोड़ों को शरण देने वाले पाकिस्तान द्वारा इंटरपोल रेड नोटिस को नहीं मानने पर महासचिव ने कहा कि प्रत्येक सदस्य देश यह तय करता है कि वह रेड नोटिस को कितनी कानूनी मान्यता देता है। 
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दिल्ली में आयोजित होगी इंटरपोल महासभा 
स्टॉक 18 अक्टूबर को भारत द्वारा आयोजित 90वीं इंटरपोल महासभा में भाग लेने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में है जिसमें वित्तीय अपराधों और भ्रष्टाचार के प्रमुख पहलुओं पर चर्चा की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, पहले ही 1997 में महासभा का आयोजन करने के बाद भारत को भारतीय स्वतंत्रता की 75 वीं वर्षगांठ समारोह में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए वोट के जरिए आउट-ऑफ-टर्न मौका दिया गया है। गृह मंत्री अमित शाह ने इस संबंध में स्टॉक को एक प्रस्ताव दिया था जिन्होंने 2019 में अपनी भारत यात्रा के दौरान मंत्री से मुलाकात की थी।
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उन्होंने कहा कि महासभा इंटरपोल की सर्वोच्च निकाय है, जिसकी सालाना बैठक होती है और प्रत्येक सदस्य देश का प्रतिनिधित्व एक या कई प्रतिनिधियों द्वारा किया जाता है। इसमें आम तौर पर मंत्री, पुलिस प्रमुख, उनके इंटरपोल राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो के प्रमुख और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी होते हैं। स्टॉक ने यह भी कहा कि कई देश अपने खुद के नागरिकों का प्रत्यर्पण नहीं करते हैं और चूंकि रेड नोटिस का उद्देश्य किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण का अनुरोध करना होता है, अधिकारी आमतौर पर ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं करते हैं। हालांकि, देश के राष्ट्रीय कानून और अनुरोध करने वाले देश के साथ इसके समझौतों के आधार पर रेड नोटिस के आधार पर व्यक्ति की मौजूदगी की जगह स्थापित होने के बाद सहयोग हो सकता है। 

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